Delhi: नल से सीधे मिलेगा पेयजल, सीएम ने जल बोर्ड की बैठक में अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
केजरीवाल ने कहा कि कई वजहों से गंदे पानी की आपूर्ति होती है। इसमें से अहम जलशोधक संयंत्रों का पुराना हो जाना है। इन सभी को आधुनिक बनाया जाए।
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दिल्ली सरकार की कवायद अगर रंग लाई तो घर में फिल्टर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पाइप के पानी का इस्तेमाल सीधे पीने के लिए किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को जल बोर्ड के अधिकारियों बैठक को इस बारे में सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि हर हाल में गंदे पानी की आपूर्ति की समस्या का स्थायी निदान निकालना है। इसके लिए सटीक व कारगर योजना जरूरी है। वहीं, गंदे पानी की शिकायत वाले इलाकों की पहचान कर उसका माकूल समाधान देना है।
केजरीवाल ने कहा कि कई वजहों से गंदे पानी की आपूर्ति होती है। इसमें से अहम जलशोधक संयंत्रों का पुराना हो जाना है। इन सभी को आधुनिक बनाया जाए। अमोनिया, नाइट्रेट या आयरन जैसे पदार्थों की वजह से गंदा पानी आने की समस्या से निपटने के लिए संयंत्रों में पानी का इन सीटू ट्रीटमेंट किया जाए। इसके अलावा सीवर लाइन की वजह से गंदा पानी आने की शिकायत को दूर करने के लिए डि-सिल्टिंग की जाए। ट्यूबवेल से भी अमोनिया आने की शिकायत को खत्म करें। कुछ जगहों पर नाइट्रेट आने की भी शिकायत है। ऐसी जगहों पर नाइट्रेट रिमूवल सिस्टम लगाया जाए। उन्होंने ये सारे काम एक तय समयसीमा के आधार पर अधिकारियों को करने के निर्देश दिए।
नए ट्यूबवेल लगाने का काम तेज होगा
केजरीवाल ने निर्देश दिए कि पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए ट्यूबवेल लगाने का काम तेजी किया जाए, ताकि जनवरी-फरवरी में ट्यूबवेल डाउन न हों। अक्तूबर तक 450 ट्यूबवेल्स लगाने का कार्य पूरा कर लिया जाए और आवश्यकता वाले स्थानों पर आरओ प्लांट भी लगाए जाएं। जहां पर जमीन की जरूरत है, वहां जमीन प्राप्त करने का प्रयास तेज किया जाए, ताकि जल्द से ट्यूबवेल्स लगाने का काम पूरा किया जा सके। नए व पुराने ट्यूबवेलों को हाईटेक सिस्टम से लैस किए जाए। क्लस्टर के हिसाब से ट्यूबवेलों को चिह्नित कर कुछ जगहों पर हाईटेक सिस्टम लगाया जाए और बाकी जगहों पर सामान्य सिस्टम पर काम किया जाए। ये ट्यूबवेल लगने के बाद 70 एमजीडी पानी की क्षमता बढ़ जाएगी। इस तरह दिल्ली में पानी की क्षमता बढ़कर 1060 एमजीडी हो जाएगी।
शोधित पानी का उपयोग झीलों में होगा
केजरीवाल ने ट्रीटेड पानी का अधिकतम उपयोग करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जितनी झीलें बन रही हैं, उनके कार्य में तेजी लाई जाए और अधिकांश ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल इन झीलों में किया जाए। यमुना में वही पानी छोड़ा जाए, जिसका बिल्कुल इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। साथ ही, झीलों के साथ आरओ प्लांट लगाने का काम भी चालू किया जाए।