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छात्रों को सता रही है डीयू में दाखिले की चिंता, तरह-तरह की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं ग्रीवांस सेल

Sun, 30 Jun 2019 02:23 PM IST
Prachi Priyam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Prachi Priyam Updated Sun, 30 Jun 2019 02:23 PM IST
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DU admissions going on applicants with their problems stands in grievance cell queue
दिल्ली विश्वविद्यालय

दिल्ली विश्वविद्यालय में इस सत्र के दाखिले का दौर जारी है। दाखिले के लिए आवोदन करने वाले तमाम छात्र-छात्राएं अपनी तरह-तरह की परेशानियों के समाधान की उम्मीद लिए विश्वविद्यालय पहुंच रहे हैं। 

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दाखिले के लिए आवेदन करने वाले कुछ छात्रों को तो साइबर कैफे संचालक की गलती का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। खबर है कि ऑनलाइन फॉर्म भरते वक्त कैफे संचालक ने कई आवेदनों में ओबीसी की जगह सामान्य श्रेणी भर दी, जिसके कारण कुछ ओबीसी छात्रों को दाखिला मिलने में परेशानी हो रही है। फॉर्म में हुई गलती सुधारने का एक मौका मांगने के लिए छात्र डीन स्टूडेंट वेलफेयर के पास पहुंच रहे हैं। 
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वहीं कुछ छात्र-छात्राएं ऐसे भी हैं जिन्हें शिक्षा व्यवस्था में समानता नहीं होने के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह छात्रों को अंकों की जगह ग्रेड मिलते हैं, लेकिन दिल्ली विश्वविद्यालय में अंकों की ही मान्यता है। ऐसे में छात्रों को यह नहीं पता कि ग्रेड को अंकों में कैसे परिवर्तित करवाया जाए। 
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ऐसे ही मामलों को लेकर डीयू से संबद्ध कॉलेजों के अलावा ग्रीवांस सेल के बाहर भी छात्रों की लाइन लग रही है। यहां छात्र अलग-अलग तरह की परेशानी लेकर पहुंच रहे हैं। यहां मौजूद एक छात्र ने बताया कि वह भारतीय है, लेकिन 11वीं-12वीं की पढ़ाई फ्लोरिडा से की है। वहां उन्हें अंकों की जगह ग्रेड मिले हैं। अब उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वह ग्रेड को अंकों में कहां और कैसे परिवर्तित कराएं। उन्हें डर है कि कहीं इस वजह से उनके दाखिले में अड़चन न आए।


एक छात्र ने बताया कि अभी उसकी पूर्ण मूल्यांकन की अंकतालिका नहीं मिली है, लेकिन कॉलेज इसे मानने के लिए तैयार नहीं है। वहीं कुछ छात्रों के 10वीं के प्रमाण पत्र और 12वीं के फॉर्म में नाम की स्पेलिंग अलग-अलग है। इस वजह से भी उन्हें दिक्कत हो रही है।

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