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नर्सों की हड़ताल का असर: अस्पताल से जबरदस्ती डिस्चार्ज किए जा रहे हैं मरीज
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Sun, 04 Sep 2016 09:46 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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बुखार के मरीजों से शहर के अस्पताल फुल चल रहे हैं। ऊपर से नर्सों की हड़ताल से अस्पतालों की स्थिति चरमरा गई है। जिला अस्पताल में सीनियर नर्सों की हड़ताल की वजह से अस्पताल के सामने बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है।
दरअसल, सीनियर नर्स ही भर्ती मरीजों को देने वाली दवाइयों का रेकॉर्ड और स्टोर रूम संभालती थी। उन्हें ग्लुकोज से लेकर सभी दवाइयों की जानकारी रहती थी। इसका नतीजा ये हो रहा है कि मरीज की थोड़ी सी तबीयत ठीक होते ही तुरंत मरीज को डिस्चार्ज किया जा रहा है।
अगले दिन वो मरीज फिर से जिला अस्पताल में इलाज के लिए आ रहा है। शुक्रवार को जिला अस्पताल से 75 से 80 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया था, जबकि शनिवार को ये आंकड़ा 121 से ऊपर पहुंच गया।
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इस वजह से मरीज अस्पताल में लड़ाई भी कर रहे हैं। अस्पताल प्रबंधक का कहना है कि गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा सके, इसके लिए मरीजों की हालत ठीक होने पर डिस्चार्ज किया जा रहा है।
निशुल्क एंबुलेंस सेवा का हाल
मेरी मां की तबीयत बहुत खराब थी। अस्पताल लाने के लिए मैंने 108 एंबुलेंस के लिए कॉल सेंटर पर फोन किया। लेकिन ड्राइवर ने ये कहकर आने से मना कर दिया कि उसको आने में टाइम लगेगा। वो खुद चले जाएं।-प्रवेश द्विवेदी
24 मरीजों में मिला चिकनगुनिया , दिल्ली ने दिया जांच का निर्देश
जिले के अपोलो अस्पताल ने 24 चिकनगुनिया के मरीजों की पुष्टि की है। अस्पताल प्रबंधक ने इसकी रिपोर्ट दिल्ली भेजी है। इतनी बड़ी संख्या में चिकनगुनिया के मरीज आने पर दिल्ली से अब स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट भेजकर जांच के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ डॉक्टर विजय दीपक वर्मा ने बताया कि अपोलो अस्पताल की तरफ से 24 मरीजों में चिकनगुनिया की पुष्टि की गई थी। दिल्ली एनवीबीडीटीपी (नेशनल वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम) इसकी रिपोर्ट भेजी गई थी। अब हम लोग अस्पताल से रिपोर्ट मंगाकर जांच करेंगे।
जिला में भी एक चिकनगुनिया के मरीज की पुष्टि
जिला अस्पताल में भी एक मरीज में चिकनगुनिया की पुष्टि हुई है। जिला अस्पताल के पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर एचएम लावानिया ने बताया कि 48 सैंपल जांच के लिए आए थे, जिसमें से 1 मरीज में चिकनगुनिया की पुष्टि हुई है। अब तक अस्पताल में 3 मरीजों में चिकनगुनिया की पुष्टि हो चुकी है।
सीएमओ ने ईएसआई अस्पताल का किया दौरा
नर्सों की हड़ताल की वजह से ईएसआई अस्पताल की हालात बिगड़ गए हैं। हड़ताल पर बैठी करीब 100 नर्स शनिवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन के लिए पहुंची। अस्पताल का जायजा लेने के लिए सीएमओ भी ईएसआई अस्पताल पहुंचे। जहां पर उन्हाेंने पूरी स्थिति का जायजा लिया। सीएमओ ने बताया कि नर्सों के हड़ताल पर जाने की वजह से अस्पताल में थोड़ी दिक्कत हो रही है। लेकिन अस्पताल प्रशासन उसे संभालने की कोशिश कर रहा है। इसके साथ ही अस्पताल को रिपोर्ट देने को कहा है।
लगभग खून हुआ खत्म
जिला अस्पताल में नेगेटिव ब्लड ग्रुप का खून खत्म हो चुका है। ए, बी, ओ और एबी नेगेटिव ब्लड ग्रुप भी नहीं है। ए पॉजिटिव ब्लड भी खत्म हो चुका है। एबी पॉजिटिव भी एक यूनिट ब्लड ही बचा हुआ है। इसके अलावा बी पॉजिटिव 11 यूनिटी, ओ पॉजिटिव 10 यूनिटी बचा हुआ है। ऐसे में अगर किसी मरीज को नेगेटिव ब्लड ग्रुप की जरूरत पड़ेगी तो मरीज को दिक्कत हो जाएगी।
कैंप में 480 लोगों ने कराई जांच
सर्फाबाद में चल रहे कैंप में शनिवार को 300 मरीज जांच कराने के लिए पहुंचे और 11 मरीजों के सैंपल जांच के लिए लिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है धीरे - धीरे सर्फाबाद की स्थिति में सुधार हो रहा है। अब मरीजों की संख्या में बहुत कमी आ गई है।
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दरअसल, सीनियर नर्स ही भर्ती मरीजों को देने वाली दवाइयों का रेकॉर्ड और स्टोर रूम संभालती थी। उन्हें ग्लुकोज से लेकर सभी दवाइयों की जानकारी रहती थी। इसका नतीजा ये हो रहा है कि मरीज की थोड़ी सी तबीयत ठीक होते ही तुरंत मरीज को डिस्चार्ज किया जा रहा है।
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अगले दिन वो मरीज फिर से जिला अस्पताल में इलाज के लिए आ रहा है। शुक्रवार को जिला अस्पताल से 75 से 80 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया था, जबकि शनिवार को ये आंकड़ा 121 से ऊपर पहुंच गया।
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इस वजह से मरीज अस्पताल में लड़ाई भी कर रहे हैं। अस्पताल प्रबंधक का कहना है कि गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा सके, इसके लिए मरीजों की हालत ठीक होने पर डिस्चार्ज किया जा रहा है।
निशुल्क एंबुलेंस सेवा का हाल
मेरी मां की तबीयत बहुत खराब थी। अस्पताल लाने के लिए मैंने 108 एंबुलेंस के लिए कॉल सेंटर पर फोन किया। लेकिन ड्राइवर ने ये कहकर आने से मना कर दिया कि उसको आने में टाइम लगेगा। वो खुद चले जाएं।-प्रवेश द्विवेदी
24 मरीजों में मिला चिकनगुनिया , दिल्ली ने दिया जांच का निर्देश
जिले के अपोलो अस्पताल ने 24 चिकनगुनिया के मरीजों की पुष्टि की है। अस्पताल प्रबंधक ने इसकी रिपोर्ट दिल्ली भेजी है। इतनी बड़ी संख्या में चिकनगुनिया के मरीज आने पर दिल्ली से अब स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट भेजकर जांच के निर्देश दिए गए हैं।
सीएमओ डॉक्टर विजय दीपक वर्मा ने बताया कि अपोलो अस्पताल की तरफ से 24 मरीजों में चिकनगुनिया की पुष्टि की गई थी। दिल्ली एनवीबीडीटीपी (नेशनल वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम) इसकी रिपोर्ट भेजी गई थी। अब हम लोग अस्पताल से रिपोर्ट मंगाकर जांच करेंगे।
जिला में भी एक चिकनगुनिया के मरीज की पुष्टि
जिला अस्पताल में भी एक मरीज में चिकनगुनिया की पुष्टि हुई है। जिला अस्पताल के पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर एचएम लावानिया ने बताया कि 48 सैंपल जांच के लिए आए थे, जिसमें से 1 मरीज में चिकनगुनिया की पुष्टि हुई है। अब तक अस्पताल में 3 मरीजों में चिकनगुनिया की पुष्टि हो चुकी है।
सीएमओ ने ईएसआई अस्पताल का किया दौरा
नर्सों की हड़ताल की वजह से ईएसआई अस्पताल की हालात बिगड़ गए हैं। हड़ताल पर बैठी करीब 100 नर्स शनिवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन के लिए पहुंची। अस्पताल का जायजा लेने के लिए सीएमओ भी ईएसआई अस्पताल पहुंचे। जहां पर उन्हाेंने पूरी स्थिति का जायजा लिया। सीएमओ ने बताया कि नर्सों के हड़ताल पर जाने की वजह से अस्पताल में थोड़ी दिक्कत हो रही है। लेकिन अस्पताल प्रशासन उसे संभालने की कोशिश कर रहा है। इसके साथ ही अस्पताल को रिपोर्ट देने को कहा है।
लगभग खून हुआ खत्म
जिला अस्पताल में नेगेटिव ब्लड ग्रुप का खून खत्म हो चुका है। ए, बी, ओ और एबी नेगेटिव ब्लड ग्रुप भी नहीं है। ए पॉजिटिव ब्लड भी खत्म हो चुका है। एबी पॉजिटिव भी एक यूनिट ब्लड ही बचा हुआ है। इसके अलावा बी पॉजिटिव 11 यूनिटी, ओ पॉजिटिव 10 यूनिटी बचा हुआ है। ऐसे में अगर किसी मरीज को नेगेटिव ब्लड ग्रुप की जरूरत पड़ेगी तो मरीज को दिक्कत हो जाएगी।
कैंप में 480 लोगों ने कराई जांच
सर्फाबाद में चल रहे कैंप में शनिवार को 300 मरीज जांच कराने के लिए पहुंचे और 11 मरीजों के सैंपल जांच के लिए लिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है धीरे - धीरे सर्फाबाद की स्थिति में सुधार हो रहा है। अब मरीजों की संख्या में बहुत कमी आ गई है।