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Cyber Crime: OTP शेयर हो जाए तो तुरंत करें ये काम, पूर्वी दिल्ली के ACP ने दिए Tips; बच्चों से बोले- डरना नहीं
Tue, 24 Dec 2024 09:10 AM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 24 Dec 2024 09:10 AM IST
सार
पूर्वी दिल्ली जिला के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार ने सोमवार को पुलिस की पाठशाला में बच्चों को सुरक्षा के टिप्स दिए। अमर उजाला की ओर से मयूर विहार फेज-3 स्थित विद्या बाल भवन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. सतवीर शर्मा, एसीपी पवन कुमार समेत करीब 200 बच्चों ने हिस्सा लिया।
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पूर्वी दिल्ली जिला के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार बच्चों को टिप्स देते हुए
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
साइबर क्राइम से बचना है तो किसी भी कीमत पर अपनी ओटीपी साझा न करें। इस वक्त करीब 90 फीसदी शिकायतें इसी से जुड़ी आ रही है। अगर गलती हो जाए तो 24 घंटे के अंदर पुलिस को इसकी सूचना दें।
विनीत कुमार ने बताया कि कई बार जब हम मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे होते हैं तो गलतियां हो जाती हैं। अनजाने में ओटीपी व ईमेल साझा कर देते हैं। इससे हमारा अकाउंट हैक हो जाता है, बैंक अकाउंट से पैसा निकल जाता है। बच्चे अपराध बोध में यह सूचना छिपाने की कोशिश करते हैं जो बड़ी गलती है।
उन्होंने कहा कि हम अपने अभिभावक, शिक्षक या पुलिस को इसकी जानकारी नहीं देते। इससे अपराधी अपने मंसूबे में कामयाब हो जाता है। दिल्ली पुलिस ने इस तरह का सिस्टम बनाया है कि यदि आपसे इस तरह की किसी प्रकार की कोई गलती होती है और इसकी सूचना 24 घंटे के अंदर पुलिस को दे देते हैं तो चीजें काफी हद तक ठीक हो सकती हैं। यदि 24 घंटे में 1930 नंबर पर पुलिस को सूचना मिलती है तो खाते में पैसे वापस भी आ जाते हैं। फेक आईडी बनी तो वह निष्क्रिय हो जाती है और कानूनी कार्रवाई भी होती है।
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उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि पुलिस से डरने की बात नहीं है। डरिए मत, हम आपकी मदद करना चाहते हैं। कुछ भी समस्या होती है तो पुलिस को सूचना दें। जितनी जल्दी बताएंगे, समाधान उतना सटीक मिलेगा। इंटरनेट के कारण बच्चों में जागरूकता बहुत ज्यादा है। जो कुछ भी सीखा है, उसे लागू करें।
वक्त नाजुक, आपके इस वक्त के फैसले जीवन को देंगे दिशा
विनीत कुमार ने बताया कि आप लोग 9वीं व 11वीं में पढ़ाई कर रहे हैं। आपकी जिंदगी के लिए यह नाजुक वक्त है। इस वक्त आप जो भी फैसले लेंगे, उन्हीं से आपकी जिंदगी को दिशा मिलेगी। बेशक इस वक्त जिंदगी का आनंद लो, लेकिन इसी बीच दिशा भी तय करो, वह चाहे कैरियर के बारे में हो या विचारधारा हो।
बच्चों के सवाल, डीसीपी के जवाब
विनीत कुमार ने बताया कि आप लोग 9वीं व 11वीं में पढ़ाई कर रहे हैं। आपकी जिंदगी के लिए यह नाजुक वक्त है। इस वक्त आप जो भी फैसले लेंगे, उन्हीं से आपकी जिंदगी को दिशा मिलेगी। बेशक इस वक्त जिंदगी का आनंद लो, लेकिन इसी बीच दिशा भी तय करो, वह चाहे कैरियर के बारे में हो या विचारधारा हो।
प्रश्न : कैसे रात में काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकती है?
उत्तर : उबर, ओला में इमरजेंसी बटन होता है। जैसे ही आप उसे दबाते हैं कंट्रोल रूम में संदेश जाता है। इससे तुरंत आपके पास पीसीआर वैन पहुंचेगी।
प्रश्न : हम व्यक्तित्व को निखाने के लिए किन चुनौतियों से पार पा सकते हैं?
उत्तर : आप अपने को अनुशासन में रखते हैं तो आप अपने को 90 फीसदी तक निखार सकते हैं। बस अनुशासन में रहिए।
प्रश्न: साइबर सिक्योरिटी में अक्सर लोग क्या गलतियां करते हैं और उससे कैसे बचा जा सकता है?
उत्तर: ध्यान रखें कि कुछ भी हो जाए किसी से अपना ओटीपी साझा ना करें।
प्रश्न: आपकी जीवन यात्रा से हम क्या सीख ले सकते हैं?
उत्तर: मैं आपको सिर्फ यही कहना चाहूंगा कि आप केवल अपनी गलतियों से बल्कि दूसरे की गलतियों से भी सीख लें। यह आपको जीवन में आगे लेकर जाएंगी।
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विनीत कुमार ने बताया कि कई बार जब हम मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे होते हैं तो गलतियां हो जाती हैं। अनजाने में ओटीपी व ईमेल साझा कर देते हैं। इससे हमारा अकाउंट हैक हो जाता है, बैंक अकाउंट से पैसा निकल जाता है। बच्चे अपराध बोध में यह सूचना छिपाने की कोशिश करते हैं जो बड़ी गलती है।
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उन्होंने कहा कि हम अपने अभिभावक, शिक्षक या पुलिस को इसकी जानकारी नहीं देते। इससे अपराधी अपने मंसूबे में कामयाब हो जाता है। दिल्ली पुलिस ने इस तरह का सिस्टम बनाया है कि यदि आपसे इस तरह की किसी प्रकार की कोई गलती होती है और इसकी सूचना 24 घंटे के अंदर पुलिस को दे देते हैं तो चीजें काफी हद तक ठीक हो सकती हैं। यदि 24 घंटे में 1930 नंबर पर पुलिस को सूचना मिलती है तो खाते में पैसे वापस भी आ जाते हैं। फेक आईडी बनी तो वह निष्क्रिय हो जाती है और कानूनी कार्रवाई भी होती है।
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उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि पुलिस से डरने की बात नहीं है। डरिए मत, हम आपकी मदद करना चाहते हैं। कुछ भी समस्या होती है तो पुलिस को सूचना दें। जितनी जल्दी बताएंगे, समाधान उतना सटीक मिलेगा। इंटरनेट के कारण बच्चों में जागरूकता बहुत ज्यादा है। जो कुछ भी सीखा है, उसे लागू करें।
वक्त नाजुक, आपके इस वक्त के फैसले जीवन को देंगे दिशा
विनीत कुमार ने बताया कि आप लोग 9वीं व 11वीं में पढ़ाई कर रहे हैं। आपकी जिंदगी के लिए यह नाजुक वक्त है। इस वक्त आप जो भी फैसले लेंगे, उन्हीं से आपकी जिंदगी को दिशा मिलेगी। बेशक इस वक्त जिंदगी का आनंद लो, लेकिन इसी बीच दिशा भी तय करो, वह चाहे कैरियर के बारे में हो या विचारधारा हो।
बच्चों के सवाल, डीसीपी के जवाब
विनीत कुमार ने बताया कि आप लोग 9वीं व 11वीं में पढ़ाई कर रहे हैं। आपकी जिंदगी के लिए यह नाजुक वक्त है। इस वक्त आप जो भी फैसले लेंगे, उन्हीं से आपकी जिंदगी को दिशा मिलेगी। बेशक इस वक्त जिंदगी का आनंद लो, लेकिन इसी बीच दिशा भी तय करो, वह चाहे कैरियर के बारे में हो या विचारधारा हो।
प्रश्न : कैसे रात में काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकती है?
उत्तर : उबर, ओला में इमरजेंसी बटन होता है। जैसे ही आप उसे दबाते हैं कंट्रोल रूम में संदेश जाता है। इससे तुरंत आपके पास पीसीआर वैन पहुंचेगी।
प्रश्न : हम व्यक्तित्व को निखाने के लिए किन चुनौतियों से पार पा सकते हैं?
उत्तर : आप अपने को अनुशासन में रखते हैं तो आप अपने को 90 फीसदी तक निखार सकते हैं। बस अनुशासन में रहिए।
प्रश्न: साइबर सिक्योरिटी में अक्सर लोग क्या गलतियां करते हैं और उससे कैसे बचा जा सकता है?
उत्तर: ध्यान रखें कि कुछ भी हो जाए किसी से अपना ओटीपी साझा ना करें।
प्रश्न: आपकी जीवन यात्रा से हम क्या सीख ले सकते हैं?
उत्तर: मैं आपको सिर्फ यही कहना चाहूंगा कि आप केवल अपनी गलतियों से बल्कि दूसरे की गलतियों से भी सीख लें। यह आपको जीवन में आगे लेकर जाएंगी।