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सफदरजंग अस्पताल में दवाओं की कमी से डॉक्टर नाराज, प्रबंधन के खिलाफ गुस्सा आया सामने
Tue, 03 Sep 2019 02:08 AM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Published by: Trainee Trainee
Updated Tue, 03 Sep 2019 02:08 AM IST
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सफदरजंग अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्र सरकार के सफदरजंग अस्पताल में दवाओं की भारी है। इस कारण मरीजों को बाहरी दुकानों से दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। यहां मरीजों को जनऔषधि केंद्रों पर भी पर्याप्त दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। इसके कारण कई बार मरीजों को बाहर की दुकानों से दवाएं खरीदकर लानी पड़ती हैं।
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इस पर नाराज डॉक्टरों ने भी अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि प्रबंधन के सामने कई बार दवाओं की कमी के बारे में बताया जा चुका है। इसके बावजूद प्रबंधन के अधिकारी इस पर ध्यान नहीं देते हैं। सरकार बनने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन दो बार सफदरजंग अस्पताल आ चुके हैं, लेकिन एक बार भी प्रबंधन ने उनसे यह समस्या साझा करना जरूरी नहीं समझा।
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सफदरजंग अस्पताल की रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. प्रकाश बताते हैं कि अस्पताल में कोई भी दिक्कत होती है तो मरीज और उसके परिजन डॉक्टरों को कोसने लगते हैं। डॉक्टर का काम इलाज करना होता है। दवाओं या बिस्तर का इंतजाम करना नहीं। उन्होंने बताया कि काफी समय से अस्पताल में दवाएं न होने के कारण मरीजों को ये बाहर से लानी पड़ रही हैं।
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यहां मरीजों की संख्या काफी रहती है। यहां आपातकालीन सेवाओं में एम्स से भी रेफर होकर आए मरीज होते हैं। उन्होंने बताया कि कई बार तीमारदार जानकारी न होने के कारण दूसरी दवा ले आता है। ऐसे में किसी दिन कोई बड़ी घटना हो सकती है। यह सभी जानकारियां प्रबंधन को होने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकाला गया है। इसे लेकर सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से संपर्क किया गया, पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।