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Delhi: महिला के पेट से निकाला 9.8 किलो का ट्यूमर, डॉक्टरों का दावा- अब मरीज कम से कम 10 साल सुरक्षित रहेगी

Thu, 12 Dec 2024 10:58 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Thu, 12 Dec 2024 10:58 AM IST
सार

एम्स में कैंसर सेंटर आईआरसीएच में सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डा. एमडी रे का कहना है कि मनप्रीत कौर नामक एक 49 वर्षीय महिला के पेट से 9.8 किलो का ट्यूमर निकाला।

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Doctors removed a 9.8 kg tumor from the woman's stomach
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Freepik.com

विस्तार

एडवांस स्टेज के ओवेरियन कैंसर से पीड़ित 49 वर्षीय महिला के पेट से एम्स के डॉक्टरों ने 9.8 किलो का ट्यूमर निकाला। करीब दस घंटे चली सर्जरी के बाद महिला अब सुरक्षित है। डॉक्टरों का दावा है मरीज कम से कम 10 साल सुरक्षित रहेगी। 

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एम्स में कैंसर सेंटर आईआरसीएच में सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डा. एमडी रे का कहना है कि मनप्रीत कौर नामक एक 49 वर्षीय महिला के पेट से 9.8 किलो का ट्यूमर निकाला। एम्स कैंसर सेंटर के सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डा. एमडी रे का कहना है कि मनप्रीत कौर 13 सालों से ग्रैनुलोसा सेल ट्यूमर (जीसीटी) से पीड़ित थी। पहले दो बार सर्जरी व कीमोथेरेपी होने के बाद भी तीसरी बार बीमारी हो गई। 
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दिसंबर 2011 में गायनेकोलाजी विभाग में पहली बार उस महिला मरीज की सर्जरी हुई थी। तब उसे स्टेज एक की बीमारी थी। यहां दो दिसंबर को दस घंटे तक चली सर्जरी में ट्यूमर को निकालने में कामयाबी मिली। मरीज अब ठीक और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
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डॉक्टर की माने तो इलाज के दौरान करीब 5 साल तक अस्पताल नहीं आई। समस्या बढ़ने पर 2017 में  गायनेकालोजी विभाग में आई। तब दूसरी बार उसकी सर्जरी और छह कीमोथेरेपी हुई थी। 


पेट दर्द से थी परेशान
तीन साल के बाद अक्टूबर में सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग में आई मरीज के पेट में बड़ा ट्यूमर दिखा। उसके पेट में दर्द, कब्ज व खाना खाने के बाद बार-बार उल्टी होने की समस्या होती थी। इस कारण तीन माह 15 किलोग्राम वजन कम हो गया था। शरीर में दूसरी परेशानी भी हो गई। इस कारण सर्जरी चुनौतीपूर्ण हो गई। सर्जरी से पहले मरीज को कई यूनिट ब्लड चढ़ाया गया और हाई प्रोटीन युक्त आहर दिया गया। चेस्ट की फिजियोथेरेपी व योग भी  कराया गया।

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