दो गुटों के बीच बवाल के बाद पूर्व सांसद ने की पंचायत
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नोएडा के सेक्टर-71 स्थित सर्फाबाद गांव में दो गुटों के बीच हुई झड़प के बाद बृहस्पतिवार को पूर्व सांसद डीपी यादव पंचायत करके सुलह समझौता करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि गांव में सभी धर्मों और जातियों के लोग मिलजुलकर सालों से रह रहे हैं। ऐसे में गांव का माहौल बिगड़ना गांव की उन्नति के लिए बहुत बड़ा आघात है।
दोनों ही पक्ष भाईचारे से मामला सुलझाकर पुरानी स्थिति में ले आएं।
धार्मिक स्थल को लेकर हुआ था विवाद
दरअसल, सोमवार रात गांव में एक धार्मिक स्थल को बनाने के प्रयास और उस पर पथराव की घटना के बाद माहौल बिगड़ गया था। रात में ही भारी संख्या में पुलिस और पीएसी के पहुंचने के बाद स्थिति पर काबू पाया जा सका था।
इस मामले में 13 लोगों को नामजद कर पांच लोगों को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद से गांव में लगातार अमन-चैन कायम करने के प्रयास चल रहे थे।
इसी कड़ी में बृहस्पतिवार को सुबह साढ़े ग्यारह बजे सर्फाबाद के एक गेस्ट हाउस में पंचायत का आयोजन किया गया था।
ताकि फिर न खराब हो अमन चैन
डीपी यादव की अध्यक्षता में गांव के करीब डेढ़ से दो सौ लोगों ने इस पंचायत में हिस्सा लिया। इस दौरान दोनों पक्षों के लोगों ने पंचायत में अपनी बात रखी। पंचायत में उन्होंने कहा कि गांव की परंपरा हमेशा भाईचारे वाली रही है।
कभी भी गांव का अमन-चैन खराब नहीं हुआ है। ऐसे में गांव का माहौल बिगड़ने पर गांव के लोग पिछड़ जाएंगे। उन्होंने बताया कि गांव में धार्मिक स्थल पूर्व की स्थिति में रहेगा।
वहीं, गांव के बुजुर्ग इसकी जिम्मेदारी लें कि अब कोई अमन-चैन बिगाड़ने वाली घटना न हो। दूसरा पक्ष भी पुलिस को दी शिकायत वापस ले। पंचायत में एमएलसी जितेंद्र यादव, सुखबीर पहलवान आदि लोग मौजूद थे।
15 लोगों की कमेटी को सौंपा जिम्मा
बता दें कि कुछ माह पहले भी दो समुदायों में तकरार हो गई थी, तब भी डीपी यादव ने गांव आकर दोनों पक्षों को समझाया था। वह मूलरूप से सर्फाबाद के ही रहने वाले हैं।
दो दिन पूर्व सर्फाबाद गांव में सीओ तृतीय की मौजूदगी में 15 बुजुर्ग लोगों की कमेटी बनाई गई थी। जिसे यह जिम्मा सौंपा गया था कि गांव का अमन-चैन वापस लाया जाए। अब सारे विवाद यही कमेटी सुलझाएगी।
सीओ तृतीय राजकुमार मिश्रा ने कहा कि सर्फाबाद में डीपी यादव के नेतृत्व में गांव में अमन-चैन लाने के लिए एक पंचायत की बात पता चली है, लेकिन दूसरे पक्ष द्वारा शिकायत वापस लेने की बात की पुलिस को जानकारी नहीं है।