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...तो जल्द बदलने वाली है आपके शहर की तस्वीर
मलिक असगर हाशमी/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sun, 02 Mar 2014 03:06 PM IST
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शिक्षा को लेकर हमेशा आलोचना झेलने वाले हरियाणा के मेवात की तस्वीर बदलने वाली है।
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एक तरफ जहां पांच मार्च को नूंह में मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी हैदराबाद के सेटेलाइट कैंपस की मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा आधारशिला रखेंगे, वहीं इससे एक दिन पहले फरीदाबाद के मेवात क्षेत्र के धौज स्थित अल फलाह इंजीनियरिंग कॉलेज को यूनिवर्सिटी का दर्जा देने की तैयारी है।
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इसको लेकर हरियाणा विधानसभा में चार मार्च को वोटिंग होगी। मेवात के शिक्षा के स्तर को लेकर हमेशा आलोचना होती रही है। पूरे हरियाणा में साक्षरता दर सबसे नीचे इसी क्षेत्र में है। यहां तक कि मेवात में उच्च शिक्षा का प्रबंध नहीं होने से यहां के युवाओं को दूसरे शहरों में धक्के खाने पड़ते हैं।
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लेकिन यह तस्वीर बदलने जा रही है। नूंह के विधायक एवं परिवहन मंत्री आफताब अहमद की मानें तो नूंह में वक्फ बोर्ड द्वारा संचालित इंजीनियरिंग कॉलेज को जहां यूनिवर्सिटी का दर्जा दिलाने की पहल शुरू हो गई है, वहीं फरीदाबाद काअल फलाह इंजीनियरिंग कॉलेज जल्द ही यूनिवर्सिटी का रूप लेने वाला है।
29 अप्रैल को इसकी सिफारिशें कैबिनेट में रखी जा चुकी हैं। इस पर चार मार्च को बहस होनी है। अल फलाह इंजीनियरिंग कॉलेज के चेयरपर्सन जव्वाद सिद्दी का कहना है कि वह इसे यूनिवर्सिटी का दर्जा देने को पिछले सात सालों से मशक्कत कर रहे हैं।
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इस क्रम में पांच पर कैंपस का इंस्पेक्शन हो चुका है। अब तक कोई त्रुटि नहीं पाई गई। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि कैबिनेट में कॉलेज के हक में फैसला आएगा।
उधर, मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (मानू) हैदराबाद के सेटेलाइट कैंपस का पांच मार्च को नूंह में आधारशिला रखी जाएगी। इसके लिए आयोजित समारोह को लेकर शनिवार देर शाम गुड़गांव के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में परिवहन मंत्री आफताब अहमद, यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर मोहम्मद मियां के बीच विचार विमर्श हुआ।
सैटेलाइट कैंपस का निर्माण 17.5 एकड़ भूमि में किया जाएगा, जहां पॉलिटेक्निक, कॉलेज ऑफ टीचिंग एजुकेशन, प्रोफेशनल व वोकेशनल कोर्सेज, आईटीआई, हॉस्टल, कैंटीन की सुविधा होगी। सब कुछ ठीक रहा तो अगले 10 वर्षों में इसे फुल फ्लेज यूनिवर्सिटी का दर्जा दे दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि टीचिंग एजुकेशन को छोड़कर बाकी कोर्स इसी सत्र से शुरू कर दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में नूंह में मॉडल स्कूल चलाया जा रहा है जहां 8वीं कक्षा तक के बच्चों को उर्दू की शिक्षा दी जाती है। इसकी शुरुआत वर्ष 2009 में हुई थी।