Biometric Attendance: DTU में PhD छात्रों की बायोमेट्रिक उपस्थिति लगेगी, छात्र फेलोशिप के लिए कर सकेंगे दावा
दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की ओर से पीएचडी करने वाले छात्रों के लिए बीएएस करना जरूरी होगा। छात्रों की उपस्थिति बायोमेट्रिक उपस्थिति से होगी। तभी छात्र फेलोशिप के लिए दावा कर सकेंगे।
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दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) में पीएचडी करने वाले छात्रों की उपस्थिति बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (बीएएस) पर दर्ज होगी। उपस्थिति पूरी होने पर ही छात्र फेलोशिप के लिए दावा कर सकेंगे। डीटीयू ने छात्रों को फेलोशिप वितरण के उद्देश्य से बीएएस लागू करने के संबंध में नोटिस जारी किया है।
इसके अनुसार फेलोशिप दावों को बीएएस पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार पूरा किया जाएगा। अगर छात्र किसी कारण से बीएएस पर उपस्थिति दर्ज नहीं कर पा रहा है तो वास्तविक कारणों को पीएचडी पर्यवेक्षक प्रमाणित करेंगे। साथ ही बीएएस के काम न करने की स्थिति में छात्र की उपस्थिति को भी पीएचडी पर्यवेक्षक प्रमाणित करेगा।
13 विभागों में लगी बीएएस मशीन
छात्रों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए डीटीयू के दिल्ली स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, ईसीई, प्रशानिक ब्लॉक, हॉस्टल कार्यालय, स्वास्थ्य केंद्र, लाइब्रेरी और यूएसएमई विभाग में 13 बीएएस मशीन लगाई गई है। अगस्त 2025 सत्र में दाखिला लेने वाले छात्र और पिछले सत्र के छात्रों को अनिवार्य तौर पर उपस्थिति दर्ज करने के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।