नड्डा के आते ही एम्स में नया सीवीओ
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कुछ महीने पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को पत्र लिखकर एम्स के सीवीओ संजीव चतुर्वेदी को पद से हटाने की मांग की थी।
यही नहीं पत्र में उन्होंने एम्स के पीडियाट्रिक्स विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद पॉल को सीवीओ बनाने की मांग की थी। इसके बाद चतुर्वेदी को पद से हटा दिया गया, लेकिन अभी तक एम्स का नया सीवीओ नियुक्त नहीं हो पाया है।
ऐसे में माना जा रहा है कि नड्डा ने जिन कामों की सिफारिश हर्षवर्धन से की थी, अब केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री बनने के बाद अब उन पर स्वयं फैसला कर सकेंगे। सूत्रों की मानें तो डॉ. पॉल हिमाचल प्रदेश के रहने वाले हैं।
संजीव चतुर्वेदी द्वारा की गई कार्रवाई पर असर पड़ेगा?
सीवीओ रहते हुए संजीव चतुर्वेदी ने जो कार्रवाई की थी, उन सभी पर रोक लगाकर दोबारा से जांच कराने के लिए भी नड्डा ने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा था। ऐसे में अब तय है कि नड्डा के स्वास्थ्य मंत्री बनने से संजीव चतुर्वेदी द्वारा की गई कार्रवाई पर असर पड़ेगा। यदि दोबारा से जांच होती है तो इसका लाभ कई अधिकारियों को मिलेगा।
इसमें एम्स के तत्कालीन डीडीए विनीत चौधरी भी शामिल हैं, जो वर्तमान में हिमाचल प्रदेश सरकार में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं। गौरतलब है कि केंद्रीय सतर्कता आयोग ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कहा था कि हरियाणा कैडर के आईएफएस अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने वहां कई घोटालों का खुलासा किया है, इसलिए उनका उत्पीड़न किया जा रहा है, लिहाजा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। इसके बाद केंद्र सरकार राज्य सरकार के न चाहते हुए संजीव को प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में ले आई थी।
जेपी नड्डा ने संजीव चतुर्वेदी को उनके मूल कैडर में वापस भेजने के लिए पत्र लिखा था। सोमवार को पूरे दिन एम्स में इसी बात को लेकर चर्चा होती रही कि नड्डा के स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद एम्स में संजीव चतुर्वेदी का क्या भविष्य है। संजीव चतुर्वेदी फिलहाल एम्स में बतौर डिप्टी सेक्रे टरी कार्य कर रहे हैं। उनका अभी डेढ़ वर्ष का कार्यकाल शेष है।