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डीयू में दाखिला प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान होगी, दाखिला समिति की बैठक में होगी चर्चा
Sun, 06 Jan 2019 05:36 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Sun, 06 Jan 2019 05:36 AM IST
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DU Admission
- फोटो : फाइल फोटो
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दिल्ली विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2019-20 में यूजी, पीजी, एमफिल, पीएचडी की दाखिला प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान हो सकती है। डीयू प्रशासन को इसके लिए तमाम तरह के सुझाव मिले हैं। जिसमें प्रक्रिया को आसान बनाने से लेकर, दाखिले के समय मूल दस्तावेज ना रखने, दाखिला सिस्टम को ठीक करने, एससी, एसटी के लिए स्पेशल ड्राइव पहले ही चलाने जैसे सुझाव हैं। अब इन सुझावों पर अगले सप्ताह गठित होने वाली दाखिला समिति की बैठक में चर्चा के लिए रखा जाएगा।
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दिल्ली विश्वविद्यालय डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. राजीव गुप्ता ने बताया कि आगामी सत्र की दाखिला प्रक्रिया को लेकर विभिन्न हितधारकों से सुझाव मांगे गए थे। फीडबैक देने के लिए 2 जनवरी अंतिम थी। प्रशासन को हितधारकों के कई सुझाव मिले हैं। जिससे कि दाखिला प्रक्रिया पहले से ज्यादा सरल हो। एक सुझाव के रूप में यह बात सामने आई है कि यूजी स्तर के लिए काउंसलिंग होनी चाहिए। अब वह किस तरह की हो और कैसे हो, इस पर विचार किया जा सकता है। काउंसलिंग ना मिलने से बच्चे असमंजस में रहते हैं।
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प्रशासन को यह सुझाव भी मिला है कि दाखिले के समय जो मूल दस्तावेज रख लिए जाते हैं, उन्हें ना रखा जाए। कहा कि इस पर विचार करेंगे कि मूल दस्तावेज लेने की बजाए छात्रों से कोई शपथ पत्र लिया जाए। इसी तरह से पीडब्ल्यूडी (पर्सन विद डिसेबिलिटी) श्रेणी के लिए केंद्रीकृत दाखिले करने का भी सुझाव मिला है। खासकर अभिभावकों ने यह फीडबैक दिया है कि दाखिला प्रक्रिया व फॉर्म भरने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। उन्होंने बताया कि खेल कोटे में दाखिले के लिए दिल्ली से बाहर के छात्र भी ट्रायल में शामिल होते हैं। बाहरी राज्यों के अभिभावक चाहते हैं स्पोर्ट्स ट्रायल में समय बहुत खराब होता है। ऐसे में उन्हें घर वापसी में परेशानी होती है।
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- स्पेशल ड्राइव पहले से चलाई जाए
देखने में आता है कि एससी, एसटी की सीटें हर साल कई कट ऑफ के बाद भी खाली रह जाती हैं। उसके बाद उन सीटों को भरने के लिए स्पेशल ड्राइव चलाई जाती है। ऐसे में सुझाव मिला है कि बाद में चलने वाली स्पेशल ड्राइव को पहले चलाया जाए।