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सिर्फ डेढ़ रुपये में चलती है यूपी पुलिस की गाड़ी!

Mon, 17 Aug 2015 03:18 PM IST
Updated Mon, 17 Aug 2015 03:18 PM IST
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Do not be surprised in just one and a half rupies moving UP cop vehicle

महंगाई के इस दौर में एक ऐसा भी विभाग है जिनके कर्मचारियों की सैलरी के साथ मिलने वाले भत्तों के बारे में जानकर आप हैरान हो जाएंगे।

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अभी भी उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग के कांस्टेबल को डेढ़ रुपये तो सब इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर रैंक को 23 रुपये रोजाना के हिसाब से कनवेंस अलाउंस मिलता है।

जबकि पेट्रोल की कीमत करीब 70 रुपये और डीजल 50 रुपये प्रति लीटर है। वहीं अगर हम उनके रहन-सहन की बात करें तो शायद उन्हें मिलने वाले भत्ते पर भरोसा करना और मुश्किल है।

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23 प्रतिदिन में खाना होता है संतुलित भोजन

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एक कांस्टेबल को पुष्ट आहार के नाम पर 23 रुपये प्रति दिन के हिसाब से प्रति माह 700 रुपये मात्र मिलते हैं। वहीं सब इंस्पेक्टर को मात्र 800 रुपये प्रति माह पुष्ट आहार के नाम पर दिए जाते हैं।


वहीं महंगाई के इस दौर में उत्तर प्रदेश सरकार प्रत्येक कांस्टेबल को मात्र 1800 रुपये प्रति वर्ष वर्दी भत्ते के नाम पर देती है। वहीं सब इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर को 1200 रुपये मात्र दिए जाते हैं।

हैरानी की बात तो यह है कि प्रत्येक पीसीआर वैन या सरकारी पुलिस जीप को गश्त लगाने के लिए सरकार की तरफ से मात्र 210 लीटर डीजल प्रति माह दिया जाता है। यानी पीसीआर वैन को अपने इलाके में रोजाना गश्त लगाने के लिए सात लीटर डीजल दिया जाता है।

वाकई में पुलिसकर्मियों ही हो रही दुर्दशा

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वहीं वितुल कुमार, आईजी स्थापना, डीजीपी मुख्यालय कहते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार से पुलिसकर्मियों को दिए जाने वाले भत्ते समय-समय पर रिवाइज होते रहते हैं। अन्य प्रदेशों से भी तुलना करने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश में हो सकता है कि अन्य प्रदेशों में यह भी भत्ता न दिया जा रहा हो।


पुलिस रिफॉर्म के लिए हम हमेशा बात करते हैं। मगर पुलिसकर्मियों की काफी दुर्दशा है। ऐसे में उनके भत्तों को बढ़ाने की जरूरत है। साथ ही अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भर्ती भी करनी चाहिए।

पूर्व डीजीपी उत्तर प्रदेश के मुताबिक सरकारी पुलिस गाड़ी को चलाने के लिए मिलने वाले ईंधन भी न के बराबर होता है।

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