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Delhi: गुरुग्राम में यूनिटेक के 245 करोड़ के प्लॉटों को ईडी ने कब्जे में लिया, त्रिकार समूह के हैं भूखंड
Tue, 28 Mar 2023 08:04 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 28 Mar 2023 08:04 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रियल्टी फर्म यूनिटेक और उसके प्रमोटरों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में गुरुग्राम में 245 करोड़ रुपये कीमत के 15 भूमिखंडों को अपने कब्जे में लिया है।
जांच एजेंसी ने सोमवार को एक बयान में कहा कि भूखंड त्रिकार समूह के हैं जो यूनिटेक का एक बेनामी समूह है। ईडी ने पहले इन अचल संपत्तियों को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत अटैच किया था और पीएमएलए के न्यायनिर्णयन प्राधिकरण की ओर से इसकी पुष्टि के बाद एजेंसी ने अब इन भूमिखंडों का ‘भौतिक कब्जा’ ले लिया है।
यूनिटेक समूह, उसके प्रवर्तक भाइयों संजय चंद्रा और अजय चंद्रा तथा उनके परिवार व अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की ओर से दर्ज कई एफआईआर पर आधारित है।
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एजेंसी ने इस मामले में चंद्रा बंधुओं, रमेश चंद्र (उनके पिता और यूनिटेक के संस्थापक), प्रीति चंद्रा (संजय चंद्रा की पत्नी), राजेश मलिक (आरोपी कंपनी कार्नौस्टी ग्रुप के प्रमोटर) को गिरफ्तार किया था।
ईडी ने इस मामले में कुल 1,132.55 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच करने और दो आरोपपत्र दाखिल करने के अलावा 45 छापे मारे थे। अटैच की गई संपत्ति में कार्नौस्टी समूह, शिवालिक समूह, त्रिकार समूह और शेल, बेनामी और चंद्राओं की निजी कंपनियों आदि शामिल हैं।
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जांच एजेंसी ने सोमवार को एक बयान में कहा कि भूखंड त्रिकार समूह के हैं जो यूनिटेक का एक बेनामी समूह है। ईडी ने पहले इन अचल संपत्तियों को धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धाराओं के तहत अटैच किया था और पीएमएलए के न्यायनिर्णयन प्राधिकरण की ओर से इसकी पुष्टि के बाद एजेंसी ने अब इन भूमिखंडों का ‘भौतिक कब्जा’ ले लिया है।
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यूनिटेक समूह, उसके प्रवर्तक भाइयों संजय चंद्रा और अजय चंद्रा तथा उनके परिवार व अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की ओर से दर्ज कई एफआईआर पर आधारित है।
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एजेंसी ने इस मामले में चंद्रा बंधुओं, रमेश चंद्र (उनके पिता और यूनिटेक के संस्थापक), प्रीति चंद्रा (संजय चंद्रा की पत्नी), राजेश मलिक (आरोपी कंपनी कार्नौस्टी ग्रुप के प्रमोटर) को गिरफ्तार किया था।
ईडी ने इस मामले में कुल 1,132.55 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच करने और दो आरोपपत्र दाखिल करने के अलावा 45 छापे मारे थे। अटैच की गई संपत्ति में कार्नौस्टी समूह, शिवालिक समूह, त्रिकार समूह और शेल, बेनामी और चंद्राओं की निजी कंपनियों आदि शामिल हैं।