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डीयू : स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले की दौड़ शुरू
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने जारी की दाखिला नीति, अब एकल कन्या के लिए भी कोटा
नियमित कॉलेजों व एनसीवेब के लिए 28 मई से पंजीकरण शुरू
85,000 : सीटों के लिए सीएसएएस पोर्टल लॉन्च
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए 69 कॉलेजों में 79 स्नातक प्रोग्राम की 85 हजार सीटों पर दाखिले के लिए मंगलवार दोपहर एक बजे के बाद पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई। डीयू ने यूजी दाखिला पोर्टल कॉमन सीट आवंटन सिस्टम (सीएसएएस) को लॉन्च कर दिया। इसके साथ ही दाखिले के पहले चरण की शुरुआत हो गई। दाखिले के इच्छुक उम्मीदवार www.admission.uod.ac.in के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। अभी पंजीकरण करने की अंतिम तिथि की घोषणा नहीं की गई है। इसके साथ ही डीयू ने इस शैक्षणिक सत्र के लिए अपनी दाखिला नीति की भी घोषणा कर दी।
वहीं, डीयू के नॉन कॉलेजिएट वुमंस एजुकेशन बोर्ड (एनसीवेब) की 15000 हजार सीटों के लिए भी पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके अलावा स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) की असीमित सीटों के लिए दाखिला प्रक्रिया आगामी तीन जून को शुरू होगी। डीयू कुलसचिव डॉ. विकास गुप्ता ने बताया कि इस सत्र से पहली बार सुपर न्यूमैरेरी कोटा के तहत एकल कन्या सीट की शुरुआत की जा रही है। इस तरह से अब सभी कॉलेजों व विभागों में प्रत्येक कोर्स में एक-एक सीट एकल कन्या के लिए आरक्षित होगी। बीते साल डीयू ने पहली बार अनाथ विद्यार्थियों के लिए भी सीट आरक्षित किया था।
डीयू में मंगलवार को पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने व दाखिला नीति घोषित करने के लिए प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो. बलराम पाणी ने सीएसएएस पोर्टल की विधिवत लॉन्च की। इस अवसर पर बुलेटिन ऑफ इन्फॉर्मेशन भी जारी कर दिया गया। प्रेस वार्ता में डीयू कुलसचिव प्रो. विकास गुप्ता, डीयू दक्षिणी परिसर निदेशक प्रो. श्रीप्रकाश सिंह, एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो, दाखिला डीन प्रो. हनीत गांधी उपस्थित थे।
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सीएसएएस का पहला चरण शुरू
कुलसचिव डॉ. विकास गुप्ता ने बताया कि अभी सीएसएएस का पहला चरण शुरू किया गया है। सीएसएएस को दो चरणों में बांटा गया है। पहले चरण के तहत उम्मीदवारों को अपने व्यक्तिगत विवरण और बारहवीं कक्षा में प्राप्त अंकों को भरना है। सीएसएएस पंजीकरण प्रक्रिया में सीयूईटी यूजी की आवेदन संख्या को अनिवार्य रूप से भरना होगा। इससे डीयू पोर्टल पर उम्मीदवार का नाम, हस्ताक्षर, सीयूईटी यूजी पोर्टल पर अपलोड की गई फोटो स्वत: अपलोड हो जाएगी। इसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा सकेगा। इस दौरान एक ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर भी देना होगा। एक बार भरा गया ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और बैंक खाता विवरण को भी बदला नहीं जा सकेगा। प्रशासन ने उम्मीदवारों को यह सब विवरण भरते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। इसके बाद छात्रों को बारहवीं के अंकों को भरना होगा। उनकी अंकतालिका छात्रों के डिजीलॉकर से ऑटो एकीकृत हो जाएगी। इस पूरी पंजीकरण प्रक्रिया के लिए अनारक्षित श्रेणी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के उम्मीदवारों को पंजीकरण शुल्क के रूप में 250 रुपये और एससी, एसटी व पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों को पंजीकरण शुल्क के रूप में 100 रुपये का भुगतान करना होगा।
दूसरा चरण सीयूईटी रिजल्ट के बाद
सीएसएएस पोर्टल पर दूसरा चरण सीयूईटी यूजी प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट के बाद शुरू होगा। सीएसएएस के दूसरे चरण के तहत छात्रों को कॉलेज व कोर्स की वरीयताओं को भरना होगा। इसके लिए उन्हें सीएसएएस डैशबोर्ड पर लॉग इन करना होगा। दूसरे चरण में उम्मीदवारों को बारहवीं कक्षा के उन विषयों से जोडऩा होगा जिनमें वे सीयूईटी यूजी में उपस्थित हुए हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय केवल उन्हीं सीयूईटी भाषा डोमेन पेपरों पर विचार करेगा जो उम्मीदवार द्वारा बारहवीं कक्षा में पढ़े गए विषय के समान होंगे। इसके बाद उन्हें विषयों की मैपिंग करनी होगी। डीयू उम्मीदवारों के योग्यता अंकों की गणना के लिए एनटीए द्वारा प्रदान किए गए अंकों पर विचार करेगा। प्रशासन ने उम्मीदवारों की सलाह दी है कि वह अधिक कॉलेजों व कोर्स का चयन करें, इससे उनके दाखिले की संभावना अधिक होगी।
इन बातों का रखें ध्यान
1. पंजीकरण के समय छात्र को एक सक्रिय ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर देना होगा।
2. छात्र को अपने व्यक्तिगत विवरण भरते समय सावधानी बरतनी होगी। फॉर्म जमा होने के बाद बदला नहीं जा सकेगा।
3. आवंटन के बाद सीट को स्वीकार करना होगा
4. सीट अपग्रेड और फ्रीज करने का विकल्प भी मिलेगा
5. छात्र को अपग्रेड की गई सीट को स्वीकार करना होगा
6. आवंटित सीट पर प्रवेश लेने पर और आगे बढऩे के लिए उसे डैशबोर्ड से सीट को फ्रीज करना होगा।
7. फ्रीज का चयन करने पर उम्मीदवार को अपग्रेड करने का विकल्प चुनने की अनुमति नहीं होगी।
8. पहले चरण में पंजीकरण नहीं करने पर मिड एंट्री का विकल्प मिलेगा
9. मिड एंट्री के लिए अतिरिक्त एक हजार शुल्क भुगतान करना होगा।
10. प्रमाणपत्र व अन्य दस्तावेज को अपडेट और वैध रखें। यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रमाण पत्र 31 मार्च 2024 के बाद का हो। प्रमाण पत्र नहीं होने पर कोई शपथ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
11. सीटें खाली रहने पर विश्वविद्यालय प्रवेश के स्पॉट राउंड की घोषणा कर सकता है।
12. आवंटन के पहले दौर में सभी कॉलेज में सभी प्रोग्रामों के लिए सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस श्रेणी में 20 फीसदी और एससी, एसटी और पीडब्ल्यूबीडी श्रेणियों में 30 फीसदी अतिरिक्त आवंटन में किया जाएगा।
यूजी में ईसीए और स्पोर्ट्स और अन्य कोटे में प्रवेश
दिल्ली विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स सुपरन्यूमैरेरी कोटा के तहत 26 खेलों और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज (ईसीए) सुपरन्यूमैरेरी कोटा के तहत 14 श्रेणियों (एनएसएस और एनसीसी सहित) के माध्यम से दाखिला लिया जाएगा। कॉलेज की कुल स्वीकृत संख्या का 5 फीसदी ईसीए और खेल कोअे के लिए आवंटित किया जाएगा। किसी भी कार्यक्रम के लिए कोटा की निर्धारित सीटों में से 20 फीसदी से अधिक सीटें आवंटित नहीं की जाएंगी।
एनसीवेब में प्रवेश प्रक्रिया शुरू, एसओएल में तीन जून से
एनसीवेब के स्नातक प्रोग्राम की 15000 हजार सीटों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है जबकि एसओएल की तीन जून से शुरु होगी। एनसीवेब में पंजीकरण https://ncweb.du.ac.in के माध्यम से और एसओएल में वेबसाइट www.sol.du.ac.in के माध्यम से किया जा सकेगा। दोनों में ही दाखिला बारहवीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर होगा। एनसीवेब में दाखिले के लिए कटऑफ निकाली जाएंगी। एसओएल की निदेशक प्रो पायल मागो ने बताया कि उम्मीदवारों को किसी भी कठिनाई से बचाने के लिए यह निर्णय लिया गया है कि एसओएल उन उम्मीदवारों की पूरी फीस वापस कर देगा जो विश्वविद्यालय के प्रवेश बंद होने की अंतिम तिथि से पहले अपना प्रवेश वापस ले लेंगे।
नियमित रूप से वेबसाइट और डैशबोर्ड देखने की सलाह
डीयू ने उम्मीदवारों को लगातार विवि की वेबसाइट और अपना डैशबोर्ड देखते रहने की सलाह दी है। उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना होगा कि उन्हें डीयू की आधिकारिक वेबसाइट से ही जानकारी प्राप्त करनी होगी। सभी प्रामाणिक सूचनाओं, घोषणाओं और प्रोग्रामों के लिए उम्मीदवारों को केवल दिल्ली विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ही देखने की सलाह दी है।
पहले तीन घंटे में छह हजार पंजीकरण
डीयू में सीएसएएस के पहले चरण के तहत शुरु हुई पंजीकरण प्रक्रिया के तहत पहले तीन घंटे में ही करीब छह हजार पंजीकरण हो गए। डीयू दाखिला डीन प्रो हनीत गांधी ने बताया कि शुरुआती तीन घंटे में 5, 911 पंजीकरण हो गए। इनमें से तीन सौ उम्मीदवारों ने पंजीकरण शुल्क का भुगतान कर पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा कर लिया।
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नियमित कॉलेजों व एनसीवेब के लिए 28 मई से पंजीकरण शुरू
85,000 : सीटों के लिए सीएसएएस पोर्टल लॉन्च
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए 69 कॉलेजों में 79 स्नातक प्रोग्राम की 85 हजार सीटों पर दाखिले के लिए मंगलवार दोपहर एक बजे के बाद पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई। डीयू ने यूजी दाखिला पोर्टल कॉमन सीट आवंटन सिस्टम (सीएसएएस) को लॉन्च कर दिया। इसके साथ ही दाखिले के पहले चरण की शुरुआत हो गई। दाखिले के इच्छुक उम्मीदवार www.admission.uod.ac.in के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं। अभी पंजीकरण करने की अंतिम तिथि की घोषणा नहीं की गई है। इसके साथ ही डीयू ने इस शैक्षणिक सत्र के लिए अपनी दाखिला नीति की भी घोषणा कर दी।
वहीं, डीयू के नॉन कॉलेजिएट वुमंस एजुकेशन बोर्ड (एनसीवेब) की 15000 हजार सीटों के लिए भी पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके अलावा स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) की असीमित सीटों के लिए दाखिला प्रक्रिया आगामी तीन जून को शुरू होगी। डीयू कुलसचिव डॉ. विकास गुप्ता ने बताया कि इस सत्र से पहली बार सुपर न्यूमैरेरी कोटा के तहत एकल कन्या सीट की शुरुआत की जा रही है। इस तरह से अब सभी कॉलेजों व विभागों में प्रत्येक कोर्स में एक-एक सीट एकल कन्या के लिए आरक्षित होगी। बीते साल डीयू ने पहली बार अनाथ विद्यार्थियों के लिए भी सीट आरक्षित किया था।
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डीयू में मंगलवार को पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने व दाखिला नीति घोषित करने के लिए प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो. बलराम पाणी ने सीएसएएस पोर्टल की विधिवत लॉन्च की। इस अवसर पर बुलेटिन ऑफ इन्फॉर्मेशन भी जारी कर दिया गया। प्रेस वार्ता में डीयू कुलसचिव प्रो. विकास गुप्ता, डीयू दक्षिणी परिसर निदेशक प्रो. श्रीप्रकाश सिंह, एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो, दाखिला डीन प्रो. हनीत गांधी उपस्थित थे।
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सीएसएएस का पहला चरण शुरू
कुलसचिव डॉ. विकास गुप्ता ने बताया कि अभी सीएसएएस का पहला चरण शुरू किया गया है। सीएसएएस को दो चरणों में बांटा गया है। पहले चरण के तहत उम्मीदवारों को अपने व्यक्तिगत विवरण और बारहवीं कक्षा में प्राप्त अंकों को भरना है। सीएसएएस पंजीकरण प्रक्रिया में सीयूईटी यूजी की आवेदन संख्या को अनिवार्य रूप से भरना होगा। इससे डीयू पोर्टल पर उम्मीदवार का नाम, हस्ताक्षर, सीयूईटी यूजी पोर्टल पर अपलोड की गई फोटो स्वत: अपलोड हो जाएगी। इसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा सकेगा। इस दौरान एक ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर भी देना होगा। एक बार भरा गया ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और बैंक खाता विवरण को भी बदला नहीं जा सकेगा। प्रशासन ने उम्मीदवारों को यह सब विवरण भरते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है। इसके बाद छात्रों को बारहवीं के अंकों को भरना होगा। उनकी अंकतालिका छात्रों के डिजीलॉकर से ऑटो एकीकृत हो जाएगी। इस पूरी पंजीकरण प्रक्रिया के लिए अनारक्षित श्रेणी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के उम्मीदवारों को पंजीकरण शुल्क के रूप में 250 रुपये और एससी, एसटी व पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों को पंजीकरण शुल्क के रूप में 100 रुपये का भुगतान करना होगा।
दूसरा चरण सीयूईटी रिजल्ट के बाद
सीएसएएस पोर्टल पर दूसरा चरण सीयूईटी यूजी प्रवेश परीक्षा के रिजल्ट के बाद शुरू होगा। सीएसएएस के दूसरे चरण के तहत छात्रों को कॉलेज व कोर्स की वरीयताओं को भरना होगा। इसके लिए उन्हें सीएसएएस डैशबोर्ड पर लॉग इन करना होगा। दूसरे चरण में उम्मीदवारों को बारहवीं कक्षा के उन विषयों से जोडऩा होगा जिनमें वे सीयूईटी यूजी में उपस्थित हुए हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय केवल उन्हीं सीयूईटी भाषा डोमेन पेपरों पर विचार करेगा जो उम्मीदवार द्वारा बारहवीं कक्षा में पढ़े गए विषय के समान होंगे। इसके बाद उन्हें विषयों की मैपिंग करनी होगी। डीयू उम्मीदवारों के योग्यता अंकों की गणना के लिए एनटीए द्वारा प्रदान किए गए अंकों पर विचार करेगा। प्रशासन ने उम्मीदवारों की सलाह दी है कि वह अधिक कॉलेजों व कोर्स का चयन करें, इससे उनके दाखिले की संभावना अधिक होगी।
इन बातों का रखें ध्यान
1. पंजीकरण के समय छात्र को एक सक्रिय ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर देना होगा।
2. छात्र को अपने व्यक्तिगत विवरण भरते समय सावधानी बरतनी होगी। फॉर्म जमा होने के बाद बदला नहीं जा सकेगा।
3. आवंटन के बाद सीट को स्वीकार करना होगा
4. सीट अपग्रेड और फ्रीज करने का विकल्प भी मिलेगा
5. छात्र को अपग्रेड की गई सीट को स्वीकार करना होगा
6. आवंटित सीट पर प्रवेश लेने पर और आगे बढऩे के लिए उसे डैशबोर्ड से सीट को फ्रीज करना होगा।
7. फ्रीज का चयन करने पर उम्मीदवार को अपग्रेड करने का विकल्प चुनने की अनुमति नहीं होगी।
8. पहले चरण में पंजीकरण नहीं करने पर मिड एंट्री का विकल्प मिलेगा
9. मिड एंट्री के लिए अतिरिक्त एक हजार शुल्क भुगतान करना होगा।
10. प्रमाणपत्र व अन्य दस्तावेज को अपडेट और वैध रखें। यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रमाण पत्र 31 मार्च 2024 के बाद का हो। प्रमाण पत्र नहीं होने पर कोई शपथ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
11. सीटें खाली रहने पर विश्वविद्यालय प्रवेश के स्पॉट राउंड की घोषणा कर सकता है।
12. आवंटन के पहले दौर में सभी कॉलेज में सभी प्रोग्रामों के लिए सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस श्रेणी में 20 फीसदी और एससी, एसटी और पीडब्ल्यूबीडी श्रेणियों में 30 फीसदी अतिरिक्त आवंटन में किया जाएगा।
यूजी में ईसीए और स्पोर्ट्स और अन्य कोटे में प्रवेश
दिल्ली विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स सुपरन्यूमैरेरी कोटा के तहत 26 खेलों और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज (ईसीए) सुपरन्यूमैरेरी कोटा के तहत 14 श्रेणियों (एनएसएस और एनसीसी सहित) के माध्यम से दाखिला लिया जाएगा। कॉलेज की कुल स्वीकृत संख्या का 5 फीसदी ईसीए और खेल कोअे के लिए आवंटित किया जाएगा। किसी भी कार्यक्रम के लिए कोटा की निर्धारित सीटों में से 20 फीसदी से अधिक सीटें आवंटित नहीं की जाएंगी।
एनसीवेब में प्रवेश प्रक्रिया शुरू, एसओएल में तीन जून से
एनसीवेब के स्नातक प्रोग्राम की 15000 हजार सीटों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है जबकि एसओएल की तीन जून से शुरु होगी। एनसीवेब में पंजीकरण https://ncweb.du.ac.in के माध्यम से और एसओएल में वेबसाइट www.sol.du.ac.in के माध्यम से किया जा सकेगा। दोनों में ही दाखिला बारहवीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर होगा। एनसीवेब में दाखिले के लिए कटऑफ निकाली जाएंगी। एसओएल की निदेशक प्रो पायल मागो ने बताया कि उम्मीदवारों को किसी भी कठिनाई से बचाने के लिए यह निर्णय लिया गया है कि एसओएल उन उम्मीदवारों की पूरी फीस वापस कर देगा जो विश्वविद्यालय के प्रवेश बंद होने की अंतिम तिथि से पहले अपना प्रवेश वापस ले लेंगे।
नियमित रूप से वेबसाइट और डैशबोर्ड देखने की सलाह
डीयू ने उम्मीदवारों को लगातार विवि की वेबसाइट और अपना डैशबोर्ड देखते रहने की सलाह दी है। उम्मीदवारों को यह ध्यान रखना होगा कि उन्हें डीयू की आधिकारिक वेबसाइट से ही जानकारी प्राप्त करनी होगी। सभी प्रामाणिक सूचनाओं, घोषणाओं और प्रोग्रामों के लिए उम्मीदवारों को केवल दिल्ली विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ही देखने की सलाह दी है।
पहले तीन घंटे में छह हजार पंजीकरण
डीयू में सीएसएएस के पहले चरण के तहत शुरु हुई पंजीकरण प्रक्रिया के तहत पहले तीन घंटे में ही करीब छह हजार पंजीकरण हो गए। डीयू दाखिला डीन प्रो हनीत गांधी ने बताया कि शुरुआती तीन घंटे में 5, 911 पंजीकरण हो गए। इनमें से तीन सौ उम्मीदवारों ने पंजीकरण शुल्क का भुगतान कर पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा कर लिया।