ग्रेटर नोएडा में डॉक्टर की हत्या, बवाल
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ग्रेटर नोएडा के रुस्तमपुर में प्रैक्टिस करने वाले रबूपुरा के मनोज कुमार की हत्या उसे सबक सिखाने के लिए की गई थी। दरअसल, मनोज की हत्या करने का इरादा उसी दिन बन गया था, जब आरोपियों की एक शादी के दौरान उससे मारपीट हुई थी।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक दो महीने पहले एक शादी में हुए विवाद में मनोज और डीजे के मालिक मुकेश व उसके दोस्तों के बीच मारपीट हो गई थी।
उसी दिन चारों दोस्तों ने ठान लिया था कि जब तक मनोज को कत्ल नहीं कर देंगे, तब तक चैन से नहीं बैठेंगे। इस विवाद में मुकेश और उसके दोस्तों की पिटाई हुई थी और यही बात उन्हें कांटे की तरह चुभ रही थी।
एक महीने की प्लानिंग के बाद इतनी बेरहम हत्या
सूत्र बताते हैं कि मनोज के आसपास रहने वाले एक शख्स को आरोपियों ने अपना मोहरा बनाया और उससे लगातार एक महीने तक मनोज की रेकी करवाई।
इन चारों दोस्तों को भी कई बार बाइकों पर रबूपुरा और आसपास के गांवों में घूमते देखा गया था। पुलिस के मुताबिक इन चारों ने खुद भी पूरे इलाके की रेकी की, ताकि वारदात के वक्त वह रास्ता न भटक जाएं।
मुकेश, धीर सिंह, महावीर और हरेंद्र ने अपनी साजिश में एक और शख्स को शामिल किया। उसे 50 हजार रुपये देने का वादा भी किया गया। इसके बाद आरोपियों ने मनोज को तय प्लान के मुताबिक मौत के घाट उतार दिया।
चाकू लगने पर भी नहीं छोड़ा पैर
मनोज की बाइक पर टक्कर मारकर आरोपियों ने नीचे गिरा दिया था। रुस्तमपुर गांव के पास वारदात के दौरान मनोज को चाकू मारा गया, लेकिन मनोज ने मुकेश का पैर पकड़ लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इस दौरान भी मुकेश ने पीठ में चाकू मारा ताकि मनोज की पकड़ से छूट सके। लेकिन, जब तक ग्रामीण नहीं आ गए मुकेश ने पैर नहीं छोड़ा। इसके बाद आरोपियों को धरदबोचा गया।
डॉक्टर की हत्या के विरोध में यमुना एक्सप्रेसवे जाम
रविवार सुबह ग्रामीण मनोज के अंतिम संस्कार के दौरान गुस्से में आ गए और उन्होंने गांव के पास पुलिया पर ही जाम लगा दिया। पुलिस के रोकने पर ग्रामीणों ने उन पर पथराव कर दिया। कुछ ग्रामीण कोतवाली पर हंगामा करने लगे और कुछ ग्रामीण शव लेकर यमुना एक्सप्रेसवे पर रौनीजा के पास पहुंच गए।
ग्रामीणों ने एक्सप्रेसवे पर शव रखकर जाम लगा दिया, जिससे वाहनों की कतारें लग गईं। हालात बिगड़ने पर सीओ, एसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह और एसएसपी डॉ. प्रितिंदर सिंह पहुंचे। करीब साढ़े तीन घंटे के बाद मांगें मानने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।
मोहालीपुर में फायरिंग और पथराव, 12 घायल
ग्रेटर नोएडा के जेवर कोतवाली के मोहबलीपुर गांव में सुबह दीवार लगाने को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट और पथराव हुआ। जिसमें दोनों पक्ष के 12 लोग घायल हो गए और कुछ को ग्रेनो तथा कुछ को नोएडा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रविवार सुबह करीब सात मोहबलीपुर में दीवार लगाने को लेकर गुरूदत्त और चंद्रपाल पक्ष में विवाद हो गया।
विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में लाठी-डंडे चले, पथराव होने लगा और फायरिंग भी हुई। मोहल्ले में भगदड़ मच गई। एक पक्ष से चंद्रपाल, रमेश, बल्देव, अमित, हरिशंकर, देवेंद्र, विष्णु तथा दूसरे पक्ष के गुरूदत्त किशन बिशन, चंचल और प्रिंस समेत कुल 12 लोग बुरी तरह घायल हो गए।
जिन्हें ग्रेनो तथा नोएडा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। दोनों पक्षों के 20 लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। गांव में तनाव देखते हुए पुलिस तैनात कर दी है और शांति बनाने की अपील की गई है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।