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नई कमर्शियल इमारतों के लिए ईसीबीसी अनिवार्य
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Thu, 28 Apr 2016 08:11 AM IST
सार
- 100 किलोवाट या इससे अधिक लोड वाली इमारतों पर होगा यह लागू
- 100 किलोवाट या इससे अधिक लोड वाली इमारतों पर होगा यह लागू
- ईसीबीसी से लगभग 30 से 35 फीसदी ऊर्जा की होगी बचत
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- फोटो : डेमो फोटो
विस्तार
साइबर सिटी में अब नई बनने वाली कमर्शियल ईमारतों और भवनों पर ऊर्जा संरक्षण भवन संहिता (ईसीबीसी) को लागू कर दिया गया है। इसके तहत 100 किलोवाट या इससे अधिक बिजली लोड वाली इमारतों में इसकी पालना अनिवार्य है। ईसीबीसी हरियाणा अक्षय ऊर्जा विभाग द्वारा लागू की गई है। दावा किया जा रहा है कि ईसीबीसी लागू होने से लगभग 30 से 35 फीसदी ऊर्जा की बचत की जा सकेगी।
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जिला उपायुक्त टीएल सत्यप्रकाश ने बताया कि राज्य में ईसीबीसी के क्रियान्वयन के लिए 31 मार्च को अधिसूचना जारी की गई थी। इस संहिता में क्षेत्र की जलवायु के अनुसार भवन में ऊर्जा की खपत का मानदंड निर्धारित किए गए है।
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इसके साथ-साथ इसमें भवनों के सौंदर्यीकरण, मकेनिकल प्रणाली, बिजली उपकरण व वातानुकूलित वायु संचार प्रणाली को भी शामिल किया गया है। ईसीबीसी के माध्यम से होने वाली ऊर्जा बचत का सीधा लाभ भवन मालिकों व भवन में रहने वाले लोगों को मिलेगा।
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परियोजना अधिकारी रामेश्वर सिंह जांगिड़ ने बताया कि प्रदेश की सभी कमर्शियल इमारतों में जिनका लोड 100 किलोवाट या इससे अधिक है उस पर यह संहिता अनिवार्य तौर से लागू किया गया है।
उन्होंने बताया कि अगर कोई व्यक्ति अधिसूचना जारी होने के 120 दिनों के बाद नई इमारत का निर्माण करता है और ईसीबीसी का पालन नहीं करता है तो उसे कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं दिया जाएगा।