AAP के मामले में चुनाव आयोग ने दी सफाई
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आम आदमी पार्टी (आप) को मान्यता देने में कोई जल्दबाजी या गलती नहीं की गई है। पार्टी ने इस संबंध में सभी औपचारिकताएं पूरी की थीं।
यह जानकारी शुक्रवार को चुनाव आयोग ने हाईकोर्ट को दी। हाईकोर्ट में 'आप' को मान्यता दिये जाने को चुनौती संबंधी मामला विचाराधीन है।
इस संबंध में दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग ने हलफनामा पेश कर कोर्ट को यह जानकारी दी। चुनाव आयोग में फर्जी दस्तावेज पेश करने का आरोप लगाते हुए पार्टी का पंजीकरण रद्द करने की मांग की गई थी।
AAP के खिलाफ लगाया आरोप
मुख्य न्यायमूर्ति जी रोहिणी की खंडपीठ के समक्ष पेश हलफनामे में चुनाव आयोग ने कहा कि 'आप' का पंजीकरण सभी औपचारिकताओं व नियमों को पूर्ण करने के बाद किया है।
चुनाव आयोग के सचिव आशीष चक्रवर्ती द्वारा पेश हलफनामे में कहा गया है कि इस मामले में कोई गफलत या जल्दबाजी नहीं की गई है।
चुनाव आयोग ने हलफनामे में कहा कि हालांकि हंस राज जैन ने 'आप' के खिलाफ आरोप लगाए हैं लेकिन उसने इसमें पार्टी को प्रतिवादी नहीं बनाया है।
कोर्ट ने दिया निर्देश
आयोग ने बताया कि पार्टी का पंजीकरण के संबंध में किसी कानूनी प्रावधान को उल्लंघन नहीं किया गया है। इसलिए इस याचिका को खारिज कर दी जाए।
खंडपीठ ने चुनाव आयोग को हलफनामा कोर्ट रजिस्ट्री में जमा कराने का निर्देश देते हुए याचिक पर सुनवाई के लिए तीस जुलाई की तारीख तय की है।
हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर 'आप' के पंजीकरण संबंधी पूरा विवरण पेश करने का निर्देश दिया था।