फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   E-rickshaw big decision, clear way for license.

ई-रिक्शा पर बड़ा फैसला, अब मिलेगा लाइसेंस

Fri, 19 Dec 2014 12:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 19 Dec 2014 12:50 AM IST
विज्ञापन
E-rickshaw big decision, clear way for license.

लोकसभा में बृहस्पतिवार को ई-रिक्शा विधेयक को मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही बैटरी चालित इस वाहन के लिए लाइसेंस दिए जाने का रास्ता साफ हो गया। मुख्य रूप से दिल्ली में चलने वाले ई-रिक्शा को लेकर सरकार ने विपक्ष के सुझावों को कानून में शामिल करने का भी आश्वासन दिया है।

विज्ञापन

 
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में कहा कि यह एक संशोधित विधेयक है। यदि बिल पारित होता है तो आपके (सदस्यों) द्वारा सुझावों को शामिल कर लिया जाएगा। विपक्षी सांसद मोटर वाहन संशोधन विधेयक, 2014 को स्थायी समिति के पास समीक्षा के लिए भेजने की मांग कर रहे थे।
विज्ञापन


बहस में गडकरी ने प्रदूषण मुक्त भारत और सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि सरकार ई-बस की योजना बना रही है। प्रस्ताव पर विचार-विमर्श हो रहा है और जल्द ही इसे संसद के समक्ष पेश किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


ई-रिक्शा पर बिल लाकर संभावित दिल्ली चुनाव में राजनीतिक फायदा उठाने के आरोपों को नकार हुए उन्होंने कहा कि सरकार जल्द से जल्द इसका समाधान इसलिए करना चाह रही है क्योंकि इससे लाखों रिक्शा चालकों की रोजी-रोटी जुड़ी है। गडकरी ने कहा कि सरकार ने कम ब्याज पर रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए कर्ज देने का भी निर्णय लिया है।

संसद में भी ई-रिक्शा चलाने का सुझाव

संसद परिसर में प्रदूषण नियंत्रण के उद्देश्य से बैटरी से संचालित ई-रिक्शा चलाने की अनुमति देने का सुझाव दिया गया है। यह सुझाव केंद्रीय शहरी विकास मंत्री और संसदीय मामलों के मंत्री एम वेंकैया नायडू ने लोकसभा ई-रिक्शा से संबंधित विधेयक पेश होने के मौके पर दिया।


नायडू ने मजाकिया लहजे में कहा कि यदि ई-रिक्शा संसद परिसर के भीतर चलाया जाएगा तो वह और लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे संसद की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए साथ-साथ आ सकेंगे। सामाजिक न्याय मंत्री थावर चंद गहलोत ने भी नायडू की इस मांग का समर्थन किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed