फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   eastern peripheral express have no facility for public

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर न सुविधाएं और न सुरक्षा के इंतजाम, नहीं मिल रही समय से मदद

Sat, 09 Jun 2018 09:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Sat, 09 Jun 2018 09:57 AM IST
विज्ञापन
eastern peripheral express have no facility for public
eastern peripheral expressway - फोटो : अमर उजाला
कुंडली से पलवल तक 135 किमी लंबे बने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को एनएचएआई ने आधी-अधूरी तैयारियों के साथ चालू कर दिया है। एक्सप्रेसवे पर न तो सुरक्षा के इंतजाम हैं और न ही कोई सुविधाएं दिख रही है। मुसीबत में मदद भी बहुत देर से मिलती है। एनएचएआई ने सिर्फ रोड बनाकर इसे वाहनों के लिए खोल दिया है। अमर उजाला संवाददाता दीपक शर्मा ने शुक्रवार को सिरसा से पलवल तक ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का जायजा लिया, जिसमें कई खामियां नजर आईं।
विज्ञापन


दोपहर एक बजे सिरसा गांव के पास बन रहे रैंप से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर चढ़कर पलवल की तरफ सफर शुरू किया। रैंप से एक्सप्रेसवे पर चढ़ते ही बेतरतीब तरीके से वाहन हाईवे पर चढ़ रहे थे। करीब पांच किलोमीटर का सफर तय करने के बाद जानलेवा कट भी मिला। आसपास के लोग इस अवैध कट से ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर आ रहे थे।
विज्ञापन


 

eastern peripheral express have no facility for public
एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही - फोटो : अमर उजाला
करीब 20 मिनट बाद यमुना पर बन रहे पुल के पास पहुंच गए, वहां पर निर्माण कार्य चल रहा था। एक्सप्रेसवे पर ही पोल, पाइप व अन्य सामान पड़ा हुआ था। थोड़ी दूर चलने पर सेंट्रल वर्ज की रेलिंग से टकराकर ट्रक पलटा हुआ दिखा। ट्रक के पास धूप में बैठे चालक धर्मेंद्र ने बताया कि करीब 12 घंटे पहले हादसा हुआ था, जहां हादसा हुआ उससे कुछ दूरी पर कर्मचारी काम कर रहे थे।

उसने पैदल जाकर सूचना दी, लेकिन 12 घंटे बाद भी कोई मदद नहीं मिल सकी। डर की वजह से पुलिस को सूचना नहीं दी। कुछ देर बाद हरियाणा के छांयसा गांव पहुंचे, वहां भी रैंप का काम अधूरा दिखा। उसके पास ही मुख्य कैरिज पर एक ठेली वाला वाहन चालकों को गन्ने का जूस बेचता दिखा। उससे और आगे चलने पर कट भी दिखे, जिससे गलत दिशा में वाहन चल रहे थे।

साइन बोर्ड न होने से कई जगह असमंजस की स्थिति भी बनी। रास्ता पूछना पड़ा। करीब 1:48 पर पलवल पर बने टोल पर पहुंचे, वहां पर टोल का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। टोल पर एक साइड से वाहन तेज रफ्तार से निकल रहे थे। उनकी गति पर नियंत्रण केे लिए कोई उपाय नहीं दिखा। टोल पर काम कर रहे दिनेश शर्मा ने बताया कि करीब एक माह में टोल का काम पूरा हो सकेगा। हालांकि एनएचएआई ने 15 जून से टोल वसूलने की बात कही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed