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देश के सबसे बड़े अस्पताल में इलाज करने वाले डॉक्टर हो रहे दो जानलेवा बीमारियों के शिकार

Fri, 13 Oct 2017 06:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 13 Oct 2017 06:04 PM IST
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doctors in delhi getting affected and ill during treatment of patient

सरकारी अस्पतालों के हालात किसी से छिपे नहीं हैै। फिर चाहे वह प्राथमिक हो या फिर केंद्र सरकार का। हर जगह एक जैसी स्थिति मरीज के अलावा डॉक्टरों के लिए भी परेशानी बन रही है। इसी पर एक बड़ा खुलासा हुआ है कि सरकारी अस्पतालों में ड्यूटी दे रहे डॉक्टर बीमारी की गिरफ्त में है।

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टीबी और कैंसर जैसी घातक बीमारियों की गिरफ्त में डॉक्टर जकड़े जा रहे हैं। इस संबंध में हाल ही में एक स्टडी भी सामने आई है। दिल्ली के डॉक्टरों की मानें तो अकेले देश की राजधानी में ही पिछले 2 वर्ष के दौरान 50 से भी ज्यादा डॉक्टर बीमार पड़ चुके हैं। किसी को टीबी हुआ है तो किसी को कैंसर। किसी को इंफेक्शन यानि संक्रमण है तो किसी को स्वाइन फ्लू।
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यह स्थिति देश के सबसे बड़े चिकित्सीय संस्थान एम्स से लेकर आरएमएल, सफदरजंग और लेडी हॉर्डिंग मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त दिल्ली सरकार के अस्पतालों की भी है। बताया जा रहा है कि अस्पतालों में फैला संक्रमण और डॉक्टरों की सुरक्षा के बेहद कमजोर इंतजाम इसकी मुख्य वजहें हैैं।

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आरएमएल से ही 12 डॉक्टर बीमार      

doctors in delhi getting affected and ill during treatment of patient

राम मनोहर लोहिया अस्पताल के आरडीए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. डीएस मीणा बताते हैं कि 2 वर्षों में सिर्फ उन्हीं के अस्पताल में एक दर्जन से ज्यादा डॉक्टरों को टीबी की बीमारी हो गई है। इनमें से कुछ तो ऐसे भी हैं, जिन्हें मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट हुआ है।

उनका कहना है कि मरीजों की बेतहाशा भीड़ और वेन्टीलेशन का आभाव डॉक्टरों को कमजोर बना रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों के लिए न तो ड्यूटी रूम है और न ही पानी पीने की व्यवस्था। ऐसे में लंबे समय तक काम करना डॉक्टरों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है।

लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के आरडीए व फोर्डा अध्यक्ष डॉक्टर विवेक चौकसे बताते हैं कि पिछले 3 वर्षों में उनके कॉलेज में भी करीब 15 डॉक्टरों को टीबी की बीमारी हो गई है। इसकी वजह डॉक्टरों को मिलने वाली सुविधा है। अस्पताल में गंदगी और सीलन है, वहीं हॉस्टल बहुत छोटे है।  

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