{"_id":"5c54373cbdec224b6317af29","slug":"dnd-flyway-closed-due-to-farmers-agitation","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जमीन अधिग्रहण की जांच को लेकर किसानों ने किया दिल्ली कूच, जाम से जूझती रहीं शहर की सड़कें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जमीन अधिग्रहण की जांच को लेकर किसानों ने किया दिल्ली कूच, जाम से जूझती रहीं शहर की सड़कें
Fri, 01 Feb 2019 05:40 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 01 Feb 2019 05:40 PM IST
विज्ञापन
डीएनडी पर किसानों का प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जमीन अधिग्रहण की जांच की मांग को लेकर दिल्ली कूच करने निकले किसानों का काफिला जाम का सबब बन गया। डीएनडी फ्लाईवे के टोल प्लाजा के पास किसानों की भारी भीड़ जुटने से देर शाम तक शहर की सड़कें जाम से जूझती रहीं। किसानों के दिल्ली पड़ाव की खबर ने दिनभर पुलिस को परेशान रखा।
विज्ञापन
पूर्व सूचना के मुताबिक सुबह 10 बजे किसानों का जत्था नोएडा पहुंचना था। ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी कर वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करने की अपील की। लेकिन ट्रैक्टर, ट्रॉलियों में सवार होकर किसान शाम करीब चार बजे डीएनडी फ्लाईवे पर पहुंचे। सुबह से ही नोएडा और दिल्ली पुलिस अलर्ट नजर आई।
विज्ञापन
किसान नेता मनवीर तेवतिया के नेतृत्व में जेवर से वाया एक्सप्रेसवे नोएडा पहुंची किसानों की भीड़ से यातायात व्यवस्था बिगड़नी शुरू हो गई। डीएनडी पर दिल्ली पुलिस ने किसानों को अपनी सीमा में प्रवेश नहीं करने दिया। किसान प्रधानमंत्री आवास जाने पर अड़े रहे। इस बीच डीएनडी से लेकर रजनीगंधा चौराहा, टी-सीरीज चौराहा और हरौला, डीएससी मार्ग, फिल्म सिटी फ्लाईओवर, सेक्टर-18 तक लंबा जाम लग गया।
विज्ञापन
ग्रेटर नोएडा से डीएनडी जाने का रास्ता बंद होने से स्थिति बिगड़ गई और एक्सप्रेसवे तक कतारें लग गईं। दिल्ली की ओर से एक्सप्रेसवे जाने वाले वाहन भी जाम में फंस गए। पुलिस और प्रशासन किसानों को मनाने में जुटे रहे, लेकिन किसान देर शाम तक डीएनडी टोल के पास डटे रहे।
शाम को एक प्रतिनिधिमंडल को दिल्ली जाने की अनुमति दी गई, लेकिन किसान डीएनडी से वापस जाने को तैयार नहीं थे। खबर लिखे जाने तक धरना जारी रहा। मौके पर ही किसानों ने खाना बनाना शुरू कर दिया। ट्रैक्टरों व अन्य वाहनों से आए किसानों के कारण लोगों को काफी परेशान हुई।
कौन हैं मनवीर तेवतिया
दरअसल, यमुना एक्सप्रेसवे के लिए जब जमीन का अधिग्रहण हुआ था और टप्पल में निजी बिल्डर को टाउनशिप के लिए जमीन दी गई थी तो मनवीर तेवतिया ने वहां आंदोलन शुरू कर दिया था। काफी विवाद के बाद किसान वहां से उठकर भट्टा पारसौल पहुंचे और मनवीर के नेतृत्व में आंदोलन शुरू हुआ। 2011 में किसानों व पुलिस का आमना सामना होने पर तत्कालीन डीएम को गोली लगी थी और एक सिपाही व किसान की मौत भी हो गई थी। कई घायल हो गए थे।
इसके बाद किसानों के खिलाफ पुलिस ने अभियान चलाया था। मनवीर समेत कई लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। मनवीर की शुरू से ही मांग रही है कि जहां भी जमीन का अधिग्रहण हो, वहां 80 फीसदी जमीन का मालिक किसान होना चाहिए। हर प्रोजेक्ट में हिस्सेदार हो ताकि परिवार का लालन पालन हो सके। प्राधिकरण या किसी अन्य की बिचौलिये की भूमिका नहीं होनी चाहिए। किसानों को नौकरी समेत तमाम सुविधाएं मिलनी चाहिए।