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राजधानी में बहुत जल्द फर्राटा भरेंगे ई-वाहन, अगले महीने लागू हो सकती है पॉलिसी

Sun, 30 Jun 2019 06:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा अरुण कुमार, नई दिल्ली
अरुण कुमार, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 30 Jun 2019 06:40 AM IST
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e-vehicle will soon ply in the capital policy in next month
ई-व्हीकल

राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए दिल्ली सरकार जुलाई में ई-वाहन पॉलिसी लागू कर सकती है। बीते वर्ष नवंबर के अंतिम सप्ताह में परिवहन विभाग ने इस पर काम शुरू किया था, जो अब अंतिम पड़ाव में है। पॉलिसी के तहत दिल्ली में ई-वाहनों की खरीद, ई-वाहन चार्जिंग स्टेशन और ई-वाहनों संबंधित अन्य गतिविधियों का क्रियान्वयन होगा।

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सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में ई-वाहन पॉलिसी के तहत वर्ष 2023 तक 25 प्रतिशत वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में तब्दील करने का लक्ष्य है। दिल्लीवासियों की प्रतिक्रिया जानने के परिवहन विभाग ने ई-वाहन पॉलिसी का ड्राफ्ट अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया था। 
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प्रतिक्रियाओं के आधार पर पॉलिसी को ज्यादा प्रभावी और दिल्ली के वाहन चालकों के अनुकूल बनाने के लिए करीब 9 माह से इसे तैयार किया जा रहा है। बहुत जल्द इसे कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा।
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पॉलिसी को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए सरकार ई-वाहनों की खरीद पर ग्राहकों को आकर्षक छूट भी दे सकती है। राजधानी में बढ़ते प्रदूषण का लगभग 30 फीसदी हिस्सा वाहनों के प्रदूषण से पैदा होता है। इसलिए दिल्ली में शून्य उत्सर्जन वाले इलेक्ट्रिक वाहनों को लाने की तैयारी है। 

ड्राफ्ट के तहत ई-वाहनों की खरीद पर सरकार द्वारा बेहतर ऑफर्स देने की योजना को भी शामिल किया गया था। ई-वाहनों के प्रयोग को आसान और परेशानी मुक्त बनाने के लिए बैटरी चार्जिंग और स्वैपिंग स्टेशन सभी इलाकों में 3 किमी के दायरे में बनाए जाएंगे। इन्हें पार्किंग क्षेत्रों, बस डिपो, टर्मिनल और मेट्रो स्टेशनों समेत अन्य जगहों पर बनाने की योजना है। इन पर काम भी शुरू हो चुका है।

टू व्हीलर पर 22 हजार तक की छूट

पॉलिसी में दुपहिया ई-वाहनों की खरीद के लिए पेट्रोल वाहनों की तुलना में 22000 हजार रुपये तक की छूट दी जाएगी। लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए दुपहिया वाहनों को चलाया जाएगा। बीएस-2 और बीएस-3 के पुराने दुपहिया वाहनों को बेचकर दुपहिया ई-रिक्शा ऑटो खरीदने पर 15 हजार तक प्रोत्साहन लाभ मिलेगा।

ई-ऑटो को ओपन परमिट दिया जाएगा। व्यक्तिगत ई-ऑटो के मालिकों को 12500 रुपये की डाउन पेमेंट सब्सिडी और 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी दी जाएगी। साथ ही, ई-ऑटो का प्रयोग करने वाले यात्रियों को प्रति ट्रिप 10 रुपये का कैश बैक भी दिया जाएगा।

ई-बस
पॉलिसी के तहत राजधानी में 2019 तक चलने वाली 1000 बसों में से कम से कम 50 प्रतिशत बसें इलेक्ट्रिक होंगी। संपूर्ण ट्रांसपोर्ट सिस्टम में सभी आकार के निजी स्टेज-कैरिज वाहनों को भी 2023 तक 25 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन होने की बात कही गई है।
 
इलेक्ट्रिक माल वाहक 

इलेक्ट्रिक माल वाहक वाहनों की खरीद पर सरकार पहले 500 ई-कैरिज वाहनों (स्वैपेबल बैटरी वाले) के लिए 20000 रुपये तक की सब्सिडी देगी। वहीं, ई-माल वाहनों के विशेष समय के बीच चलने और खड़े होने पर लगने वाले प्रतिबंधों को भी हटाया जाएगा। वाहनों के रोड टैक्स, पंजीकरण शुल्क और वन टाइम एमसीडी पार्किंग पर भी इन वाहनों पर छूट मिलेगी।
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