ठंड के बीच घने कोहरे ने बढ़ाई मुसीबत: 250 से अधिक विमान पर दिखा असर; 100 से अधिक ट्रेन हुई लेटलतीफी का शिकार
जनवरी के महीने में ना तो ठंड कम होने का नाम ले रही है और ना ही कोहरा। देर रात से ही एयरपोर्ट का रनवे और रेलवे ट्रैक धुंध की चादर में लिपट जा रही है। लिहाजा विमान और ट्रेन की चाल भी ठिठक रही है। मंगलवार को सबसे अधिक प्रभाव उड़ानों पर देखने को मिला।
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उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड के बीच घने कोहरे ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। सुबह से ही धुंध की आवाजाही ने विमान और ट्रेनों की चाल बिगाड़ दी। घने कोहरे की वजह से देश के कई हिस्सों में कुछ उड़ानों को रद्द करना पड़ा तो 250 से अधिक विमानों को परिवर्तित समय से चलाने की मजबूरी बन गई। ट्रेन संचालन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। दिल्ली आने-जाने वाली 100 से अधिक ट्रेनें देरी से चलीं। इनमे लंबी दूरी की ज्यादातर ट्रेन दो से छह घंटे की देरी से चली। इस वजह से मुसाफिरों को भी परेशान होना पड़ा।
जनवरी के महीने में ना तो ठंड कम होने का नाम ले रही है और ना ही कोहरा। देर रात से ही एयरपोर्ट का रनवे और रेलवे ट्रैक धुंध की चादर में लिपट जा रही है। लिहाजा विमान और ट्रेन की चाल भी ठिठक रही है। मंगलवार को सबसे अधिक प्रभाव उड़ानों पर देखने को मिला। दिल्ली आने वाली 110 उड़ान देरी से संचालित हुई तो रनवे से उड़ान भरने वाले 69 से अधिक विमान लेटलतीफी का शिकार हुए। घरेलू ही नहीं अंतरराष्ट्रीय विमानों पर भी इसका असर स्पष्ट दिखा। दिल्ली एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले 25 विमान प्रभावित हुए। वहीं 20 आने वाले विमानों को काफी मशक्कत से रनवे पर उतारने की मजबूरी रही। हालांकि देर रात से ही एयरपोर्ट पर दृश्यता घटने के साथ ही लो विजिबिलिटी प्रोसीजर यानी कृत्रिम लाइट के माध्यम से विमानों की आवाजाही कराई गई। दृश्यकता घटने की स्थिति में कैट थ्री ट्रेंड पॉयलटों का भी ऑटोमेटेड लैंडिंग की अनुमति दी जा रही थी।
उधर, रेलवे ट्रैक पर सोमवार देर रात से मंगलवार की सुबह तक ट्रेनों की रफ्तार काफी धीमी रही। इस वजह से 100 से अधिक ट्रेन अपने-अपने गंतव्य तक देरी से पहुंची। अजमेर-श्रीमाता वैष्णव देवी एक्सप्रेस 10 घंटे लेट हुई वहीं जम्मूतवी-अजमेर 11 घंटे। इसी तरह पुरी-नई दिल्ली 6 घंटे, कानपुर-नई दिल्ली 4 घंटे, प्रयागराज-नई दिल्ली 5 घंटे, भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी 4 घंटे की देरी से चली। इसके अलावा सप्तक्रांति, सत्याग्रह, वैशाली, पूर्वा, दरभंगा-नई दिल्ली, अहमदाबाद-दिल्ली समेत कई ट्रेन प्रभावित हुई्र। 22 से अधिक ट्रेनों के देरी से पहुंचने की वजह से वापसी दिशा के लिए परिवर्तित समय से रवानगी की गई। ऐसे में रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट पर यात्रियों को परेशान होना पड़ा।
रेवाड़ी-रोहतक के बीच चलेगी अनारक्षित स्पेशल रेलयात्रियो की सुविधा को ध्यान में रख रेलवे ने रेवाड़ी-रोहतक के बीच अनारक्षित स्पेशल रेलगाड़ी चलाने का निर्णय लिया है। रेलगाड़ी संख्या 09617/ 09618 रेवाड़ी-रोहतक-रेवाड़ी अनारक्षित स्पेशल 164 फेरे लगाएगी। 09617 रेवाड़ी-रोहतक स्पेशल रेलगाड़ी 10 जनवरी से 31 मार्च तक रेवाड़ी से रात्रि 11:55 बजे चलेगी और देर रात 1:30 बजे रोहतक पहुंचेगी। वापसी दिशा में रेलगाड़ी संख्या 09618 रोहतक- रेवाड़ी स्पेशल 11 जनवरी से 1 अप्रैल तक रोहतक से देर रात 2:35 बजे चलेगी और तड़के 4:15 बजे रेवाड़ी पहुंचेगी। सामान्य श्रेणी के डिब्बों वाली यह स्पेशल रेलगाड़ी मार्ग में गोकलगढ़, पाल्हावास, मछरौली, झज्जर, दीघल और अबोहर स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में रुकेगी।