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कुत्ते न छेड़ें, काट खाएंगे: 15-20 दिन तक रहेंगे आक्रामक, इसके बाद बदलेगा मिजाज, जानिए क्या है इसके पीछे वजह

Sun, 10 Sep 2023 10:59 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद Published by: आकाश दुबे Updated Sun, 10 Sep 2023 10:59 PM IST
सार

सितंबर के बाद आक्रामकता में कमी आ जाएगी। इसके अलावा बरसात के बाद कुत्तों के शरीर में खुजली होने के साथ ही दांत व मुंह में भयंकर जलन होने लगती है। इससे बेचैनी बढ़ जाती है और जो भी सामने आता है, गुस्से में उसे काट लेते हैं।

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Dogs will remain aggressive for 15 to 20 days after this their mood will change
कुत्तों का झुंड - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

इस समय प्रजनन काल होने से कुत्ते अधिक आक्रामक हो रहे हैं। पशु चिकित्सकों का कहना है कि 15 से 20 दिन तक अभी प्रजनन काल है, जरा-सा भी छेड़ने पर आक्रामक होकर लोगों को काटेंगे इसलिए किसी भी तरह कुत्तों के छेड़ने से बचें। सितंबर के बाद आक्रामकता में कमी आ जाएगी। इसके अलावा बरसात के बाद कुत्तों के शरीर में खुजली होने के साथ ही दांत व मुंह में भयंकर जलन होने लगती है। इससे बेचैनी बढ़ जाती है और जो भी सामने आता है, गुस्से में उसे काट लेते हैं।

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पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. महेश कुमार का कहना है कि अगस्त से सितंबर और फरवरी से मार्च कुत्तों के प्रजनन का समय होता है। इन दिनों में उनके हार्मोंन में बदलाव आता हैं इसलिए कुत्ते बहुत ज्यादा उत्तेजक हो जाते हैं। हार्मोन में बदलाव के दौरान छेड़छाड़ से कुत्ते चिड़चिड़े हो जाते हैंं और लोगों को काटना व दौड़ाना शुरू कर देते हैं।

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डर से भी काट रहे हैं कुत्ते
पशु चिकित्सक डॉ. प्रीतपाल का कहना है कि बदलते मौसम का जैसे हमारे शरीर पर असर पड़ता है, वैसे ही कुत्तों पर भी होता है। बारिश में त्वचा का संक्रमण कुत्तों को खतरनाक बनाता है। इसके अलावा अधिकांश कुत्ते किसी को तभी काटते हैं, जब उन्हें किसी तरह से छेड़ दिया जाता है। बच्चे किसी न किसी तरह से छेड़ देते हैं या डर से उन्हें भगाने के लिए ईट-पत्थर व डंडे मार देते हैं तो वह आक्रामक होकर काटने लगते हैं।

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जरूरी है एआरवी
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार का कहना है कि कुत्ता जो पहले से चार- पांच लोगों को काट चुका हो या बिना छेड़े लोगों को लगातार काट रहा हो तो उसके स्वभाव में आया बदलाव बताता है कि उस कुत्ते में रेबीज के लक्षण हैं। ऐसे कुत्ते को बिल्कुल नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। अगर किसी को गली के कुत्ते ने काटा है तो उस पर नजर रखनी चाहिए, उसकी मौत हो जाती है तो एंटी-रेबीज के अलावा सीरम भी लगवाना चाहिए। एक बार रेबीज हो गया तो उसका इलाज मुश्किल हो जाता है। रेबीज सौ फीसदी जानलेवा बीमारी है इसलिए कुत्ते के काटने के बाद रेबीज से बचाव का इंजेक्शन लेना बहुत ही जरूरी है।

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