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दिल्ली की इन सीटों पर होता है रुपयों का लेनदेन, चुनाव आयोग मतदान से 72 घंटे पहले रखेगी नजर
Tue, 21 Jan 2020 03:00 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 21 Jan 2020 03:00 AM IST
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चुनाव आयोग (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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आठ फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। ऐसे में नेताजी के खर्चों पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपना लिया है। मतदान से 72 घंटे पहले आयोग दिल्ली की उन सीटों पर विशेष नजर रखेगा, जिन्हें सियासी गलियारों में कारोबारी सीटों के नाम से जाना जाता है। इन सीटों की संख्या आधा दर्जन से ज्यादा हैं।
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चांदनी चौक, सदर बाजार, लक्ष्मी नगर समेत कई विधानसभा सीटें हैं, जहां सबसे अधिक कारोबार होता है। इन क्षेत्रों में रुपये के लेनदेन को लेकर दिल्ली मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय (सीईओ) नजर रखे हुए है। सहायक खर्च पर्यवेक्षक, फ्लाइंग स्कवॉयड, स्टेटिक सर्विलांस, वीडियोग्राफी आदि टीमें तैनात की जाएंगी।
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बैंक खातों के अलावा कैश लेकर चलने तक की सीमा तय करने के बाद अब आयोग ने चुनावी खर्च के लिहाज से संवेदनशील इलाकों को चिह्नित कर रहा है। वर्ष 2013 और 2015 के विधानसभा चुनावों में मिली शिकायतों को ध्यान में रखते हुए आयोग की ओर से यहां टीमें तैनात की जा रही हैं।
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने ये भी बताया कि शिकायतों के अलावा आर्थिक और सामाजिक स्थिति के आधार पर भी खर्चीली सीटों को निशाने पर लिया है। इनके अलावा अति संवेदनशील सीटों पर भी दिल्ली पुलिस की खास टीम तैनात है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि पिछले दो विधानसभा चुनावों में काफी शिकायतें आयोग को मिली थीं। मतदाताओं को लुभाने के लिए हुई इन गतिविधियों को लेकर अब आयोग काफी अलर्ट है।
बीते लोकसभा चुनाव के दौरान भी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक जनसभा में इससे जुड़ा एक बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि रात के अंधेरे में छिपकर झुग्गी इलाकों में अगर कोई नेता रुपये बांटने आए तो ले लेना, लेकिन वोट मत देना।
नेताजी के साथ आम आदमी भी रहे सतर्क
नेताजी के अलावा आम आदमी भी सतर्क रहे। क्योंकि, वह भी आचार संहिता के दायरे में आता है। उसके खिलाफ भी आईपीसी और जनप्रतिनिधि अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। 50 हजार से ज्यादा कैश अगर किसी व्यक्ति के पास मिलता है तो उसका प्रमाण देना होगा। बैंक खाते से भी अगर ज्यादा लेनदेन हो रहा है तो उस पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। किसी दल के समर्थन में आपकी गाड़ी पर झंडा मिलता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इन दिनों घरों की दीवारों पर राजनैतिक पार्टियों के बैनर, पोस्टर चस्पा होने की शिकायतें आ रही हैं। इस पर भी घर के मालिक के खिलाफ शिकायत दर्ज की जा सकती है।
अब तक चुनाव आयोग ने लिया संज्ञान
-दिल्ली में 5,22,258 होर्डिंग, बैनर और पोस्टर हटाए गए।
-आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के तहत 117 एफआईआर दर्ज।
-आम आदमी पार्टी 8, कांग्रेस तीन और भाजपा पर एक मुकदमा।
-आप व कांग्रेस के खिलाफ दो, भाजपा के खिलाफ एक डीडी एंट्री।
-शस्त्र अधिनियम के तहत 183 एफआईआर दर्ज, 202 गिरफ्तार।
-बिना लाइसेंस के 212 हथियार और 303 कारतूस जब्त।
-आबकारी अधिनियम के तहत 488 एफआईआर दर्ज और 497 गिरफ्तार।
-अन्य विभिन्न धाराओं में 2433 और डीपी में 53,890 के खिलाफ कार्रवाई।
-वाहन, लाउडस्पीकर के दुरुपयोग के अलावा मतदाताओं को लालच देने वाले भी पकड़े।
-1,13,53, 920 रुपये की नकदी और 130.40 किलोग्राम नशीले पदार्थ जब्त