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बहाना है बीमारी?: ईडी ने कहा- अस्पताल में सत्येंद्र जैन के कमरे में गए तो ऐसा था नजारा, पत्नी भी मौजूद थीं

Tue, 26 Jul 2022 07:22 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार Updated Tue, 26 Jul 2022 07:22 PM IST
सार

जैन को 30 मई को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया था। उन्हें पहले पुलिस हिरासत में और उसके बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। ईडी ने इससे पहले जैन के परिवार की 4.81 करोड़ रुपये की संपत्ति और उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत उनके लाभदायक स्वामित्व वाली और नियंत्रित कंपनियों की संपत्ति कुर्क की थी।

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ED filed petition in High Court seeking medical examination of Satyendra Jain in these hospitals
सत्येंद्र जैन का सोशल मीडिया पर वायरल फोटो - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पश्चिम बंगाल की तर्ज पर प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन की एम्स, आरएमएल या सफदरजंग अस्पताल जैसे अस्पतालों में चिकित्सकीय जांच कराने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। जैन वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा संचालित लोक नायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में भर्ती हैं। ईडी ने तर्क रखा है कि जैन स्वस्थ हैं और बीमारी का बहाना करके अस्पताल में भर्ती हैं। इसमें अस्पताल प्रशासन उनकी सहायता कर रहा है।

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न्यायमूर्ति योगेश खन्ना के समक्ष ईडी द्वारा दायर आवेदन में जैन को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल, या सफदरजंग अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग करते हुए, ईडी ने तर्क रखा कि उनके स्वास्थ्य के स्वतंत्र मूल्यांकन की आवश्यकता है क्योंकि वे स्वस्थ्य हैं।

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जांच एजेंसी ने दावा किया कि 27 जून को मामले के जांच अधिकारी (आईओ) एलएनजेपी अस्पताल गए जहां उन्होंने पाया कि जैन मरीज के बिस्तर पर बिना किसी परेशानी के सो रहे थे और यहां तक कि मल्टीपारा रोगी मॉनिटर भी बंद किया गया था। किसी भी चिकित्सा उपकरण से उनकी निगरानी नहीं की जा रही थी और उनकी पत्नी कमरे में मौजूद थीं। जब आईओ कमरे में पहुंचे तो प्रतिवादी ने तुरंत ऑक्सीजन मास्क पहना, बीपी उपकरण बेल्ट, और मॉनिटर चालू किया। तथ्य यह है कि प्रथम दृष्टया प्रतिवादी की स्थिति ऐसी नहीं है कि उसे अस्पताल में भर्ती किया जा सके।

ईडी ने इस मुद्दे को लेकर निचली अदालत के समक्ष भी आवेदन दायर किया था लेकिन अदालत ने उसे खारिज कर दिया। प्रवर्तन निदेशालय ने निचली अदालत के 6 जुलाई के आदेश को चुनौती दी है। जांच एजेंसी ने कहा कि जैन दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री का प्रभार संभाल रहे थे, एलएनजेपी अस्पताल की वेबसाइट के होम पेज पर प्रमुखता से दिखाए जा रहे हैं। साथ ही अस्पताल में पट्टिका पर उनके द्वारा अतिथि के रूप में उद्घाटन की याद में दिखाया गया है। इडी ने कहा जैन की अंतरिम जमानत पर सुनवाई के दौरान उन्होंने यह मुद्दा उठाया लेकिन अदालत ने उनके आग्रह को खारिज कर एलएनजेपी अस्पताल से जवाब मांगते हुए सुनवाई 29 जुलाई तय की है। 


 
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प्रवर्तन निदेशालय को इस बात पर गंभीर संदेह है कि क्या लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल या जीबी पंत अस्पताल में जैन की सही चिकित्सा स्थिति मिलेगी क्योंकि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री होने के नाते अधिकारी प्रभाव में है। ईडी की याचिका में कहा गया है कि जैन की या तो एम्स, आरएमएल या सफदरजंग अस्पताल में जांच की जाए।

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