शराब घोटाला मामला: ईडी ने दाखिल की 224 पन्नों की सप्लीमेंट्री चार्जशीट, सीएम केजरीवाल का नहीं है नाम
शराब घोटाला मामले में जहां ेक तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अंतरिम जमानत मिल गई। वहीं दूसरी तरफ ईडी ने कोर्ट में आज सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की।
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आरोप पत्र में के कविता का नाम
प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बीआरएस नेता के कविता और अन्य के खिलाफ एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। इस 224 पन्नों की चार्जशीट में के कविता और अन्य लोगों के नाम हैं। लेकिन अरविंद केजरीवाल का नाम नहीं है। शराब घोटाला मामले में यह ईडी की छठी सप्लीमेंट्री चार्जशीट है।
Enforcement Directorate files a supplementary prosecution complaint (chargesheet) against BRS leader K Kavitha and others in the Excise Policy money laundering case in Delhi's Rouse Avenue Court.
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This chargesheet has been filed against BRS Leader K Kavitha and others containing… — ANI (@ANI) May 10, 2024
इससे पहले अप्रैल में ईडी ने पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था। डी ने लगभग दो हजार पन्नों के अपने आरोपपत्र में गवाहों और आरोपितों के बयान के साथ-साथ ई-मेल और अन्य डाटा को भी शामिल किया है।
ईडी ने दाखिल पूरक आरोप पत्र में तीन व्यक्ति राघव मगुंटा, राजेश जोशी व गौतम मल्होत्रा के अलावा उनसे जुड़ी पांच कंपनियों को आरोपी बनाया था। इसमें भी पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का नाम नहीं था। इस दौरान विशेष लोक अभियोजक नवीन मट्टा ने अदालत को सूचित किया कि सीआईआर (एफआईआर का ईडी संस्करण) में नामित अभियुक्तों और विभिन्न आरोपों में अन्य व्यक्तियों की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
केजरीवाल को मिली अंतरिम जमानत
दिल्ली एक्साइज पॉलिसी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी की जांच का सामना कर रहे केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने एक जून तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी है। जमानत से उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है।
दिल्ली शराब नीति अनियमितता मामले की जांच कर रही दोनों एजेंसियां सीबीआई और ईडी अब तक 15 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी और छह आरोप-पत्र दायर कर चुकी हैं। गिरफ्तार होने वालों में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, विजय नायर, के. कविता, मगुंटा श्रीनिवास रेड्डी, राघव मंगुटा, समीर महेंद्रू, अरुण रामचंद्रन, राजेश जोशी, गोरन्तला बुचिबाबू, अमित अरोड़ा, गौतम मल्होत्रा, अरुण पिल्लई, बेनॉय बाबू (फ्रांसीसी शराब कंपनी पर्नोड रिकार्ड के महाप्रबंधक), पी. सरथ चंद्र रेड्डी, अरबिंदो फार्मा के पूर्णकालिक निदेशक और प्रमोटर, व्यवसायी अमनदीप धाल और व्यवसायी अभिषेक बोइनपल्ली शामिल हैं। इसमें से संजय सिंह कई आरोपियों को जमानत मिल गई है जबकि कुछ सरकारी गवाह भी बन गए हैं। अरविंद केजरीवाल को 10 मई को अंतरिम जमानत मिली है।
जानें क्या था शराब घोटाला
कोरोना काल के बीच दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने 'दिल्ली आबकारी नीति 2021-22' लागू की थी। इस शराब नीति के कार्यान्वयन में कथित अनियमितता की शिकायतें आईं जिसके बाद उपराज्यपाल ने सीबीआई जांच की सिफारिश की। इसके साथ ही दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 सवालों के घेरे में आ गई। हालांकि, नई शराब नीति को बाद में इसे बनाने और इसके कार्यान्वयन में अनियमितताओं के आरोपों के बीच रद्द कर दिया गया था।