आखिर क्यों रोजाना 5000 फेरे कम लगाती हैं DTC बसें
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दिल्ली में बसों की कमी को लेकर दिल्ली सरकार आए दिन आलोचना का शिकार हो रही है। मगर मौजूदा बसें भी रोजाना अपनी ट्रिप पूरे नहीं कर पा रही हैं। सड़कों पर जाम, अतिक्रमण के चलते बसों का शेड्यूल बिगड़ रहा है।
रोजाना बसें 5000 ट्रिप मिस कर रही हैं। इससे डीटीसी को हर माह करीब 9 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। डीटीसी के एक वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो वर्तमान में डीटीसी के पास 3944 बसें हैं।
तय टाइम टेबल के लिहाज से डीटीसी को रोजाना करीब 38,000 ट्रिप प्रतिदिन लगाना चाहिए। मगर बसें रोजाना अतिक्रमण के चलते जाम में फंसने से औसतन 5000 ट्रिप रोजाना मिस कर रही हैं। बसों के ट्रिप मिस होने का एक बड़ा कारण जाम होने के साथ ब्रेकडाउन है।
ट्रिप मिस होने से रोजाना होता है इतना नुकसान
रोजाना करीब 700 बसें ब्रेकडाउन के चलते सड़कों पर नहीं उतर पाती हैं। डीटीसी की रोजाना करीब 2.5 करोड़ रुपये की कमाई होती है। ट्रिप मिस होने से रोजाना करीब 30 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।
इस तरह माह में कुल नौ करोड़ का नुकसान डीटीसी को उठाना पड़ रहा है। डीटीसी अधिकारी के मुताबिक दिल्ली के ज्यादातर इलाके अतिक्रमण की चपेट में है। सीलमपुर, शाहदरा, विकास मार्ग, दिल्ली सीमा के इलाके जाम की चपेट में है।
बताते चलें कि वर्तमान में डीटीसी के पास बसों की संख्या कम है, जो बसें हैं वह भी यात्रियों को जरूरत के मुताबिक सुविधा नहीं दे पा रही हैं। यही वजह है की बीते पांच सालों में डीटीसी यात्रियों की संख्या में 35 फीसदी तक की गिरावट आई है।
हालांकि सरकार 1000 नई बसें लाने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। जबकि मौजूदा बसों का उपयोग ही ठीक से नहीं हो पा रहा है।