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लड़कियों को जिम जाना है तो ढकना होगा पूरा बदन!

Thu, 11 Sep 2014 04:01 PM IST
Updated Thu, 11 Sep 2014 04:01 PM IST
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Dress code for school girls in gurgaon college.

भले ही इस बात का रोना रोया जाता है कि खेलों में हम चीन से इतने पीछे क्यों है, लेकिन जमीन पर जो सच्चाई है उसे देखने से पता चलता है कि कैसे हम लोग अपनी प्रतिभाओं को निखारने से पहले ही उन्हें ड्रेस कोड जैसी छोटी बातों में उलझा कर खत्म कर रहे हैं।

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चेतना (बदला हुआ नाम) शॉकर खेलती हैं। वह गुड़गांव के गवर्नमेंट कॉलेज में फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट हैं। उसका सपना इस खेल मे आगे बढ़ने का है। लेकिन ड्रेस कोड की मजबूरी की वजह से उसका सपना विखरता हुआ दिख रहा है।
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कॉलेज ने उन्हें घुटने के ऊपर तक दिखने वाला हॉफ पैंट पहनने से मना कर दिया है। अब वह कॉलेज के जिमनेजियम में प्रैक्टिस नहीं कर सकती क्योंकि, किसी भी शॉकर प्लेयर के लिए अपने फिटनेस को पाने के लिए जिम जाना जरूरी होता है। ड्रेस कोड की वजह से जिम में प्रैक्टिस करना असंभव है।
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मजे की बात है कि कॉलेज ने इस जिम का हाल ही में नवीनीकरण कराया है। लेकिन ड्रेस कोड की वजह से चेतना सहित अन्य लड़कियों के लिए इस जिम का कोई महत्व नहीं है। चेतना का कहना है कि शॉर्ट तो भूल जाइए, हमें तो स्लीव लेस और कैप्री तक पहनने की भी मनाही है।

ऐसे कपड़े पहने जिससे पूरा शरीर ढका हो

Dress code for school girls in gurgaon college.

टीओआई के मुताबिक 20 से ज्यादा लड़कियों ने प्रिंसिपल के इस ड्रेस कोड का विरोध किया है। हालांकि, प्रिसिंपल ने ऐसी किसी ड्रेस कोड की पाबंदी से इनकार किया है। लेकिन उनका मानना है कि हमें जैसा देश हो वैसा ही भेष रखना चाहिए।

ऐसे भी मामले आए हैं जब स्कूल प्रशासन ने उन लड़कियों के पेरेंट्स को बुलाकर शिकायत की जिन्होंने ड्रेस कोड का उल्लंघन किया। सूत्रों के मुताबिक लड़कियों को सख्त आदेश है कि वो ऐसे ही कपड़े पहने जिनसे उनका पूरा शरीर ढंका रहे।

यहां तक कि लड़कियों को नेट वाले टॉप पहनने की भी अनुमति नहीं है। लड़कियों का कहना है‌ कि इस ड्रेस कोड की वजह से खेल में हमारी भागीदारी कम होती जा रही है।

भारतीय परिधान पहनने के आदेश पर कमेंट करते हुए बीबीए में पढ़ने वाली एक स्टूडेंट का कहना है कि जिम में ट्रेडमिल या स्टेशनरी साईकिल पर आम भारतीय ड्रेस पहन कर वर्कआउट नहीं किया जा सकता।

कैप्री पहनने पर नहीं दिया एडमिशन

Dress code for school girls in gurgaon college.

बच्‍चों के मां-बाप का कहना है कि कई बार ड्रेस कोड को फॉलो न करने की वजह से लड़कियों को स्कूल गेट के अंदर तक नहीं जाने दिया गया।

एक छात्रा का कहना है कि उसकी छोटी बहन को गार्ड ने केवल इसलिए कॉलेज में नहीं आने दिया क्योंकि उसने कैप्री पहन रखी थी। इसकी शिकायत लेकर जब हम प्रिंसिपल के पास गए तो उन्होंने कहा कि सभ्य दिखने के लिए जरूरी है कि भारतीय पोशाक पहनें।

हालांकि कॉलेज की प्रिंसिपल उषा ‌मलिक का कहना है कि मेरा व्यक्तिगत मानना है कि किसी की भी ड्रेस उसकी संस्कृति के मुताबिक होनी चाहिए।

हमने कभी भी बच्चों को भारतीय ड्रेस कोड को फॉलो करने का आदेश नहीं दिया लेकिन, कैंपस की मर्यादा बनाए रखने के लिए उचित कपड़े पहनना भी जरूरी है।

'ड्रेस कोड से रूकेगी छेड़छोड़'

Dress code for school girls in gurgaon college.

प्रिंसिपल का कहना है कि अक्सर हमारे पास यह शिकायत आती है कि कैंपस के बाहर लड़कियों के साथ छेड़खानी की घटना हुई। ऐसे में इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

कई प‌रिवारों का कहना है कि कई बार उनके बच्चे कालेज में ड्रेस कोड न पहनने की वजह से कैंपस में प्रवेश नहीं कर पाते है। वंदना का कहना है कि एक बार उसकी बहन कैप्री पहन कर गयी तो सिक्युरिटी गार्ड ने उसे अंदर नहीं जाने दिया।

इन सब के बारे में प्रिंसिपल ऊषा मलिक का कहना है कि हम कभी ये नहीं कहते कि सिर्फ सूट ही पहने। हां, हम यह जरूर कहते हैं कि छात्राएं सभ्य कपड़े पहनें ताकि कालेज कैंपस के बाहर उनके साथ कुछ गलत न हो।

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