डीपीएस में रेप मामलाः अप्रैल से ही स्वीमिंग पूल में जाने से डरने लगी थी मासूम
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ग्रेटर नोएडा में 12 अप्रैल को बच्ची को दर्द की शिकायत होने डीपीएस स्कूल में दरिंदगी की वारदात उजागर हुई। अब पुलिस पड़ताल और परिजन से पूछताछ में कुछ ऐसे तथ्य ऐसे सामने आने लगे हैं जिससे आशंका होने लगी है कि आरोपी लाइफ गार्ड चंडीदास लंबे समय से बच्ची से घिनौनी हरकत कर रहा था।
इस आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि आरोपी अन्य बच्चियों से भी इस तरह की घटना करता रहा हो। इसके लिए पुलिस ने एक-दो महीने तक की सीसीटीवी फुटेज की स्कूल प्रबंधन से मांगी है।
पिता का कहना है कि उनकी बच्ची स्वीमिंग की शौकीन थी। उसे पानी में नहाना बेहद पसंद था। पिछले साल वह खुश होकर स्कूल के पूल में गई थी, लेकिन अप्रैल से बच्ची पानी को देखकर न केवल डरती थी, बल्कि कई बार रोने लगती थी।
बच्ची के व्यवहार में आए बदलाव को देखकर परिजन भी हैरत में थे, लेकिन कुछ समझ नहीं पा रहे थे। अब इस वारदात के सामने आने के बाद उन्हें आशंका होने लगी है कि आरोपी पहले से बच्ची से हरकत कर रहा होगा। डीपीएस स्कूल में केवल एक स्वीमिंग पूल है। जबकि लड़कों और लड़कियों का अलग स्वीमिंग पूल होना चाहिए।
सहमी हुई बच्ची बार-बार बोली ‘डोंट टच मी’
जांच अधिकारी ने बताया कि उन्हें दिल्ली के जीटीबी अस्पताल से बच्ची को मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट आने की सूचना मिल गई थी, जिससे वह वहां पहुंच गए। जब उन्होंने बच्ची को देखा तो वह बेहद सहमी और डरी हुई थी।
अगर, उसे कोई बात करने का प्रयास करता तो वह उससे कहने लगती कि ‘डोंट टच मी’। कई बार उसे कुछ खाने के लिए देने का प्रयास किया गया लेकिन वह मना करती रही। कई घंटे बाद उसने बमुश्किल से एक चॉकलेट ली।
बच्ची और परिजनों के दर्ज होंगे बयान
परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर भी लापरवाही के आरोप लगाए हैं। अभी उनके और बच्ची के बयान दर्ज होने हैं, ये बयान केस में शामिल किए जाएंगे। लाइफ गार्ड के पास स्वीमिंग आदि का सर्टिफिकेट नहीं है। न ही उसका पुलिस वेरिफिकेशन कराया गया है। स्कूल के पास स्वीमिंग पूल की अनुमति है या नहीं। इसकी भी जांच की जा रही है।- बोबेश धीमान, जांच अधिकारी, सूरजपुर कोतवाली
छात्राओं के चेंजिंग रूम में रखा था स्वीपर का सामान
पुलिस पड़ताल में पता चला है कि डीपीएस के स्वीमिंग पूल के पास दो चेंजिंग रूम हैं, लेकिन छात्राओं के चेंजिंग रूम में स्वीपर का सामान रखा हुआ था। वहीं, जिला क्रीडा अधिकारी ने दावा किया है कि डीपीएस में महिला लाइफ गार्ड की तैनाती थी, चंडीदास लाइफ गार्ड नहीं था।
उनके बयान से ये सवाल खड़ा हो गया है कि कहीं अधिकारियों को गुमराह कर चंडीदास से लाइफ गार्ड का काम तो नहीं लिया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, जब उन्होंने डीपीएस में जाकर घटना स्थल का निरीक्षण किया तो वहां एक ही स्वीमिंग पूल था।
वहां दो चेंजिंग रूम दिखाई दिए, लेकिन उन्हें देखकर ऐसा लग रहा था कि जैसे उनका इस्तेमाल नहीं किया जाता हो। छात्राओं के चेजिंग रूम में स्वीपर का सामान रखा हुआ था। वहीं, टीचर बच्चों को लेकर स्वीमिंग पूल पर पहुंचती थीं।
मूलरूप से बुलंदशहर निवासी एक स्वीपर ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि उसका काम केवल सफाई करना है। ऐसे में ये बड़ा सवाल है कि बच्चियों के कपड़े वहां कौन और कहां चेेंज करता था।
डीपीएस के पास स्वीमिंग पूल की अनुमति है। डीपीएस में महिला लाइफ गार्ड भी तैनात है। चंडीदास लाइफ गार्ड नहीं है। स्कूल प्रबंधन दावा कर रहा है कि घटना स्वीमिंग पूल में नहीं हुई। स्कूल जाकर जांच की जाएगी।- अनिता नागर, जिला क्रीडा अधिकारी
डीएम ने बनाई पांच सदस्यीय जांच कमेटी
दिल्ली पब्लिक स्कूल ग्रेनो में साढ़े तीन साल की छात्रा से दुष्कर्म के मामले की जांच के लिए जिलाधिकारी ने पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी को चार बिंदुओं पर जांच कर अपनी रिपोर्ट 15 दिन में देने को कहा गया है।
जांच के लिए अपर जिलाधिकारी प्रशासन कुमार विनीत की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कमेटी में मुख्य चिकित्साधिकारी की तरफ से नामित सक्षम अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक गौतमबुद्ध नगर के सदस्य सचिव, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन गौतमबुद्ध नगर, मुख्य अग्निशमन अधिकारी के नाम शामिल हैं।
इसमें कहा गया है कि समिति को जांच कर स्पष्ट आख्या में चार बिंदुओं पर 15 दिन में रिपोर्ट देनी है। क्या विद्यालय की तरफ से मानक के अनुसार सुरक्षा प्रबंध किए गए थे। क्या सभी क्षेत्रों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए समुचित सीसीटीवी लगे हैं।
सीसीटीवी क्रियाशील हैं कि नहीं। घटना को लेकर सुझाव भी मांगे जाएंगे। विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संबंधित शिक्षा बोर्ड और राज्य सरकार की तरफ से निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों के पालन के लिए जिले के स्कूलों को समय-समय पर जानकारी दी गई है।
आदेश को जारी करने में प्रशासन ने की बड़ी चूक
जिला प्रशासन ने जांच कमेटी बनाने के लिए 15 जुलाई को छात्रा से दुष्कर्म की घटना को प्रमुखता से प्रकाशित कराने का उल्लेख करते हुए आदेश जारी किया है, लेकिन समाचार प्रकाशित होने से एक दिन पहले 14 जुलाई की तिथि में आदेश जारी कर दिया गया है। अगर खबरों के आधार पर जांच कमेटी बनाई गई है तो एक दिन पहले की तिथि में आदेश कैसे जारी कर दिया गया।