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डूसू चुनाव : प्रिंटेड पोस्टर-बैनर पर रोक, रद्द हो सकता है नामांकन
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हाथ से बनी सामग्री सिर्फ वॉल ऑफ डेमोक्रेसी पर लगाने की अनुमति, प्रचार के लिए पांच गाड़ियों की सीमा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय एक बार फिर छात्रसंघ चुनाव के रंग में रंगी नजर आएगी। सितंबर में होने वाले इन चुनावों को लेकर डीयू प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। चुनाव प्रचार के लिए इस बार सख्त रुख अपनाया गया है। इस बार उम्मीदवार चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की प्रिंटेड प्रचार सामग्री, पोस्टर, फ्लेक्स, बैनर या होर्डिंग्स नहीं लगा सकेंगे। केवल हाथ से बनी प्रचार सामग्री को निर्धारित वॉल ऑफ डेमोक्रेसी पर लगाने की अनुमति होगी। नियम तोड़ने पर उम्मीदवार का नामांकन रद्द हो सकता है।
डीयू के प्रॉक्टर प्रो. मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में प्रॉक्टर कार्यालय में डूसू पदाधिकारियों और विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई। इसमें दिल्ली हाईकोर्ट और लिंगदोह समिति की गाइडलाइंस के अनुरूप चुनाव संचालन और आचार संहिता पर विस्तृत चर्चा हुई। छात्र संगठन प्रतिनिधियों ने इन पर अपनी सहमति भी जताई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि कैंपस और उसके आसपास किसी भी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। दीवारों पर ब्लॉक प्रिंटिंग या स्प्रे पेंटिंग भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
डीयू प्रॉक्टर ने ये भी कहा कि एमसीडी के विज्ञापन बोर्ड पर भी किसी प्रकार का फ्लेक्स या पोस्टर लगाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा कार, जीप, बस, ऑटो, ई-रिक्शा पर उम्मीदवार के नाम वाले स्टिकर नहीं लगाए जाएंगे। साथ ही हर उम्मीदवार के लिए सिर्फ पांच कारों के साथ ही चुनाव प्रचार की इजाजत होगी। ट्रैक्टर, जेसीबी या जानवरों का इस्तेमाल नहीं हो सकेगा।
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ये नियम भी लागू रहेंगे
- टिंटेड शीशे, बिना नंबर प्लेट या छिपी हुई नंबर प्लेट वाले वाहन
-उम्मीदवार अपने नाम वाले किसी भी प्रकार के उपहार, स्मृति-चिह्न, कैनोपी, छाते या अन्य प्रचार सामग्री का वितरण नहीं कर सकेंगे।
-प्रचार सभा के आयोजन के लिए पहले से प्रॉक्टर कार्यालय को सूचना देना जरूरी होगा।
-प्रचार के लिए किसी भी कॉलेज में एक बार में अधिकतम पांच विद्यार्थियों को प्रवेश की अनुमति। छात्राओं के कॉलेज और हॉस्टल में केवल छात्राएं ही प्रचार कर सकेंगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय एक बार फिर छात्रसंघ चुनाव के रंग में रंगी नजर आएगी। सितंबर में होने वाले इन चुनावों को लेकर डीयू प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। चुनाव प्रचार के लिए इस बार सख्त रुख अपनाया गया है। इस बार उम्मीदवार चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की प्रिंटेड प्रचार सामग्री, पोस्टर, फ्लेक्स, बैनर या होर्डिंग्स नहीं लगा सकेंगे। केवल हाथ से बनी प्रचार सामग्री को निर्धारित वॉल ऑफ डेमोक्रेसी पर लगाने की अनुमति होगी। नियम तोड़ने पर उम्मीदवार का नामांकन रद्द हो सकता है।
डीयू के प्रॉक्टर प्रो. मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में प्रॉक्टर कार्यालय में डूसू पदाधिकारियों और विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई। इसमें दिल्ली हाईकोर्ट और लिंगदोह समिति की गाइडलाइंस के अनुरूप चुनाव संचालन और आचार संहिता पर विस्तृत चर्चा हुई। छात्र संगठन प्रतिनिधियों ने इन पर अपनी सहमति भी जताई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि कैंपस और उसके आसपास किसी भी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा। दीवारों पर ब्लॉक प्रिंटिंग या स्प्रे पेंटिंग भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
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डीयू प्रॉक्टर ने ये भी कहा कि एमसीडी के विज्ञापन बोर्ड पर भी किसी प्रकार का फ्लेक्स या पोस्टर लगाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा कार, जीप, बस, ऑटो, ई-रिक्शा पर उम्मीदवार के नाम वाले स्टिकर नहीं लगाए जाएंगे। साथ ही हर उम्मीदवार के लिए सिर्फ पांच कारों के साथ ही चुनाव प्रचार की इजाजत होगी। ट्रैक्टर, जेसीबी या जानवरों का इस्तेमाल नहीं हो सकेगा।
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ये नियम भी लागू रहेंगे
- टिंटेड शीशे, बिना नंबर प्लेट या छिपी हुई नंबर प्लेट वाले वाहन
-उम्मीदवार अपने नाम वाले किसी भी प्रकार के उपहार, स्मृति-चिह्न, कैनोपी, छाते या अन्य प्रचार सामग्री का वितरण नहीं कर सकेंगे।
-प्रचार सभा के आयोजन के लिए पहले से प्रॉक्टर कार्यालय को सूचना देना जरूरी होगा।
-प्रचार के लिए किसी भी कॉलेज में एक बार में अधिकतम पांच विद्यार्थियों को प्रवेश की अनुमति। छात्राओं के कॉलेज और हॉस्टल में केवल छात्राएं ही प्रचार कर सकेंगी।