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27 साल बाद भाई दूज पर बहनों को देख आंसू नही रोक पाया डॉन

Sat, 14 Nov 2015 05:09 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 14 Nov 2015 05:09 PM IST
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Don couldn't stop tears to see his sisters after 27 years.

अंडर वर्ल्ड सरगना राजेंद्र सदाशिव निकलजे उर्फ छोटा राजन से उसकी दो बहनों ने सीबीआई हिरासत में मिलकर भाई दूज की शुभकामनाएं दी। राजन ने बहनों को कहा, वह ठीक है और आप भी खुश रहो। करीब 27 वर्ष बाद परिवार के सदस्य मिले तो आंखों से आंसू अपने आप ही निकल पड़े।

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सीबीआई मुख्यालय में काफी प्रयासों के बाद राजन की बहन सुनीता शक्करण चव्हान व शालिनी शकपाल को देर शाम मिलने की इजाजत मिली। सूत्रों के अनुसार, राजन व उनकी बहनों का आमना-सामना करवाया गया।
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करीब आधे घंटे की मुलाकात के दौरान कुछ देर के लिए सभी एक दूसरे को ताकते रह गए। राजन की भी आंखों से अपनी बहनों को देखकर आंसू निकल पड़े। वहीं बहनें भी भाई से मिलकर काफी खुश दिखाई दीं।
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27 साल बाद हुई छोटा राजन से मुलाकात

Don couldn't stop tears to see his sisters after 27 years.

मिलने के बाद दोनों बहनों ने भारतीय न्याय प्रणाली व कानूनी व्यवस्था का आभार जताया। उन्होंने कहा कि देश के कानून के कारण ही वे 27 वर्षों बाद भाई से मिल पाई हैं और उन्होंने अपने भाई के स्वास्थ्य के लिए दुआ मांगी।

दोनों बहनों की आयु को देखते हुए उनका एक दामाद भी सहायता के लिए साथ गया था। इससे पूर्व राजन की दोनों बहनों के आवेदन पर घर पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश विनोद कुमार ने सीबीआई के जांच अधिकारी को पेश होने का निर्देश दिया। दोपहर 12.30 बजे तक भी जांच अधिकारी पेश नहीं हो पाया।

वहीं राजन की बहनों सुनीता शक्करण चव्हान व शालिनी शकपाल के अधिवक्ता राजीव जय ने तर्क रखा कि छोटा राजन करीब 27 वर्ष बाद भारत वापस आया है और उसका पूरा परिवार मुंबई में रह रहा है।

भाई दूज पर दी गई कई दलीलें

Don couldn't stop tears to see his sisters after 27 years.

उन्होंने कहा कि उनकी मुवक्किला अपने भाई से मिलना चाहती है और भाई दूज के त्योहार पर अपने भाई को शुभकामनाएं देना चाहती है। उन्होंने कहा कि उनकी मुवक्किला को भी अपने भाई से मिलने का अधिकार है।

ऐसे में इतनी लंबी अवधि के ध्यानार्थ उनकी मुवक्किला को अपने भाई राजन से मिलने व उसे तिलक लगाने की इजाजत प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि अदालत इस मुलाकात के लिए कोई भी शर्त तय कर सकती है और वे उसका पालन करेंगे।

अदालत ने आवेदन को सीबीआई अधिकारियों के पास स्थानांतरित करते हुए उन्हें इस पर विचार कर मुलाकात तय करने का निर्देश जारी कर दिया। अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी के उपस्थित नहीं होने पर वे बिना उनका पक्ष सुने कोई आदेश नहीं देना चाहते।

ऐसे में जांच अधिकारी या अन्य वरिष्ठ अधिकारी तय नियमों व परिस्थितियों के अनुसार इन दोनों को छोटा राजन से मिलने के संबंध में निर्णय ले। गौरतलब है कि राजन को छह नवंबर को भारत लाया गया था और वह वर्तमान में सीबीआई की हिरासत में है।

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