'उसने मुझे थप्पड़ मारा और मेरी सलवार फाड़ दी'
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उसके चेहरे पर काटने के निशान हैं, उसका मुंह भी सूजा हुआ है और उसका एक होठ भी काटा गया है। उसकी एक आंख भी बहुत लाल है और उसका एक हाथ भी घायल है।
उसके दो बच्चे जिनकी उम्र नौ और दस साल है, ये बात जानते हैं कि उनकी मां के साथ कोई दुर्घटना हुई है। मां दोनों को मेट्रो स्टेशन से फोन करके रात के खाने में कुछ अच्छा बनाने का वादा किया था।
जब रोज की तरह मां अपने समय पर घर नहीं पहुंची तो दोनों ही बहुत परेशान हो गए। लेकिन वो कुछ नहीं कर सकते थे। क्योंकि वह भी अपने मां जितने ही असहाय थे।
....और उसने फाड़ दी मेरी सलवार
'मैं मदद के लिए जोर-जोर से चीख रही थी और उसने मेरे मुंह पर जोर से हाथ रख कर मेरी आवाज तबा दी। फिर मेरा मुंह पकड़े-पकड़े उसने मेरी सलवार फाड़ दी।'
वह बीते बृहस्पतिवार की रात से ही लगातार दहशत में है। उस कैब ड्राइवर ने उसके साथ हैवानों जैसा बर्ताव किया था। हम बात कर रहे हैं बृहस्पतिवार की देर रात को द्वारका में एक टैक्सी में हुई रेप की शिकार महिला की। जिसने उस भयानक रात का ब्यौरा खुद दिया।
पीड़िता ने बताया कि, 'जब मैंने अपने बॉस को फोन करने की कोशिश की तो ड्राइवर ने मेरा फोन उठाकर टैक्सी की खिड़की से बाहर फेंक दिया। वह मुझे थप्पड़ पर थप्पड़ मारने लगा क्योंकि मैं मदद के लिए पुकार रही थी। वो मुझे लगातार काटता रहा।'
'मुझे लगा मैं मर जाऊंगी'
महिला ने टैक्सी ड्राइवर की हैवानियत का किस्सा सुनाते हुए कहा कि, 'मेरा मुंह सूज गया है और आप मेरे होठ पर कटे का निशान देख सकते हैं। यहां तक कि उसने मुझे पुलिस को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। मैं बहुत डर गई थी, मुझे लगा मैं मर जाऊंगी।'
पीड़ित महिला के लिए बृहस्पतिवार की वो भयानक रात तब तक सामान्य थी जब तक उसकी टैक्सी द्वारका के उस सुनसान इलाके में नहीं पहुंची थी।
वो द्वारका मोड़ स्टेशन से बाहर आ चुकी थी और रोज की तरह एक शेयर टैक्सी में बैठ गई। अपने 12 साल के जॉब के दौरान वो घर आने-जाने के लिए शेयर टैक्सी ही इस्तेमाल करती रही है। पीड़िता कहती है कि उसके साथ इन 12 सालों में आज तक ऐसा कुछ नहीं हुआ।
'सीएनजी चेक करते-करते मेरे ऊपर कूद पड़ा'
शेयर टैक्सी ड्राइवर ने उसके घर मधुविहार तक के लिए 10 रुपए मांगे थे। जिस वक्त वो टैक्सी में बैठी उसके अलावा केवल एक अन्य यात्री था। वह भी राजापुरी में उतर गया था।
जब वो यात्री राजापुरी में उतरा तो ड्राइवर ने कुछ दूर तक टैक्सी चलाई फिर अचानक से एक सूनसान और अंधेरी जगह पर टैक्सी रोक दी। जब पीड़िता ने उससे टैक्सी रोकने का कारण पूछा तो वह बोला कि वो सीएनजी चेक करेगा।
लेकिन ऐसा नहीं हुआ, उसने पीछे का दरवाजा खोला और पीड़िता के ऊपर झपट पड़ा। महिला कहती है कि भला हो उस रास्ते से गुजरने वाले व्यक्ति का जिसने महिला की चीख सुनकर पुलिस को खबर की और पुलिस समय से वहां पहुंच गई।
'मैं रात में अकेले निकलने का आत्मविश्वास खो चुकी हूं'
महिला कहती है कि अगर समय पर पुलिस नहीं आती तो शायद उस दिन वह नहीं बचती। उसे अब भी यकीन नहीं हो रहा कि ये सब बीत चुका है। वह कहती है कि, 'मुझे नहीं पता कि मैं अपने भाग्य को कोसूं या सुरक्षित वापस आने के लिए उसका धन्यवाद करूं।'
दो बच्चों का अकेले लालन-पालन कर रही इस मां को वापस अपने काम पर जाना ही पड़ेगा। लेकिन अकेले यात्रा करने का खयाल ही उसके रोंगटे खड़े कर देता है।
वह कहती है कि, 'मुझे डर है कि कोई ड्राइवर फिर से मुझपर हमला कर देगा। मैंने अपना आत्मविश्वास खो दिया है। अब मैं रात में अकेले यात्रा नहीं कर सकती। मुझे नहीं पता मैं आगे काम कैसे करूंगी।'
पीड़िता पूरे वाकये से सहमे होने के साथ ही बहुत गुस्से में भी है। वह चाहती है कि उस टैक्सी ड्राइवर को कड़ी से कड़ी सजा मिले।