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सड़क पर तड़पते रहे पुलिसकर्मी, नहीं आए मददगार

Mon, 15 Dec 2014 03:51 PM IST
Updated Mon, 15 Dec 2014 03:51 PM IST
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Road accident in Delhi - Policemen injured, None came for help

दिल्ली-नोएडा सीमा पर शनिवार रात करीब 12.45 बजे हुए हादसे में घायल तीनों पुलिसकर्मी सड़क पर काफी देर तक तड़पते रहे, लेकिन काफी देर तक कोई मददगार नहीं पहुंचा। इस दौरान ट्रैफिक लगातार चलता रहा, लेकिन किसी ने भी इंसानियत दिखाते हुए वहां रुकना मुनासिब नहीं समझा। काफी देर बाद एक बाइक सवार युवक रुका। उसने ट्रैफिक रोककर घायलों की मदद करने के लिए लोगों से कहा, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

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इसके बाद युवक  भागकर चौराहे के दूसरी ओर लगी जामिया नगर थाने की पिकेट पर जाकर पुलिसकर्मियों को सूचना दी। इसके बाद ही घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल पहुंचाने का इंतजाम किया गया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक करीब 1:30 बजे उन्हें अस्पताल लाया गया।
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मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिसकर्मी ने बताया कि पिकेट पर जिग-जेग बेरिकेड लगाकर वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी बीच बस लेन में आई ईको कैब ने तीनों पुलिसकर्मियों को बचने का मौका भी नहीं दिया। हादसे के बाद तीनों खून से लथपथ पड़े रहे। शरीर से लगातार खून बहता रहा। वहां से लगातार ट्रक व अन्य वाहन गुजर रहे थे। सामने एमसीडी के टोल-टैक्स पर भी ट्रकों की लाइन लगी थी, लेकिन कोई भी घायलों की मदद को तैयार नहीं हुआ।
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करीब आधे घंटे तक सड़क पर तड़पने के बाद ही उन्हें मदद मिल सकी। अस्पताल पहुंचने पर नागेंद्र और प्रह्लाद की मौत हो गई। वहीं जैतपुर थाने के एक पुलिसकर्मी ने बताया कि जिस जगह हादसा हुआ, वहां से पीसीआर कॉल भी बड़ी मुश्किल से हो पाती है। संपर्क करने पर अक्सर कॉल नोएडा के कंट्रोल रूम में चली जाती है। वहीं वरिष्ठ अधिकारी ने घायल पुलिसकर्मियों को  फौरन मदद मिलने की बात कही। उनका कहना है कि हादसे के कुछ ही देर बाद पीसीआर वैन वहां पहुंच गई थी और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

मृतकों को मिले एक करोड़ मुआवजा : केजरीवाल

Road accident in Delhi - Policemen injured, None came for help

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कालिंदी कुंज में पुलिसकर्मियों के साथ हुए हादसे के बाद एलजी को पत्र लिखकर मृतकों के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के ड्यूटी को और सुरक्षित बनाने के लिए भी प्रयास किया जाए। आम आदमी हमेशा पुलिसकर्मियों के वर्किंग कंडीशन को सुधारने की पक्षधर रही है।

केजरीवाल ने कहा कि जब आप सरकार में थी तब इसका प्रावधान करने का प्रस्ताव रखा था कि अगर ड्यूटी के दौरान कोई पुलिसकर्मी की जान जाती है तो उसे कम से कम एक करोड़ रुपये मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आप हमेशा से पुलिस के कार्यप्रणाली को लेकर काम करती रहेगी।

नशे में धुत था कैब चालक

Road accident in Delhi - Policemen injured, None came for help

नई दिल्ली के जैतपुर इलाके के कालिंदीकुंज बॉर्डर पर शनिवार देर रात नशे में धुत्त कैब चालक ने वाहनों की जांच कर रहे तीन पुलिसकर्मियों को टक्कर मार दी। हादसे में एएसआई नागेंद्र पाल सिंह (52) और सिपाही सावकर प्रह्लाद रामराव (41) की मौत हो गई, जबकि हेड कांस्टेबल कप्तान सिंह (52) बुरी तरह घायल हो गया।

उसे अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कैब चालक नशे में इतना चूर था कि वह भाग भी नहीं सका। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर ही इंदिरापुरम, गाजियाबाद निवासी चालक हेमंत (38) को गिरफ्तार कर लिया।

कैब से शराब की बोतल बरामद हुई। पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है।

पुलिसकर्मियों को करीब 30 फीट तक घसीट ले गई कैब

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पुलिस के मुताबिक मूल रूप से गांव शिखारन, पीएस लोडा, अलीगढ़ (यूपी) निवासी एएसआई नागेंद्र पाल सिंह, प्रभानी, महाराष्ट्र निवासी सिपाही सावकर प्रह्लाद रामराव और होडल, हरियाणा निवासी हेड कांस्टेबल कप्तान सिंह जैतपुर थाने में तैनात थे। शनिवार रात तीनों दिल्ली-नोएडा सीमा कालिंदीकुंज पर पिकेट लगाकर वाहनों की जांच कर रहे थे। रात करीब 12:45 बजे नोएडा की ओर से आई तेज रफ्तार मारुति ईको कैब ने बेरिकेड को टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो बेरिकेड को टक्कर मारने के बाद नशे में धुत्त चालक ने कार को रोका नहीं।

वह बेरिकेड के साथ तीनों पुलिसकर्मियों को करीब 30 फीट तक घसीटता हुआ ले गया। बेरिकेड के टुकड़े तीनों पुलिसकर्मियों के शरीर में घुस गए। बेरिकेड फंसने से कैब रुक गई। नशे में होने की वजह से चालक भाग भी नहीं पाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी चालक को पकड़ लिया। तीनों पुलिसकर्मियों को अपोलो अस्पताल पहुंचाया, जहां नागेंद्र पाल सिंह और सावकर प्रह्लाद की मौत हो गई।

मूल रूप से उत्तराखंड निवासी कैब चालक हेमंत ने पुलिस को बताया कि वह नोएडा सेक्टर-63 के एक कॉल सेंटर में कैब चलाता है। शनिवार रात वह नोएडा से अकेला ही दिल्ली की ओर आ रहा था। सिपाही छतरपुर इलाके में, जबकि एएसआई कोतवाली थाने के बैरक में रह रहा था।

दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त मंदीप सिंह रंधावा ने बताया कि दो पुलिसकर्मियों की मौत हुई है, जबकि एक पुलिसकर्मी बुरी तरह जख्मी है। आरोपी के खिलाफ जैतपुर थाने में गैर इरादतन हत्या, सरकारी काम में बांधा पहुंचाने और चोट पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है।

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