फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Durga builder case: sabotage in December once again.

फरीदाबादः दिसंबर में फिर हो सकता है महाबवाल!

Fri, 21 Nov 2014 12:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Fri, 21 Nov 2014 12:52 AM IST
विज्ञापन
Durga builder case: sabotage in December once again.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर फरीदाबाद के दुर्गा बिल्डर क्षेत्र में एक बार फिर तोड़फोड़ की कार्रवाई हो सकती है। जिला नगर योजनाकार ने इस क्षेत्र के 1400 मकानों को इसके लिए नोटिस भेजा है। 11 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद कोर्ट ने योजनाकार को कार्रवाई के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।

विज्ञापन


इस मामले में सरकार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। इसी वर्ष 20 जुलाई को तोड़फोड़ की कार्रवाई के दौरान प्रभावित लोगों ने जमकर बवाल काटा था। इसलिए गंभीरता को देखते हुए टाउन एंड कंट्री प्लॉनिंग के डायरेक्टर अनुराग रस्तोगी बृहस्पतिवार को हुडा कार्यालय पहुंचे। उन्होंने यहां दुर्गा बिल्डर क्षेत्र की सभी कॉलोनियों के निवासियों का पक्ष जाना।
विज्ञापन


इस दौरान पंचशील कॉलोनी, शिव एंक्लेव और दीपावली एंक्लेव आदि के निवासी यहां अपनी रजिस्ट्री, राशन कार्ड, बिजली बिल व प्लॉट संबंधी सभी कागजात लेकर पहुंचे। सभी कॉलोनीवासियों ने डायरेक्टर के सामने अपने दस्तावेज पेश किए और अपना पक्ष रखने के लिए और अधिक समय मांगा। लेकिन डायरेक्टर ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के सामने अपनी असमर्थता जताई।
विज्ञापन
विज्ञापन


पंचशील कॉलोनी: 15.4 एकड़ जमीन पर लटकी तलवार
टाउन एंड कंट्री प्लॉनिंग के डायरेक्टर अनुराग रस्तोगी के मुताबिक विभागीय दस्तावेजों और नक्शों के आधार पर ही कार्रवाई होगी। अवैध निर्माणों को हर हाल में तोड़ा जाएगा। इसमें पंचशील कॉलोनी की 15.4 एकड़ जमीन भी है। इस पर अवैध निर्माणों को ढहाने की योजना है।

डायरेक्टर ने मांगा सहयोग
-डायरेक्टर ने कॉलोनीवासियों को आश्वासन दिया कि उनके साथ कुछ गलत नहीं होगा, जो कार्रवाई होगी वह कानूनी प्रक्रिया के तहत ही की जाएगी। रस्तोगी ने दीपावली एंक्लेव के लोगों से कहा कि वह उस कॉलोनाइजर से यह लिखवा कर ले आएं कि उसने ही इन लोगों को प्लॉट बेचा है। इसके बाद उनके  दस्तावेज के आधार विचार किया जाएगा। इसके लिए कॉलोनीवासियों को सोमवार तक का समय दिया गया है।

बाद में होगा पुनर्वास पर विचार
रस्तोगी का कहना है कि विभाग का पहला उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करना है। इसके बाद वहां से हटाए गए लोगों की मदद या पुनर्वास के लिए सरकार व विभाग आवश्यक कदम उठा सकता है।

लोगों में दिखा गुस्सा
सुनवाई के दौरान पहुंचे लोगों में प्रशासन के खिलाफ काफी गुस्सा देखने को मिला। इस दौरान कई बुजुर्ग व महिलाएं अपने निर्माणों को लेकर भावुक हो गए। उनका कहना था कि कई लोग उत्तर प्रदेश, बिहार व अन्य राज्यों से अपने पुस्तैनी मकान व जमीन बेच कर यहां आए थे। जीवन भर की कमाई प्लॉट लेने व मकान बनाने में लगा दी। वह 18-20 वर्षों से यहां रह रहे हैं। ऐसे में यदि उन्हें बेघर किया गया तो वह उम्र के इस पड़ाव में कहां जाएंगे।

‘जिन लोगों ने अपने हक के लिए सुप्रीम कोर्ट में केस डाला है पहले उनके लिए कोर्ट के आदेशानुसार तोड़फोड़ की कार्रवाई होगी। जिन लोगों को परेशानी है उन्हें भी सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखने की सलाह दी गई है।’

-अनुराग रस्तोगी, डायरेक्टर, टाउन एंड कंट्री प्लॉनिंग, हरियाणा

‘हमारे पास सभी आवश्यक दस्तावेज हैं, हम यहां पर 20 वर्षों से रह रहे हैं। अधिकारियों ने बिल्डर के साथ मिलकर घोटाला किया है। गलत तरीके से दो-दो बार प्लॉट बेचे हैं, इसका खामियाजा जनता क्यों भुगते।’
-सत्यपाल सिंह, निवासी पंचशील एंक्लेव

‘हमने अपने गांव की जमीन बेच कर यहां प्लॉट लिया था। इतने वर्षों में जीवन की सारी कमाई मकान में लगा दी। अब हम कहां जाएं।’
-सोमवती, निवासी पंचशील एंक्लेव पार्ट-1

‘सारी गलती भ्रष्ट अधिकारियों व बिल्डर की है। पहले उन पर कार्रवाई हो, आम जनता को क्यों उजाड़ा जा रहा है।’
-पवन नागर, निवासी, शिव एंक्लेव

‘हमारे पास राशन, बिजली बिल सहित सभी कागजात हैं। फिर भी हमारी सुनने वाला कोई नहीं। हमारी क्या गलती है अगर हमें गलत तरीके से प्लॉट बेचा गया है।’
-चौधरी रमेश, निवासी दीपावली एंक्लेव

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed