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दोबारा पोस्टमार्टम में भी नहीं मिला बच्चियों के शरीर में फैट, कंकाल से कम नहीं था बच्चियों का शरीर

Thu, 26 Jul 2018 04:00 AM IST
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 26 Jul 2018 04:00 AM IST
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Do not get fat in childrens body again in post mortem on Death of 3 girl aggravated with hunger
3 girls death
मंडावली इलाके में मंगलवार रात हुई तीन बच्चियों की मौत के मामले में दोबारा कराए गए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत की वजह भोजन नहीं मिलना बताया गया है। लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने दोबारा बुधवार को पूर्वी दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से बच्चियों का पोस्टमार्टम कराया। 
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फोरेंसिक विशेषज्ञों ने किसी जहरीले पदार्थ से मौत होने से इनकार कर दिया। साथ मेडिकल टीम ने कहा है कि तीनों बच्चियों के पेट में फैट नहीं मिला है। अंदेशा है कि इन बच्चियों को कई दिन से खाना नहीं मिला है। टीम ने बच्चियों का बिसरा रोहिणी स्थित एफएसएल लैब को भेज दिया है। बुधवार देर रात एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि पेट में अन्न और फैट दोनों नहीं थे। इन बच्चियों की शारीरिक स्थिति भी कुपोषण की ओर इशारा कर रही है। 
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काफी दिन से नहीं मिल रहा था पोषक आहार
डॉक्टरों की मानें तो आमतौर पर कोई इंसान जब भी आहार लेता है तो उसके शरीर के एक हिस्से में फैट जमा होता है। जब भी वह इंसान भूखा रहता है तो शरीर उस फैट को ऊर्जा के लिए लेने लगता है, लेकिन अगर किसी व्यक्ति के शरीर में फैट ही न हो तो इसका मतलब स्पष्ट है कि वह लंबे समय से पोषक आहार नहीं ले रहा। इन बच्चियों के मामले में भी ऐसा ही है। 
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पोस्टमार्टम टेबल पर मासूम को देख ठहर गए डॉक्टर
बताया जा रहा है कि जीटीबी अस्पताल में जब मेडिकल बोर्ड की निगरानी में फॉरेसिंक डॉक्टरों की टीम पोस्टमार्टम गृह में पहुंची तो वे ठहर से गए। पीएम टेबल पर महज दो साल की बच्ची को देख वे कुछ देर तक स्तब्ध थे, उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वे क्या करें? बाद में बाहर आने के बाद उन्होंने अस्पताल के अन्य स्टॉफ से अपने दुख को साझा भी किया।


डॉक्टरों का यह भी कहना है कि पोस्टमार्टम के दौरान तीनों में से सबसे छोटी बच्ची का शरीर ज्यादा कमजोर दिखाई पड़ रहा था। उसके हाथ-पैर एकदम कंकाल नुमा दिख रहे थे। जबकि दूसरी बच्ची, जिसकी उम्र करीब चार साल के आसपास होगी। उसके गाल अंदर चेहरे में घुसे हुए थे। 
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