SUP Ban: प्लास्टिक बना रहीं 14 इकाइयां बंद, 1.22 करोड़ का ठोंका गया जुर्माना, सभी की काटी गई बिजली
एकल उपयोग प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगने के 10 दिन बाद भी खुलेआम लापरवाही करने वाली इन इकाइयों पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के एवज में 1.22 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। डीपीसीसी ने बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के अंदर जाकर करीब 58 इकाइयों का निरीक्षण किया, जिनमें से 26 इकाइयों में प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक की बिक्री और उपयोग पाया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने सोमवार को एकल उपयोग प्लास्टिक का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान नरेला और बवाना औद्योगिक क्षेत्र में 14 इकाइयों को बंद करने का निर्देश दिया गया। ये सभी इकाइयां प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का उल्लंघन करती पाई गईं इन इकाइयों के अंदर 75 या 50 माइक्रोन से कम प्लास्टिक पैकेजिंग सामग्री का निर्माण किया जा रहा था। इन सभी 14 इकाइयों की बिजली भी काट दी गई है।
एकल उपयोग प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध लगने के 10 दिन बाद भी खुलेआम लापरवाही करने वाली इन इकाइयों पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के एवज में 1.22 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। डीपीसीसी ने बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के अंदर जाकर करीब 58 इकाइयों का निरीक्षण किया, जिनमें से 26 इकाइयों में प्रतिबंधित एकल उपयोग प्लास्टिक की बिक्री और उपयोग पाया गया। इन सभी इकाइयों के खिलाफ 1.3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
एकल उपयोग प्लास्टिक पर पूर्णतया प्रतिबंध लगने के बाद दिल्ली सरकार की तरफ से 10 दिन का समय दिया गया था। इसके बाद 11 जुलाई से डीपीसीसी की तरफ से कार्रवाई शुरू की गई है। अब यदि लापरवाही पाई गई तो ऐसे लोगों की खैर नहीं होगी। विभाग ने कहा है कि लापरवाह लोगों पर न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि उसके प्रतिष्ठान, इकाई को बंद भी कर दिया जाएगा।