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डीटीसी की हड़ताल से मेट्रो यात्री भी परेशान, बढ़ा 30 लाख यात्रियों का बोझ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 22 Oct 2018 03:40 PM IST
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राजधानी में डीटीसी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे डीटीसी बस में रोजाना सफर करने वाले लगभग 30 लाख यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने इस धरना-प्रदर्शन को "नमक-रोटी" का नाम दिया है। धरने के दौरान डीटीसी बसों का सड़कों पर लगभग टोटा हो गया है, जिस कारण यात्रियों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने के लिए भारी परेशानी हो रही है।
कर्मचारियों ने चेताया है कि अगर धरने के प्रभाव के बाद भी उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो वे 29 अक्तूबर को फिर हड़ताल करेंगे। बता दें कि डीटीसी के 30 लाख यात्रियों के मुकाबले दिल्ली मेट्रो में रोजाना करीब 26.98 लाख लोग यात्रा करते हैं। ऐसे में डीटीसी की हड़ताल होने के कारण इसके यात्रियों का भार भी मेट्रो पर बढ़ गया है। ऐसे में मेट्रो का सफर और भी परेशानी वाला हो गया है। सबसे ज्यादा जिन कठिनाइयों से दिल्लीवाले जूझ रहे हैं वो निम्म हैं-
1- डीटीसी बस के 30 लाख यात्रियों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने के लिए काफी मुश्किल हो रही है। जो लोग रोजाना डीटीसी बस से ही सफर करते हैं उन्हें ऑटो, टैक्सी, पेट्रोल पंप की हड़ताल की वजह से तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं।
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2- दूसरी परेशानी ये भी है कि डीटीसी बसों के यात्रियों को ज्यादा पैसे और समय खर्च कर अपनी यात्रा पूरी करने को मजबूर हैं।
3- वहीं ऑटो, टैक्सी, बस सभी की हड़ताल की वजह से मेट्रो में भी भीड़ बढ़ गई, जिस कारण मेट्रो यात्री भी परेशान हो रहे हैं।
4- हड़ताल के बारे में पहले से पता होने पर भी दिल्ली सरकार ने आम जनता के लिए कोई इंतजाम नहीं किए जिससे यात्रियों को यह मुसीबत झेलनी पड़ रही है।
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कर्मचारियों ने चेताया है कि अगर धरने के प्रभाव के बाद भी उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो वे 29 अक्तूबर को फिर हड़ताल करेंगे। बता दें कि डीटीसी के 30 लाख यात्रियों के मुकाबले दिल्ली मेट्रो में रोजाना करीब 26.98 लाख लोग यात्रा करते हैं। ऐसे में डीटीसी की हड़ताल होने के कारण इसके यात्रियों का भार भी मेट्रो पर बढ़ गया है। ऐसे में मेट्रो का सफर और भी परेशानी वाला हो गया है। सबसे ज्यादा जिन कठिनाइयों से दिल्लीवाले जूझ रहे हैं वो निम्म हैं-
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1- डीटीसी बस के 30 लाख यात्रियों को अपने गंतव्यों तक पहुंचने के लिए काफी मुश्किल हो रही है। जो लोग रोजाना डीटीसी बस से ही सफर करते हैं उन्हें ऑटो, टैक्सी, पेट्रोल पंप की हड़ताल की वजह से तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं।
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2- दूसरी परेशानी ये भी है कि डीटीसी बसों के यात्रियों को ज्यादा पैसे और समय खर्च कर अपनी यात्रा पूरी करने को मजबूर हैं।
3- वहीं ऑटो, टैक्सी, बस सभी की हड़ताल की वजह से मेट्रो में भी भीड़ बढ़ गई, जिस कारण मेट्रो यात्री भी परेशान हो रहे हैं।
4- हड़ताल के बारे में पहले से पता होने पर भी दिल्ली सरकार ने आम जनता के लिए कोई इंतजाम नहीं किए जिससे यात्रियों को यह मुसीबत झेलनी पड़ रही है।
क्या है डीटीसी कर्मचारियों की मांग
डीटीसी वर्कर्स यूनिटी सेंटर के अध्यक्ष संतोष राय ने बताया कि कर्मचारियों की मांग है कि उनके वेतन में की गई कटौती के सर्कुलर को वापस लिया जाए और काटे गए वेतन को दिया जाए।
समान काम के लिए समान वेतन सभी के लिए अविलंब लागू किया जाए। तीसरी मांग है कि डीटीसी के लिए अपनी बसों की खरीदारी हो, प्राइवेट बसों का डीटीसी में किसी भी प्रकार से उपयोग न हो।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी डीटीसी प्रबंधन और सरकार से काफी समय से मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी कारण कर्मचारी धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर हुए हैं।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि प्रशासन ने मांगे नहीं मानीं तो 29 अक्तूबर को कर्मचारी डीटीसी मुख्यालय के बाहर हर तरीके से काम की हड़ताल करेंगे और बसों को सड़कों पर नहीं उतरने देंगे।
समान काम के लिए समान वेतन सभी के लिए अविलंब लागू किया जाए। तीसरी मांग है कि डीटीसी के लिए अपनी बसों की खरीदारी हो, प्राइवेट बसों का डीटीसी में किसी भी प्रकार से उपयोग न हो।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी डीटीसी प्रबंधन और सरकार से काफी समय से मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसी कारण कर्मचारी धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर हुए हैं।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि प्रशासन ने मांगे नहीं मानीं तो 29 अक्तूबर को कर्मचारी डीटीसी मुख्यालय के बाहर हर तरीके से काम की हड़ताल करेंगे और बसों को सड़कों पर नहीं उतरने देंगे।