अधेड़ मरीज की मौत के बाद परिजनों ने किया बवाल
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बेड खाली न होने की बात कहते हुए निजी अस्पताल ने अधेड़ मरीज को लेने से मना कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने सेक्टर-24 ईएसआई अस्पताल में शनिवार को हंगामा किया।
उन्होंने वार्ड का गेट उखाड़कर शीशा तोड़ दिया। मौके पर पुलिस ने परिजनों को समझाबुझाकर शांत कराया। सेक्टर-63 निवासी सत्यवीर सिंह (57) को कुछ दिनों पहले ईएसआई अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
दूसरी मंजिल स्थित हड्डी वार्ड में शनिवार सुबह करीब छह बजे उनकी मौत हो गई। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा किया।
परिजनों का आरोप है कि मरीज की हालत बिगड़ते देख शुक्रवार रात डॉक्टर ने उसे टाइअप अस्पताल में रेफर कर दिया था, लेकिन अस्पताल तक ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली।
फ्रेक्चर से मौत नहीं है सभव
ऐसे में गंभीर हालत में मरीज की मौत हो गई। इस संबंध में चिकित्सा निदेशक डॉ. नीलिमा ने बताया कि मरीज की कूल्हे की हड्डी में फ्रेक्चर था। निजी अस्पताल में ठीक न होने से परिजन उसे ईएसआई लेकर आए थे।
हड्डी रोग विशेषज्ञ से मरीज के मामले में बात हुई है। उनका कहना है कि मरीज की हालत अचानक बिगड़ी, जिसका कारण पता नहीं लग पाया है। कूल्हे में फ्रेक्चर से रोगी की मौत संभव नहीं है।
मरीज को निजी अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन अस्पताल ने जगह न होने की बात कहते हुए उसे भर्ती करने से मना कर दिया था। मामले की जांच कराई जाएगी।
10 सितंबर को मरीजों और परिजनों ने डॉक्टरों की हड़ताल से नाराज होकर हंगामा और तोड़फोड़ की थी। दादरी निवासी डेंगू रोगी भोली देवी की मौत से गुस्साए परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीएमओ के हाथ-पैर तोड़ दिए थे। विरोध में डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे।