बच्ची के प्राइवेट पार्ट से बहता रहा खून, नहीं किया इलाज
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नोएडा के सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में लापरवाही के मामले थमते नजर नहीं आ रहे हैं। मंगलवार को आठ साल की एक बच्ची अपने पिता के साथ करीब दो घंटे तक इलाज के लिए अस्पताल में भटकती रही लेकिन महिला विभाग के डॉक्टर ने उसे नहीं देखा।
बच्ची के प्राइवेट पार्ट से रक्त स्राव हो रहा था। इमरजेंसी के डॉक्टरों ने दुष्कर्म का शक जताते हुए उसे महिला विभाग भेजा था।
सेक्टर- 62 के पास एक गांव की आठ साल की बच्ची को उसका पिता इलाज के लिए दोपहर करीब 12 बजे जिला अस्पताल लेकर आया था। प्राइवेट पार्ट से रक्त स्राव होने से बच्ची दर्द से कराह रही थी।
बच्ची की हालत को देखते हुए इमरजेंसी डॉक्टर ने खून रोकने का इंजेक्शन और आवश्यक कार्रवाई कर उसे महिला विभाग में रेफर कर दिया लेकिन बच्ची की हालत नहीं सुधरी।
'इलाज नहीं होगा, दिल्ली जाओ'
बच्ची के पिता ने बताया कि महिला विभाग की डॉक्टर करीब डेढ़ घंटे तक उसे देखने को तैयार नहीं हुई। ऐसे में अस्पताल के अधिकारियों से मामले की शिकायत की। उन्होंने एक पर्ची पर लिखकर महिला विभाग में भेजा, जहां डॉक्टर ने यह कहते हुए भगा दिया कि इसका यहां इलाज नहीं हो सकता है। इसे दिल्ली ले जाओ।
उन्होंने जब रेफर करने के लिए पर्चे पर लिखने के लिए कहा तो आरोप है कि डॉक्टर ने उसे डांटा और भगा दिया। पिता ने बताया कि इसके बाद वह बच्ची को इलाज के लिए कैलाश अस्पताल ले गया। उनका कहना है कि बच्ची रात में सोई थी और सुबह से घर में ही थी। उसके साथ दुष्कर्म जैसी कोई घटना नहीं हुई है।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरएनपी मिश्र ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अस्पताल के स्टाफ से इस बारे में जानकारी मांगी जाएगी। बच्ची के पिता को बुलाया जाएगा और डॉक्टर से जवाब तलब किया जाएगा।