मैक्स अस्पताल को कोर्ट की झिड़की, पूरा इलाज करने को कहा
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दिल्ली हाईकोर्ट ने रैबीज से पीड़ित 24 वर्षीय युवती का इलाज करने से मना करने पर मैक्स अस्पताल के प्रति नाराजगी जताई है। अदालत ने अस्पताल प्रशासन को युवती को उचित इलाज देने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति मनमोहन ने कविता जोशी की याचिका का अस्पताल प्रशासन से पूछा कि वो युवती का इलाज किस आधार पर अधूरा छोड़ सकते हैं। अदालत ने अस्पताल के उस तर्क को भी गलत ठहराया, जिसमें उसने रैबीज का इन्फेक्शन पूरे अस्पताल में फैलने की बात कही थी।
अस्पताल ईलाज करने से बच रहा था
वहीं, दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने भी अदालत को बताया कि उन्होंने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को कविता जोशी को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश जारी कर दिया है।
इससे पहले कविता के वकील आरके सैनी ने अदालत को बताया कि उनकी मुवक्किल एक निजी कंपनी में सहायक एकाउंटेंट हैं। अप्रैल में उन्हें कुत्ते ने काट लिया था, जिससे वो रैबीज से पीड़ित हो गईं।
5 मई को उन्हें पटपड़गंज स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया। अगले दिन अस्पताल स्टाफ ने उनको किसी अन्य अस्पताल में ले जाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया था।