आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18: यहां हर दूसरे व्यक्ति के पास है अपनी कार, और भी हैं चौंकाने वाले आंकड़े
दिल्ली में बेशक पार्किंग की समस्या दिनों दिन बढ़ रही हो, लेकिन वाहन का शौक कम नहीं हो रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 की मानें तो दिल्ली में प्रत्येक दूसरे व्यक्ति के पास एक गाड़ी है।
दिल्ली में कुल 1.03 करोड़ वाहन है। प्रति एक हजार व्यक्ति पर 556 वाहन है। दिलचस्प यह कि यह हाल तब है कि जबकि बीते दस साल में वाहनों बढ़ोत्तरी में कमी दर्ज की गई है।
दिल्ली में 2017-18 में 6.99 फीसदी की दर से वाहनों में बढ़ोत्तरी हो रही है। इसमें 30 फीसदी लोगों के पास अपनी निजी कार है। 64 फीसदी लोगों के पास दुपहिया वाहन है।
डीजल व पेट्रोल..
डीजल व पेट्रोल वाहनों पर 10 व 15 साल में पाबंदी लगने के बाद वाहन बढ़ोत्तरी में गिरावट ही आई है। 2015-16 में जहां 9.94 फीसदी की दर सो वाहन बढ़े थे वह 2016-17 फिर 2017-18 में करीब सात फीसदी तक रह गए है।
दिल्ली में ऐप बेस्ड टैक्सी देने वाली कंपनियों के आने के कारण टैक्सी नंबर वाले वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इस कैटिगरी में 30 फीसदी की दर से वाहन बढ़े है। दिल्ली में वर्तमान में 1.18 लाख से अधिक टैक्सी है।
लास्ट माइल कनेक्टविटी के चले अन्य यात्री वाहनों (ई-रिक्शा, टेंपो ट्रेवलर व अन्य) में 838.43 फीसदी का इजाफा हुआ है। इनकी संख्या 6368 से बढ़कर 59,759 वाहन हो गई है।
परिवहन व्यवस्था को इंटीग्रेट करने पर सरकार का जोर
आर्थिक सर्वेक्षण 2017-18 की माने तो दिल्ली सरकार परिवहन व्यवस्था को इंटीग्रेट करने पर ज्यादा जोर दे रही है। इसमें दो बड़े बस व मेट्रो को इंटीग्रेट करना है।
इसी क़ड़ी में आनंद विहार और कश्मीरी गेट आईएसबीटी को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा गया। मेट्रो स्मार्ट कॉर्ड से बस में किराया देने की सुविधा शुरू हुई।
इसके अलावा लास्ट माइल कनेक्टविट को बेहतर बनाने के लिए रूट रेशनलाइज करने के साथ ई-रिक्शा जैसे प्रदूषण रहित वाहनों को बढ़ाने पर सरकार का फोकस है।
फैक्ट फाइल
1,03,82757 वाहन पंजीकरण है।
31,52710 निजी कार व जीप है।
66,07,879 दुपहिया वाहन है।
3059 एंबुलेंस पंजीकृत है।
1,05,399 लाख ऑटो रिक्शा।
1,18,308 टैक्सी
35,206 बस है दिल्ली में।
59,759 अन्य यात्री वाहन है।
3,00,437 मालवाहक वाहन है।