दिल्ली मेट्रो ने फिर तोड़ा एलिवेटिड क्रॉसिंग का रिकॉर्ड
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दिल्ली मेट्रो ने एलिवेटिड क्रॉसिंग की ऊंचाई का नया रिकॉर्ड बनाया है। डीएमआरसी ने निर्माणाधीन मुकुंदपुर-शिव विहार लाइन पर साउथ कैंपस से दिल्ली कैंट को जोड़ने के लिए 23.6 मीटर की ऊंचाई पर एलिवेटिड क्रॉसिंग बनाई गई है।
यह एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो लाइन के ऊपर बनाई गई है। इसकी ऊंचाई सात मंजिल भवन के बराबर है। खास बात यह है कि यहां डीएमआरसी ने एयरपोर्ट मेट्रो व सड़क पर वाहनों की रफ्तार को रोके बगैर रात 12:30 बजे से सुबह 4 बजे के बीच निर्माण पूरा किया।
डीएमआरसी को साउथ कैंपस से दिल्ली कैंट को जोड़ने के लिए यह क्रॉसिंग बनानी पड़ी, क्योंकि लाइन के नीचे एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो लाइन का एलिवेटिड ट्रैक गुजर रहा है। इसके अलावा इसी के बीच रिंग रोड भी पड़ता है। इसी सड़क से इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत गुड़गांव का ट्रैफिक निकलता है।
मेट्रो के पहिये रुकते ही शुरू होता था काम
एलिवेटिड क्रॉसिंग के निर्माण को सीसीटीवी कैमरों में कैद किया गया है। इस दौरान ऑपरेशनल टीम लगातार निगरानी में जुटी रही। रात को जब एयरपोर्ट मेट्रो का संचालन थम जाता था तो इंजीनियरिंग टीम निर्माण में जुट जाती थी।
नीचे मौजूद एयरपोर्ट मेट्रो के ओएचई तार पर यदि निर्माण का एक छोटे सा पत्थर भी गिर जाता तो तार टूट सकती थी और एयरपोर्ट मेट्रो की रफ्तार थम जाती। निर्माण रुकने के बाद रोजाना ऑपरेशनल टीम के विशेषज्ञ ओएचई व ट्रैक को जांचने के बाद ही एयरपोर्ट मेट्रो चलाने की हरी झंडी देते थे।
खास बातें
-पहली बार निर्माण के दौरान नीचे गुजर रही लाइन के ट्रैक को सुरक्षित रखने के लिए छह सिविल इंजीनियर, दो सेफ्टी एक्सपर्ट मौजूद रहे।
-एलिवेटिड क्रॉसिंग के निर्माण को सीसीटीवी में रिकॉर्ड कर उसका अध्ययन भी किया जा रहा है, ताकि आगे तकनीक में सुधार किया जा सके।
-37 मीटर लंबे स्पेन का किया गया प्रयोग। ताइवान की तकनीक के तहत स्टील स्पेन इस्तेमाल किया गया।
कड़कड़डूमा का टूटा रिकॉर्ड
दिल्ली मेट्रो ने इससे पहले कड़कड़डूमा मेट्रो स्टेशन पर क्रॉसिंग ओवर का 19 मीटर ऊंचाई पर निर्माण करके रिकॉर्ड बनाया था, जो इसी लाइन पर स्थित है।
यह रिकॉर्ड इसी साल अप्रैल माह में बना था। डीएमआरसी के कई प्रोजेक्ट अभी आने वाले हैं जो 2016 तक पूरे होंगे। इनमें भी कुछ बड़े रिकॉर्ड सामने आ सकते हैं।
डीएमआरसी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (कम्युनिकेशन) अनुज दयाल ने कहा कि डीएमआरसी के इतिहास में यह यादगार पल है। भारतीय इंजीनियरों ने एयरपोर्ट एक्सप्रेस मेट्रो लाइन समेत रिंग रोड की रफ्तार थामे बगैर यात्रियों को असुविधा से बचाते हुए एलिवेटिड ट्रैक के ऊपर नए एलिवेटिड ट्रैक के निर्माण कार्य में नया रिकॉर्ड बनाने में सफलता हासिल की है।