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डीयू : अधिकार मार्च से छात्र हितों की उठाई आवाज
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एबीवीपी ने नॉर्थ कैंपस में डीयू प्रशासन के खिलाफ किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने अधिकार मार्च से छात्र हितों की आवाज उठाई। छात्र हितों से जुड़ी कई अहम मांगों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र अधिकार मार्च में शामिल हुए। मार्च के समापन के बाद पदाधिकारी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। मार्च डीयू के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) से शुरू हुआ और मेट्रो की मुख्य सड़क से होते हुए कला संकाय पर समाप्त हुआ।
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। छात्रों की मांग रही कि विश्वविद्यालय में केंद्रीयकृत हॉस्टल आवंटन प्रणाली को शीघ्र लागू किया जाए, एक कोर्स एक फीस नीति को पीजी पाठ्यक्रमों में लागू किया जाए, कॉलेजों में अनैतिक रूप से बढ़ाई गई फीस को तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाने एवं सभी कॉलेजों में आंतरिक शिकायत समिति का पूर्णत: गठन किया जाए। एबीवीपी दिल्ली प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा प्रशासन लगातार छात्रों की समस्याओं की अनदेखी कर रहा है।
उन्होंने कहा कि हम हॉस्टल फीस और सुरक्षा जैसे मूलभूत मुद्दों को लेकर वर्षों से आवाज उठा रहे हैं लेकिन समाधान के नाम पर केवल औपचारिकता की जाती है। अब यदि प्रशासन ने संवाद और समाधान नहीं किया तो हमारा धरना और आंदोलन और व्यापक रूप लेगा। वहीं, जब तक हमारी मांगें मानी नहीं जाती तब तक हम धरने पर से उठेंगे नहीं। डूसू सचिव मित्रविंदा कर्णवाल ने कहा कि हम छात्राओं की गरिमा, सुरक्षा और शिकायत निवारण की पूरी व्यवस्था की मांग करते हैं तथा विश्वविद्यालय प्रशासन से अपनी मांगों को मानने की मांग करते हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने अधिकार मार्च से छात्र हितों की आवाज उठाई। छात्र हितों से जुड़ी कई अहम मांगों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र अधिकार मार्च में शामिल हुए। मार्च के समापन के बाद पदाधिकारी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। मार्च डीयू के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) से शुरू हुआ और मेट्रो की मुख्य सड़क से होते हुए कला संकाय पर समाप्त हुआ।
छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। छात्रों की मांग रही कि विश्वविद्यालय में केंद्रीयकृत हॉस्टल आवंटन प्रणाली को शीघ्र लागू किया जाए, एक कोर्स एक फीस नीति को पीजी पाठ्यक्रमों में लागू किया जाए, कॉलेजों में अनैतिक रूप से बढ़ाई गई फीस को तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाने एवं सभी कॉलेजों में आंतरिक शिकायत समिति का पूर्णत: गठन किया जाए। एबीवीपी दिल्ली प्रांत मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा प्रशासन लगातार छात्रों की समस्याओं की अनदेखी कर रहा है।
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उन्होंने कहा कि हम हॉस्टल फीस और सुरक्षा जैसे मूलभूत मुद्दों को लेकर वर्षों से आवाज उठा रहे हैं लेकिन समाधान के नाम पर केवल औपचारिकता की जाती है। अब यदि प्रशासन ने संवाद और समाधान नहीं किया तो हमारा धरना और आंदोलन और व्यापक रूप लेगा। वहीं, जब तक हमारी मांगें मानी नहीं जाती तब तक हम धरने पर से उठेंगे नहीं। डूसू सचिव मित्रविंदा कर्णवाल ने कहा कि हम छात्राओं की गरिमा, सुरक्षा और शिकायत निवारण की पूरी व्यवस्था की मांग करते हैं तथा विश्वविद्यालय प्रशासन से अपनी मांगों को मानने की मांग करते हैं।
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