ताजा हुई कंझावला कांड की याद: डीटीसी बस ने दो स्कूटी पर सवार तीन युवकों को रौंदा, 50 मीटर घसीटा...दो की मौत
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के बाद भी चालक ने बस के ब्रेक नहीं लगाए। फिलहाल बस को कब्जे में लेकर करावल नगर निवासी चालक अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बस को मैकेनिकल जांच के लिए वर्कशॉप भेजा है।
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उत्तर-पश्चिम दिल्ली के केशवपुरम में बुधवार दोपहर डीटीसी बस ने दो स्कूटी पर सवार तीन युवकों को रौंद दिया। हादसे में किशन कुमार (43) और हितेश कुमार (26) की मौत हो गई, जबकि परवेज (28) को नजदीकी दीपचंद बंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के बाद भी चालक ने बस के ब्रेक नहीं लगाए। फिलहाल बस को कब्जे में लेकर करावल नगर निवासी चालक अमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बस को मैकेनिकल जांच के लिए वर्कशॉप भेजा है। हादसे की वजहों की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, किशन परिवार के साथ शालीमार बाग इलाके में रहता था। परिवार में पत्नी तारावती के अलावा तीन बेटे हैं। वह शालीमार बाग स्थित एक निजी कंपनी में कार चालक था। बुधवार को वह स्कूटी लेकर किसी काम से केशवपुरम की ओर जा रहा था। इस बीच हादसा हो गया। वहीं, रोहिणी निवासी हितेश फार्मा कंपनी में क्षेत्रीय प्रबंधक था। परवेज भी हितेश के साथ इसी कंपनी में नौकरी करता था। बुधवार को दोनों एक ही स्कूटी पर सवार होकर केशवपुरम आए थे। परवेज स्कूटी चला रहा था।
किशन और परवेज की स्कूटी केशवपुरम मेट्रो स्टेशन के पास पहुंची। आगे किशन जा रहा था। पीछे परवेज व नीले रंग की डीटीसी की रूट संख्या-913, करावल नगर से कमरुद्दीन नगर आ रही थी। अचानक किशन ने ब्रेक लगाए। परवेज को भी ब्रेक लगाने पड़े। इससे बस ने दोनों स्कूटी सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। दोनों स्कूटी बस के अगले हिस्से में फंस गईं। आरोपी करीब 50 मीटर तक दोनों को घसीटते ले गया। बाद में पीसीआर और एंबुलेंस की मदद से घायलों को दीपचंद बंधु अस्पताल पहुंचाया गया, जहां किशन और हितेश को मृत घोषित कर दिया गया। केशवपुरम थाना पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
तड़पते रहे घायल, तमाशबीन वीडियो बनाते रहे
हादसा हुआ तो मौके पर लोगों की भीड़ भी जुट गई। घायल युवक सड़क पर तड़पते नहीं, लेकिन किसी भी राहगीर ने उन्हें अस्पताल पहुंचाने की जहमत नहीं उठाई। लोग अपने-अपने मोबाइल निकालकर वीडियो बनाते रहे। करीब 15 से 20 मिनट तक तीनों सड़क पर तड़पते रहे। काफी देर बाद पहले एक एंबुलेंस आई। बाद में पीसीआर भी पहुंच गई। इनकी मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।