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यात्रियों के लिए चालक रहित मेट्रो बनी कौतूहल, पहले हुई सुरक्षा की चिंता...दौड़ी तो मिला सुकून
Tue, 29 Dec 2020 02:29 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 29 Dec 2020 02:29 AM IST
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चालक रहित मेट्रो में यात्रा करते यात्री
- फोटो : amar ujala
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...ओ, बगैर ड्राइवर मेट्रो... पता नहीं कैसे चलेगी। कहीं कुछ हो न जाए। रास्ते में कुछ खराबी आ गई तो कैसे ठीक होगी...ऐसे कई सवाल और आश्चर्य के भाव सोमवार को ड्राइवरलेस मेट्रो में सफर करने वाले यात्रियों की जुबां पर थे। मेट्रो कैसे चलेगी, इसे लेकर उनमें जबरदस्त कौतुहल था। लेकिन सफर के दौरान पहले जैसा ही अहसास हुआ तो उनका आश्चर्यभाव खुशियों में बदल गया।
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दोपहर दो बजे जनकपुरी पश्चिम से जैसे ही बॉटेनिकल गार्डन के लिए मेट्रो रवाना हुई, इसमें सवार होने वाले अधिकतर यात्री सोचने लगे कि ड्राइवर तो है नहीं, फिर मेट्रो आगे कैसे बढ़ेगी। धीरे-धीरे यात्री कोच में प्रवेश करने लगे, डाबरी, दशरथपुरी, पालम के बाद एयरपोर्ट, हौजखास मेट्रो स्टेशन के बीच मजेंटा लाइन पर बगैर ड्राइवर दौड़ती मेट्रो में सफर करने वाली की संख्या बढ़ने लगी। जसोला पहुंचने में करीब 50 मिनट का वक्त लगा।
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इस दौरान कोई मेट्रो के अंदर सेल्फी ले रहा तो अधिकतर यात्रियों की नजर पायलट कैब (केबिन) की तरफ टिकी रही। जैसे ही कुछ सेकेंड के लिए दरवाजा खुलता, हर किसी में इसी बात की उत्सुकता दिखी, ऐसा कैसे हो सकता है।
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अलार्म की तरफ रहीं यात्रियों की निगाहें
चालक रहित मेट्रो में अलार्म सिस्टम के बारे में भी यात्रियों में उत्सुकता थी कि आखिरकार आपात स्थिति में क्या कर सकते हैं। मेट्रो अधिकारियों ने जब बताया कि अलार्म बटन दबाते ही सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क होगा और जरूरी सहायता भी मिलेगी। तो उन्होंने राहत की सांस ली।
यात्री बोले- दिल जीत लिया
यात्री राजेश मीणा ने कहा कि मेट्रो में सफर करते हैं, लेकिन चालक रहित मेट्रो की सुविधा से यात्रा और सुरिक्षत होगी। गौरव यादव ने कहा कि मेट्रो में इस तरह के बदलाव की उम्मीद थी, लेकिन इतना जल्दी सब कुछ हकीकत बन जाएगा, अंदाजा नहीं था।
मथुरा से आए श्यामपाल सिंह, रामबीर सिंह तोमर ने कहा कि दिल्ली मेट्रो में पहली बार सफर कर रहे हैं। चालक रहित मेट्रो की सुविधा तो सपना सच होने जैसी लग रही है। चालक रहित मेट्रो में सफर को अच्छा अनुभव बताते हुए रिया ने कहा कि उन्हें इस बारे में पता नहीं था। जैसे ही अपनी दोस्त के साथ पालम से मेट्रो में सवार हुई तो सफर बेहद अच्छा महसूस हुआ।
ग्रेजुएशन की छात्रा गुरप्रीत ने बताया कि उनके घर पर तो टीवी न्यूज के साथ-साथ डिनर पर भी चालक रहित मेट्रो पर चर्चा हो रही थी। आकांक्षा ने बताया कि वह रोजाना मेट्रो से ही सफर करती हैं। शुरुआत में थोड़ी चिंता सता रही थी कि चालक रहित मेट्रो का सफर कैसा होगा, लेकिन बाद में काफी अच्छा लगा।