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रोजाना जाम में फंसने वालों के लिए अच्छी खबर

Tue, 19 Aug 2014 08:37 AM IST
Updated Tue, 19 Aug 2014 08:37 AM IST
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Eastern peripheral expressway, on the way

दिल्ली-एनसीआर के बीच लोगों को जाम के झाम से मुक्ति दिलाने के लिए केंद्र सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे (ईपीई) का रास्ता साफ कर दिया है। यह दिल्ली के लिए बाइपास का काम करेगा।

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लंबे समय से लटक रहे इस महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट को सरकार ने अब खुद पैसा लगाकर बनाने का फैसला लिया है। क्योंकि बीओटी (बिल्ट ऑपरेट ट्रांसफर) आधार पर अब तक इसे बनाने के लिए कोई कंपनी आगे नहीं आई।
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नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के मुख्य महाप्रबंधक बीएस सिंगला ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि पलवल से कुंडली तक बनने वाले इस सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे का तीन टुकड़ों में टेंडर आमंत्रित किया है। ताकि काम जल्दी हो।

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4500 करोड़ रुपये लगेंगे

Eastern peripheral expressway, on the way

इस पर अब सरकार करीब 4500 करोड़ रुपये खर्च करेगी। जबकि शुरुआत में इस पर लगभग 2335 करोड़ खर्च होने थे। उन्होंने बताया कि कोई भी पार्टी बीओटी आधार पर पैसे खर्च करने के लिए तैयार नहीं थी।

अगले छह माह में इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करवाने की योजना है। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती आबादी व वाहनों के लगते लंबे जाम को देखते हुए एनसीआर के शहरों को आपस में जोड़ने के लिए ईपीई एवं केएमपी (कुंडली-मानेसर-पलवल) की योजना बनाई गई थी।

केएमपी का काम तो चल रहा है। लेकिन ईपीई पिछड़ गया। इसका मकसद न सिर्फ दिल्ली पर वाहनों के भार से मुक्ति दिलाना था, बल्कि इसके सहारे व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देना भी था।

ये है रोडमैप

Eastern peripheral expressway, on the way

-इसे नेशनल एक्सप्रेस वे एवं केजीपी (कुंडली-गाजियाबाद-पलवल) एक्सप्रेस-वे भी कहते हैं।
-इन दोनों एक्सप्रेस-वे का मिलान पलवल के गांव कुसलीपुर के पास किया जाना है। बताया गया है कि इसके लिए काफी जमीन का भी अधिग्रहण कर लिया गया है, लेकिन किसान विरोध कर रहे हैं।

प्रोजेक्ट में फरीदाबाद के गांव:
मोहना, छांयसा, मौजपुर, अटाली, अरुआ, मोठूका, फज्जूपुर खादर, शाहपुरा खादर एवं शाहजहांपुर।

पलपल के गांव: कुसलीपुर, अटोहा, असावटा, छज्जूनगर, होशंगाबाद, कटेसरा, अलावलपुर, सुजवाड़ी, पेलक, कुरारा शाहपुर, जलाका एवं गोपीखेड़ा।

-प्रोजेक्ट की वर्तमान लागत: 4500 करोड़
-कुल लंबाई: 135 किलोमीटर

हरियाणा के जिले:
-पलवल, फरीदाबाद, सोनीपत।

उत्तर प्रदेश के जिले:
-बागपत, गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद।

केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं जहाजरानी राज्य मंत्री कृष्‍णपाल गुर्जर का कहना है कि ‘लंबे समय से अटके इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए हमने कोशिश करके टेंडर आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की है। पूरे दिल्ली-एनसीआर को जाम से मुक्ति एवं व्यावसायिक विकास के लिए यह प्रोजेक्ट प्राथमिकता पर लिया गया है। उम्मीद है कि इस पर जल्दी ही काम शुरू होगा’।

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