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आखिरकार कब सुधरेंगे गुड़गांव के पप्पू?
मलिक असगर हाशमी/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Mon, 10 Mar 2014 10:58 AM IST
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चुनाव और वोटिंग के प्रति गुड़गांव के लोगों में कुछ खास उत्साह नजर नहीं आ रहा। इसका ताजा प्रमाण यह है कि चुनाव से पहले यहां वोटर बनाने के चुनाव आयोग के टारगेट से लगभग 20 प्रतिशत मतदाता कम हैं।
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गुड़गांव संसदीय क्षेत्र में तीन जिले गुड़गांव, मेवात और रेवाड़ी की 9 विधानसभा सीटें आती हैं।
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चुनाव आयोग के अनुसार, इन इलाकों की आबादी करीब 40 लाख है। यहां कुल आबादी के करीब 68 प्रतिशत मतदाता होने चाहिए। इसके विपरीत यह तादाद 50 फीसदी से भी कम है।
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प्रशासन बैंकों के माध्यम से फार्म-6 वितरण का कार्य सोमवार से शुरू करने जा रहा है। इसके अलावा रविवार को बूथों पर विशेष तौर से बीएलओ ने बैठकर वोट बनवाए। इन तमाम प्रयासों के बावजूद लोगों ने वोटर आईडी बनवाने में खास दिलचस्पी नहीं दिखाई।
15 हजार युवा वोटर जुड़े
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फरवरी में नए वोटर बनाने के लिए करीब एक लाख फार्म-6 वितरण की योजना बनाई गई। इसके प्रति युवाओं में दिलचस्पी जगाने के लिए जगह-जगह कार्यक्रम आयोजित किए गए। कॉलेजों के माध्यम से साइकिल रैलियां निकाली गईं। तमाम प्रयासों के बावजूद मात्र 45 हजार ही फार्म वितरित हो सके। इसमें सिर्फ 15 हजार युवाओं ने वोट बनवाने में दिलचस्पी दिखाई।