डॉक्टर ने सुसाइड नोट में लिखा नजीब जंग का नाम
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हल्द्वानी के सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. नवीन गुप्ता (40) ने मेडिकल कालेज परिसर के डी ब्लाक की चौथी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। प्रथमदृष्ट्या पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है।
लेकिन जिस तरह से डाक्टर का शव चित्त पड़ा मिला उससे पुलिस चकराई हुई है। डाक्टर के कमरे की तलाशी और उसकी जेब में पुलिस को तीन सुसाइड नोट मिले हैं।
चौकी प्रभारी को संबोधित नोट में दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग, जामिया की डीन डा. रागिनी, सुशीला तिवारी अस्पताल के प्राचार्य डा. आरसी पुरोहित के साथ ही विभाग के कई डाक्टरों के आरोप लगाए हैं।
जिसमें लिखा है कि इन लोगों ने उसकी पेन ड्राइव, पत्नी का सर्टिफिकेट गायब करने के अलावा उसका अकाउंट हैक कराया है। डाक्टर ने सुसाइड नोट में अपने को अंडरवर्ल्ड से भी खतरा बताया है।
पुलिस को डॉक्टर की जेब से मिले दो सुसाइड नोट
गाजियाबाद जिले के साहिबाबाद राजेंद्र नगर निवासी डा. नवीन गुप्ता पुत्र रमेश चंद्र गुप्ता ने पिछले साल 11 अगस्त को सुशीला तिवारी अस्पताल के फार्मोकोलाजी में ज्वाइन किया था।
वे मेडिकल कालेज परिसर के डी ब्लाक के टाइप थ्री बिल्डिंग के कमरा संख्या चार में रहते थे। शनिवार सुबह अखबार बांटने वाले ने उसका शव पड़ा होने की सूचना अन्य ब्लाक के निवासी चंदन को दी।
इसके बाद आसपास के लोगों और पुलिस को जानकारी मिली। पुलिस ने डाक्टर की जेब से दो सुसाइड नोट, पर्स से 13 हजार 900 रुपए, एटीएम, कार्ड, क्रेडिट कार्ड, डीएल सहित अन्य कागजात बरामद किए।
डाक्टर के पैर में हरे रंग के स्लीपर थे। डी ब्लाक की चौथी मंजिल का निरीक्षण करने पर पुलिस को कमरे और कार की चाबी मिली। इसी से पुलिस अनुमान लगा रही है कि डाक्टर चौथी मंजिल से कूदा होगा।
पुलिस कर रही सुसाइड नोट छिपाने की कोशिश
कमरे की तलाशी में बेड पर एक और सुसाइड नोट मिला। चौकी प्रभारी को संबोधित सुसाइड नोट में डाक्टर गुप्ता ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य और साथी डाक्टरों के अलावा जामिया मिलिया इस्लामिया की डीन डॉ. रागिनी के खिलाफ कार्रवाई करने की बात लिखी है। पुलिस इन नामों को देखते ही सुसाइड नोट छिपाने में जुट गई।
चौकी प्रभारी जीएस अधिकारी ने बताया कि तीन दिन पहले डाक्टर ने पेन ड्राइव की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। जिसमें विभागीय डाक्टरों को जिम्मेदार ठहरा था। पड़ोसी रेडियो टेक्नोलोजिस्ट एस जमा ने पुलिस को बताया कि नवीन की पत्नी अपने दोनों बच्चों के साथ शुक्रवार को अपने भाई महावीर के साथ मायके साहिबाबाद इंडस्ट्रियल स्टेट चली गई।
पुलिस ने कमरे को सील कर शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस घटना की तह तक जाने के लिए डाक्टर के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है। घटना के चलते मेडिकल कालेज के डाक्टर सकते में हैं।
जामिया मिलिया में भी रहे चुके हैं असिस्टेंट प्रोफेसर
डा. नवीन गुप्ता ने 11 अगस्त 2014 को मेडिकल कालेज के फार्मोकोलाजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर ज्वाइन किया था। डा. गुप्ता ने 27 मार्च 2014 को जामिया मिलिया इस्लामिया डेंटल कालेज से त्यागपत्र दिया था।
डा. गुप्ता जामिया मिलिया इस्लामिया डेंटल कालेज में चार वर्षों तक फार्मोकोलाजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर थे। उन्होंने नौकरी के दौरान कई बार वहां से इस्तीफा भी दिया था। डा. गुप्ता के पिता रमेश गुप्ता ने वरिष्ठ अधिकारियों से अनुरोध कर इस्तीफा वापस कराया था। डा. गुप्ता चंडीगढ़ के एक मेडिकल कालेज में भी तीन माह तक रहे।
27 मार्च 2014 को जामिया मिलिया इस्लामिया डेंटल कालेज छोड़ दिया था। उन्होंने 11 अगस्त 2014 को मेडिकल कालेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर ज्वाइन किया। लगभग पांच माह के कार्यकाल के दौरान पत्नी के इलाज के लिए लगभग दो माह तक अवकाश पर रहे।
हल्द्वानी में सुइसाइड, सख्ते में जामिया
डॉ. नवीन गुप्ता के सुइसाइड से जामिया मिल्लिया इस्लामिया में काफी हैरानी भरा माहौल है। डॉ. नवीन गुप्ता के सुइसाइड की खबर जामिया में फैलते ही कोई भी कुछ भी बताने से इंकार कर रहा है। क्योंकि सुइसाइड नोट में पांच प्रोफेसर समेत पूर्व कुलपति व उपराज्यपाल नजीब जंग का भी नाम लिखा है।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में बैचलर ऑफ डेंटल में डॉ. नवीन गुप्ता कुछ महीने पहले तक कार्यरत थे, लेकिन बाद अन्य नौकरी मिलने के चलते स्वेच्छा से छोड़कर चले गए थे। शनिवार को हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में उन्होंने सुइसाइड कर लिया और नोट में जामिया के कुछ प्रोफेसर के नाम भी आए हैं, जिसमें बीडीएस की डीन डॉ. रागिनी का नाम भी शामिल है।
जामिया के प्रवक्ता के मुताबिक
डॉ. नवीन गुप्ता बीडीएस में फैकल्टी रहे थे और स्वेच्छा से नौकरी से इस्तीफा दिया था। जामिया प्रबंधन को उन्होंने बेहतर नौकरी मिलने के बाद नौकरी से इस्तीफा मंजूर करने की गुजारिश की थी। इसके अलावा पूरी सूचना के बगैर अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।