डीयू फर्जी एडमिशन रैकेट में 12वीं पास 'गुरुजी' ने खोले राज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुनील पंवार उर्फ गुरुजी साउथ और नॉर्थ कैंपस के नेता टाइप छात्रों के लिए काफी जानामाना नाम है। महरौली निवासी 12वीं पास गुरुजी का ज्यादातर समय किसी न किसी कॉलेज के बाहर बीतता था।
छात्र ही नहीं कई कॉलेज का स्टाफ भी गुरुजी से अच्छी तरह वाकिफ है। अपनी इसी पहचान का फायदा उठाकर सुनील दाखिला न मिलने वाले छात्रों की जानकारियां जुटाकर उनसे सौदेबाजी करता था।
पुलिस सूत्रों की माने तो गुरुजी और उसके गैंग ने पिछले तीन सालों के दौरान डीयू के नामी कॉलेजों में सैकड़ों दाखिले कराए हैं। पुलिस इस बारे में पता लगाने का प्रयास कर रही है।
गुरुजी ने खुलासा किया कि हौजरानी में रहने वाला बीए अंतिम वर्ष छात्र मो. जुबैर उनके गोरखधंधे में मदद करता था। उसके भी कई छात्र नेताओं से संबंध हैं।
गारंटी देकर कराता था दाखिला
वह अपने संबंधों के आधार पर छात्रों के प्रवेश की गारंटी देता था। छानबीन में पुलिस को पता चला है कि डीयू से एमकॉम करने वाला प्रवीन झा आईटी एक्सपर्ट है।
वह फर्जी कागजात तैयार करने के अलावा वेबसाइट पर डाटा एंट्री करने का भी सारा काम करता था। इसके अलावा नोएडा निवासी रंचित भी गैंग में काफी सक्रिय भूमिका निभाता था।
रंचित नोएडा स्थित यूफ्लेक्स कंपनी में नौकरी करता है। वहीं, पता चला है कि दाखिला कराने के लिए एक निजी कंपनी से भी गैंग ने टाईअप कर रखा था।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि नौकरी के लिए भी फर्जी सर्टिफिकेट तैयार करते थे। इसके बदले बेरोजगार युवकों से मोटी रकम ली जाती थी।